दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौज रानी इलाके में बुधवार सुबह एक पांच मंजिला होटल फ्लोरिश स्टे बी एंड बी में लगी भीषण आग ने 21 लोगों की जान ले ली। मृतकों में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की बताई जा रही है। हादसे में 19 से अधिक लोग घायल हुए हैं जिनमें कई की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में होटल में बड़े पैमाने पर नियमों के उल्लंघन और फायर सुरक्षा में गंभीर लापरवाही के संकेत मिले हैं।
दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल के अनुसार, हौज रानी स्थित होटल में सुबह करीब 8:30 बजे आग लगने की सूचना मिली। देखते ही देखते आग और घना धुआं पूरी इमारत में फैल गया। होटल में उस समय करीब 40 लोग मौजूद थे। स्थानीय लोगों, पुलिस और दमकल विभाग ने संयुक्त अभियान चलाकर लगभग 40 लोगों को बाहर निकाला, लेकिन 21 लोगों को बचाया नहीं जा सका।

एक ही प्रवेश-निकास मार्ग बना मौत का जाल
अधिकारियों के मुताबिक इमारत में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक ही रास्ता था। आग फैलने के बाद वही रास्ता धुएं और लपटों से भर गया, जिससे लोग अंदर फंस गए। भवन में बेसमेंट, भूतल और पांच मंजिलें थीं। भूतल पर रेस्तरां संचालित था जबकि ऊपर के हिस्से का उपयोग होटल के रूप में किया जा रहा था।
जान बचाने के लिए तीसरी मंजिल से कूदे लोग
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग फैलते ही लोग खिड़कियों के शीशे तोड़कर मदद मांगने लगे। स्थानीय निवासियों ने सड़क पर गद्दे बिछाकर बचाव कार्य में मदद की। कई लोग ऊपरी मंजिलों से कूदे। एक महिला अपने बच्चे को गोद में लेकर तीसरी मंजिल से कूद गई। दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

मैक्स, एम्स और सफदरजंग में भर्ती कराए गए घायल
हादसे के बाद घायलों को मैक्स अस्पताल, एम्स, मदन मोहन मालवीय अस्पताल और सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। मैक्स अस्पताल में 39 लोगों को लाया गया, जिनमें 18 को मृत घोषित कर दिया गया। 15 मरीज आईसीयू में भर्ती हैं और आठ वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। एम्स में भी कई घायलों का इलाज चल रहा है। अधिकांश लोग धुएं से दम घुटने, झुलसने और इमारत से कूदने के कारण घायल हुए हैं।
जांच में बड़ा खुलासा: छह कमरों की अनुमति, चल रहे थे 25 कमरे
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि होटल को दिल्ली सरकार की बेड एंड ब्रेकफास्ट नीति के तहत केवल छह कमरों की अनुमति मिली थी, लेकिन वहां 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे। बेसमेंट में भी कमरे बनाए गए थे। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि होटल के पास वैध फायर एनओसी थी या नहीं। घटनास्थल के आसपास की संकरी गलियां, एक-दूसरे से सटी इमारतें और लटकते बिजली के तार राहत एवं बचाव कार्य में बाधा बने। दमकल कर्मियों को धुएं से भरी इमारत में घंटों तक तलाशी अभियान चलाना पड़ा।

होटल मालिक गिरफ्तार, कई पहलुओं पर जांच
हादसे के बाद पुलिस ने होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसियां आग लगने के कारण, होटल संचालन की वैधता, फायर सुरक्षा मानकों के पालन और संभावित प्रशासनिक लापरवाही की जांच कर रही हैं।
शोक की लहर, सरकार ने जांच के आदेश दिए
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने हादसे पर शोक व्यक्त किया है। दिल्ली सरकार, एमसीडी और उपराज्यपाल कार्यालय ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। उपराज्यपाल ने राजधानी में होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की फायर सेफ्टी जांच के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए हैं।
शवों की पहचान में भी मुश्किल
कई शव इतने बुरी तरह झुलस चुके हैं कि उनकी पहचान करना कठिन हो रहा है। अस्पतालों के बाहर परिजनों की भीड़ जुटी रही। कई परिवार अपने लापता रिश्तेदारों की तलाश में एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल के चक्कर लगाते रहे। प्रशासन डीएनए और अन्य प्रक्रियाओं के जरिए पहचान सुनिश्चित करने की तैयारी कर रहा है।










