मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को पौड़ी गढ़वाल दौरे के दौरान जिले को विकास और शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सौगात दी। उन्होंने श्रीनगर रोड स्थित नवनिर्मित डॉ. अंबेडकर जिला विज्ञान संग्रहालय का उद्घाटन किया और कंडोलिया महोत्सव का शुभारंभ करते हुए इसे राजकीय महोत्सव के रूप में विकसित किए जाने की घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 110.55 करोड़ रुपये की लागत वाली 19 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया।
मुख्यमंत्री ने विज्ञान संग्रहालय का निरीक्षण कर वहां स्थापित आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों, इंटरएक्टिव मॉडलों और विज्ञान आधारित प्रदर्शनों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय केवल प्रदर्शनी केंद्र नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और युवाओं के लिए विज्ञान शिक्षा और नवाचार का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। यहां छात्र-छात्राएं प्रयोगों और गतिविधियों के माध्यम से विज्ञान को व्यवहारिक रूप से समझ सकेंगे।

संग्रहालय भ्रमण के दौरान विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने मुख्यमंत्री को वैज्ञानिक प्रदर्शनों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनकी जिज्ञासाओं को जाना और विज्ञान, अंतरिक्ष, ऊर्जा, पर्यावरण तथा तकनीकी नवाचारों से जुड़े प्रदर्शनों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थान बच्चों में वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान की भावना और नवाचार को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कंडोलिया मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। रामलीला मैदान में आयोजित कंडोलिया महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि इस महोत्सव को भविष्य में राजकीय महोत्सव के रूप में विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कंडोलिया महोत्सव उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि जनपद में शुरू की गई विकास परियोजनाएं क्षेत्रीय आधारभूत ढांचे को मजबूत करेंगी और आम लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को समान महत्व देते हुए आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार हाउस ऑफ हिमालय, एक जनपद-दो उत्पाद योजना, मिलेट मिशन, नई पर्यटन एवं फिल्म नीति, स्वरोजगार और होमस्टे योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं के हितों को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इसके परिणामस्वरूप पिछले चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सरकारी नौकरियां मिली हैं। उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी), धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून और सख्त भू-कानून को राज्य की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक समरसता को मजबूत करने वाले निर्णय बताया।










