उत्तराखंड की सामरिक और प्राकृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नीति घाटी ने शनिवार को एक ऐतिहासिक अध्याय रच दिया। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी), भारतीय सेना, आईटीबीपी और जिला प्रशासन चमोली के सहयोग से आयोजित नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। देश के 27 राज्यों से आए 1,200 से अधिक प्रतिभागियों ने सीमांत क्षेत्र की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। आयोजन के पहले दिन आयोजित 75 किलोमीटर अल्ट्रा रन में पुरुष वर्ग में डिगेम्बर सिंह और महिला वर्ग में मीनाक्षी नेगी विजेता रहीं जबकि 42 किलोमीटर मैराथन में पुरुष वर्ग में यश राज और महिला वर्ग में दीया ने पहला स्थान हासिल किया।
75 किलोमीटर की दौड़ रिमखिम से नीति होते हुए मलारी तक आयोजित हुई, जिसमें 160 धावकों ने हिस्सा लिया। इस चुनौतीपूर्ण श्रेणी में पुरुष वर्ग में दिगंबर सिंह ने 5 घंटे 15 मिनट 51 सेकंड का समय लेकर पहला स्थान प्राप्त किया। अर्जुन प्रधान दूसरे और विजय सिंह तीसरे स्थान पर रहे। महिला वर्ग में मीनाक्षी नेगी ने 6 घंटे 23 मिनट 55 सेकंड के समय के साथ जीत दर्ज की। मीना कुमारी सुब्बा दूसरे और फलेश्वरी राजवावे तीसरे स्थान पर रहीं।

इसी प्रकार 42 किलोमीटर मैराथन मलारी-नीति-मलारी मार्ग पर आयोजित हुई, जिसमें 155 प्रतिभागियों ने भाग लिया। पुरुष ओपन वर्ग में यश राज ने 2 घंटे 52 मिनट का समय लेकर पहला स्थान हासिल किया। सत्यम दूसरे और महेंद्र सिंह बिष्ट तीसरे स्थान पर रहे। महिला वर्ग में दीया ने 3 घंटे 47 मिनट 56 सेकंड का समय लेकर शीर्ष स्थान प्राप्त किया, जबकि अर्पिता सैनी दूसरे और अंजू तीसरे स्थान पर रहीं।
40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की 42 किलोमीटर दौड़ में पुरुष वर्ग में सतपाल विजेता रहे। महेश यादव दूसरे और कलाम सिंह बिष्ट तीसरे स्थान पर रहे। महिला वर्ग में मीना कंडारी ने पहला स्थान प्राप्त किया। सुष्मिता राय दूसरे और शांति राय तीसरे स्थान पर रहीं। 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में थॉमस पी.सी. ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि मुकेश राणा और सतीश चंद्रा क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। 75 किलोमीटर की 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की प्रतियोगिता में चरण सिंह विजेता बने। कर्नल कृष्ण बधवार दूसरे और कर्नल रतन सिंह सोनल तीसरे स्थान पर रहे। महिला वर्ग में आशा सिंह ने पहला स्थान प्राप्त किया। 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में कृष्णा तामांग विजेता रहे, जबकि माही पाल सिंह और शिवेंद्र सिंह बिष्ट क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।

करीब 11 हजार फीट की ऊंचाई पर आयोजित इस आयोजन का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से किया। वहीं आयोजन स्थल पर ध्वजारोहण कैबिनेट मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी ने किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन सीमांत क्षेत्रों में नई ऊर्जा, नए अवसर और नए विश्वास का संचार करने वाला आयोजन है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिट इंडिया मिशन और वाइब्रेंट विलेज संकल्प को सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचाने में यह आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति घाटी का यह जागरण केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सीमांत क्षेत्रों के स्वाभिमान और स्वावलंबन की नई इबारत है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रकार के आयोजन सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति देंगे।
ध्वजारोहण के अवसर पर कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन सीमांत गांवों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसर भी सृजित करेंगे।
कार्यक्रम में सचिव गृह एवं सचिव मुख्यमंत्री शैलेश बगोली, सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल, जिला पंचायत अध्यक्ष चमोली दौलत सिंह बिष्ट, बद्री-केदार मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, नगर पालिका अध्यक्ष गोपेश्वर संदीप रावत, मुख्यमंत्री प्रतिनिधि दलबीर दानू, गढ़वाल स्काउट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल शांतनु बौरी, दर्जा राज्यमंत्री हरक सिंह, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी और जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ सहित अनेक गणमान्य मौजूद रहे।

1200 से अधिक प्रतिभागियों ने कराया पंजीकरण
प्रतियोगिता में कुल 1,200 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। इनमें 75 किलोमीटर अल्ट्रा रन में 160, 42 किलोमीटर मैराथन में 155, 21 किलोमीटर हाफ मैराथन में 215, 10 किलोमीटर शॉर्ट रन में 210 और 5 किलोमीटर फन रन में 260 प्रतिभागी शामिल हैं। इसके अलावा 2 जून को आयोजित होने वाले 30 किलोमीटर एमटीबी चैलेंज में 100 प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। इस प्रकार दौड़ प्रतियोगिताओं में 1,100 और एमटीबी प्रतियोगिता में 100 प्रतिभागियों सहित कुल भागीदारी 1,200 से अधिक रही है।

चमका होम स्टे का बिजनेस
यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘वाइब्रेंट विलेज’ योजना से भी जुड़ा हुआ है। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के अनुसार, इसकी शुरुआत गत वर्ष 2 नवंबर को पिथौरागढ़ के आदि कैलाश में आयोजित उच्च हिमालयी मैराथन से हुई थी। परिषद का दावा है कि नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन की घोषणा के बाद मात्र चार महीनों में नीति घाटी में पंजीकृत होमस्टे की क्षमता 35 कमरों से बढ़कर 450 से अधिक कमरों तक पहुंच गई है। इसे सीमांत क्षेत्र में रिवर्स माइग्रेशन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण का उदाहरण माना जा रहा है। आयोजन स्थल पर स्थानीय व्यंजन, हस्तशिल्प, पारंपरिक वेशभूषा, जड़ी-बूटी और फोटोग्राफी प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। शनिवार रात मलारी गांव में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में उत्तराखंड के लोकप्रिय लोकगायक किशन महिपाल, संकल्प खेतवाल और प्रियंका महर ने प्रस्तुति देकर प्रतिभागियों और स्थानीय लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आगामी कार्यक्रमों के तहत 1 जून को 5 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 21 किलोमीटर हाफ मैराथन प्रतियोगिताओं के साथ पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा। वहीं 2 जून को गमसाली से मलारी तक 30 किलोमीटर एमटीबी चैलेंज और उसके पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का आयोजन होगा।









