उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच चल रहे विवाद की जांच के लिए एसआईटी (SIT) गठित कर दी गई है। रेखा आर्या ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर पति पर जान से मारने की साजिश रचने का आरोप लगाया था। उन्होंने एक महिला के साथ गिरधारी लाल की बातचीत का ऑडियो भी जारी किया था। इसके बाद मंत्री ने पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। उनके पति ने भी जवाबी वीडियो जारी कर रेखा आर्या पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए।
गुरुवार को वीडियो जारी करने के बाद रेखा आर्या की तबियत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार को एसपी देहात जया बलूनी की अध्यक्षता में दस सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया है।

SIT में कौन-कौन?
एसपी देहात जया बलूनी, अनुज कुमार (क्षेत्राधिकारी सहसपुर/विवेचक), कैलाश चंद्र भट्ट (प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर), एसआई संदीप कुमार (प्रभारी एसओजी नगर, देहरादून।) एएसआई विनयता चौहान (कोतवाली डालनवाला), एसआई कमलेश गौड़ (थाना कैंट), एसआई संदीप कुमार (कोतवाली नगर) हे. का. किरन कुमार (एसओजी नगर, देहरादून) और संजीत कुमार (थाना कैंट) एसआईटी में शामिल हैं।
पति पर जालसाजी और जान से मारने की साजिश का आरोप
रेखा आर्या की शिकायत के आधार पर कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। कैबिनेट मंत्री की शिकायत के मुताबिक, उनका विवाह वर्ष 2004 में बरेली निवासी गिरधारी लाल साहू से हुआ था। आरोप है कि साहू ने अपनी पहली शादी की बात उनसे छिपाई थी। पहली शादी से उनके बच्चे भी हैं। रेखा आर्या का कहना है कि जब उन्हें इस बारे में पता चला, तब तक उनके भी बच्चे हो चुके थे। ऐसे में लोक-लिहाज के चलते उन्होंने इस मामले में चुप रहना उचित समझा।
शिकायत में मंत्री ने आरोप लगाया है कि पिछले कुछ समय से उनके पति का व्यवहार बदलने लगा था। बाद में उन्हें साहू के दूसरी महिलाओं से संबंध होने की जानकारी मिली। इस पर आपत्ति जताने के बाद साहू ने मौखिक और लिखित रूप से माफी भी मांगी थी। मंत्री का आरोप है कि अब उनके पति एक अन्य महिला के साथ मिलकर उन्हें जान से मारने की साजिश रच रहे हैं।
रेखा आर्या ने दस्तावेजों में कथित जालसाजी का मामला भी उठाया है। उनका आरोप है कि उनके फर्जी हस्ताक्षर कर कई दस्तावेज तैयार किए गए और उन्हें विभिन्न पदों से हटा दिया गया, जबकि उन्होंने किसी भी पद से त्यागपत्र नहीं दिया था।
मंत्री ने अपनी शिकायत में जातिगत प्रताड़ना का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि वह अनुसूचित जाति से आती हैं, जबकि उनके पति दूसरी जाति से हैं।
गिरधारी का जवाबी वीडियो और मंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप
गिरधारी लाल साहू ने भी इस मामले में वीडियो जारी कर खुद पर लगे आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने उस ऑडियो को एआई जेनरेटेड बताया है, जिसे रेखा आर्या ने जारी किया था। साहू का दावा है कि ऑडियो को परिवार में विवाद पैदा करने के लिए बनाया है। उन्होंने रेखा आर्या से कैंट थाने में दी गई तहरीर वापस लेने की मांग भी की है।
वीडियो में गिरधारी लाल साहू ने रेखा आर्य पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें सत्ता और पद पर हमेशा बने रहने का भरोसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। साहू ने कहा कि रेखा आर्य यह भूल गई हैं कि उन्होंने उनके जीवन में आगे बढ़ने में किस तरह भूमिका निभाई। साहू ने यह भी कहा कि पूरा उत्तराखंड उनके बारे में जानता है।
गिरधारी लाल ने वीडियो में कहा, ‘हो सकता है आज तुम ताकत में हो, लेकिन तुम वो दिन भूल गई कि मैंने तुम्हें कहां से कहां पहुंचा दिया, रोड पर खड़ी महिला को मैंने कहां पहुंचा दिया। ये बात पूरे उत्तराखंड को मालूम है कि एक सड़क पर खड़ी हुई महिला को, जो शादी के बाद दो सलवार-कुर्ता में आईं थी उसे मैंने कहां से कहां पहु्ंचा दिया। आज आप मेरे ऊपर आक्रमण कर रही हो। मैं बहुत ईमानदारी से कह रहा हूं, कि यदि तुमने अपनी फर्जी तहरीर और बयान वापस नहीं लिया तो भोले बाबा तुमसे चुन-चुनकर हर चीज का हिसाब लेंगे।’
वीडियो के अंत में साहू ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अपनी पत्नी के भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कराने की मांग की और उन्हें याद दिलाया कि वो एकबार पहले भी उनसे इस बारे में शिकायत कर चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘मेरे मुख्यमंत्री जी आप मेरे मित्र भी हैं, मेरे भाई भी हैं, मैं आपसे अपील करना चाहूंगा कि आप न्याय करें।’
साहू ने कहा, ‘मुख्यमंत्री जी अगर आपको ध्यान हो तो इनके भ्रष्टाचार की शिकायत मैंने आपसे भी की थी, कि ये भ्रष्टाचार करना नहीं मान रही हैं और इससे बहुत बदनामी हो रही है। जिसके बाद आपने इनको डांट भी लगाई थी। तो मेरी आपसे प्रार्थना है कि किसी भी एजेंसी से इनकी जांच करा लो, जिस महिला के पास 5 रुपए ना हो, आज उसके पास 210 करोड़ रुपए की संपत्ति अवैध रूप से है, जिसको मैं विस्तार से बताने का काम करूंगा।










