एक अभिनव पहल करते हुए हिंदू नववर्ष के अवसर पर उत्तराखंड के सूचना एवं लोक संपर्क विभाग (DIPR) ने पहली बार पंचांग कैलेंडर का प्रकाशन किया है। इस कैलेंडर को जारी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड अपनी सनातन परंपराओं, धार्मिक आस्थाओं और सांस्कृतिक मूल्यों के लिए देश-विदेश में विशिष्ट पहचान रखता है। यहां की परंपराएं केवल आस्था का विषय नहीं हैं, बल्कि यह हमारी जीवनशैली, सामाजिक संरचना और सांस्कृतिक चेतना का अभिन्न अंग हैं। ऐसे में पंचांग कैलेंडर का प्रकाशन राज्य की इस गौरवशाली विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम…
Author: teerandaj
EPFO : देश में बढ़ती महंगाई और जीवन यापन की लागत के बीच 1000 रुपये मासिक पेंशन में गुजारा करना पेंशनभोगियों के लिए दिन ब दिन मुश्किल होता जा रहा है। इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए संसद की स्थायी समिति ने सरकार से कर्मचारी पेंशन योजना 1995 (ईपीएस-95) के तहत न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की सिफारिश की है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मौजूदा समय में यह राशि पूरी तरह अपर्याप्त है और इसे तुरंत बढ़ाया जाना चाहिए। समिति ने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि बढ़ते स्वास्थ्य खर्च, दवाइयों की कीमतों में इजाफा और रोजमर्रा…
Uttarakhand के ऊर्जा क्षेत्र में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। शासन ने उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) और उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) में शीर्ष स्तर पर बदलाव करते हुए नए प्रबंध निदेशकों (एमडी) की नियुक्ति कर दी है। इस निर्णय को ऊर्जा विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी व जवाबदेह बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। जारी आदेश के अनुसार, गजेंद्र सिंह बुटियाल को यूपीसीएल का नया एमडी बनाया गया है जबकि अजय कुमार सिंह को यूजेवीएनएल की कमान सौंपी गई है। शासन द्वारा यह निर्णय ऐसे समय…
Uttarakhand : सरकारी नौकरियों की दौड़ में प्रदेश में अब भी पुरुषों का दबदबा बना हुआ है। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की भर्तियों के आंकड़े बताते हैं कि कुल अभ्यर्थियों में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत ही है, जबकि पुरुषों की भागीदारी लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंच जाती है। यह स्थिति बताती है कि सरकारी सेवाओं में आधी आबादी की भागीदारी अभी भी अपेक्षाकृत कम है। लोक सेवा आयोग की वार्षिक प्रतिवेदन रिपोर्ट के अनुसार आयोग ने बीते 22 वर्षों में विभिन्न विभागों के कुल 15,166 रिक्त पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया संचालित की। इन पदों के लिए लगभग…
सुबह की हल्की धूप में चमोली के पहाड़ी गांवों की महिलाएं खेतों की ओर बढ़ती हैं। किसी के हाथ में तुलसी की नर्सरी है, कोई भंगजीरा के बीज सहेज रही हैं तो कोई आंवले और माल्टे को छांटकर प्रसंस्करण इकाई तक पहुंचा रही हैं। कभी ये महिलाएं केवल परंपरागत खेती और घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित थीं लेकिन आज वे उत्पादन से लेकर पैकेजिंग और बाजार तक की पूरी शृंखला की भागीदार हैं। इसे मुमकिन बनाया है हार्क अलकनंदा कृषि व्यवसाय स्वायत सहकारिता, कालेखर (चमोली) ने। इस संस्था ने महिलाओं को केवल आत्मनिर्भर ही नहीं बनाया बल्कि उन्हें स्थानीय अर्थव्यवस्था की…
उत्तराखंड में पहली बार चाइना ऑरेंज (मंडारिन ऑरेंज) नामक खास किस्म के संतरे ने दस्तक दी है। यह संतरा 47 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में भी फल देने की क्षमता रखता है। पंतनगर किसान मेला में इसके पौधे पहली बार प्रदर्शन और बिक्री के लिए लाए गए। किसानों और आगंतुकों के बीच खासा उत्साह और कौतूहल देखने को मिला। यह पौधे चीन से लाए गए हैं और इन्हें यहां की जलवायु परिस्थितियों में आजमाने की पहल की जा रही है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते तापमान और बदलती जलवायु के दौर में ऐसी किस्में खेती के लिए…
मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच होमुर्ज स्ट्रेट एक बार फिर वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के केंद्र में आ गया है। ईरान, अमेरिका, इजराइल के बीच जारी टकराव के कारण इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़कर लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। जिससे दुनिया के कई देशों में ईंधन संकट की आशंका गहरा गई है। विशेषज्ञों के अनुसार होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री ऊर्जा मार्गों में से एक है। यह जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान…
Forest Fire Uttarakhand : उत्तराखंड के बेशकीमती जंगलों के लिए इस साल का फायर सीजन अग्निपरीक्षा साबित हो रहा है। पिछले 27 दिनों के भीतर प्रदेश में वनाग्नि की 73 नई घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं जिनमें 36 हेक्टेयर से अधिक वन संपदा खाक हो गई। लेकिन इस प्राकृतिक आपदा के बीच एक गंभीर प्रशासनिक लापरवाही भी सामने आई है। कुमाऊं के जंगलों में आग धधक रही है लेकिन वन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर घटनाओं का आंकड़ा शून्य दर्शाया जा रहा है। वन विभाग के पोर्टल के अनुसार, नवंबर 2025 से मार्च 2026 तक कुमाऊं मंडल में वनाग्नि…
पंतनगर किसान मेला… मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि सैनिकों की तरह देश के असली नायक हैं। उनका परिश्रम ही देश की खाद्य सुरक्षा की नींव है। मुख्यमंत्री शनिवार को गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय पंतनगर में आयोजित 119वें अखिल भारतीय किसान मेले और कृषि उद्योग प्रदर्शनी के शुभारंभ अवसर पर बोल रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंतनगर का किसान मेला केवल नई तकनीकों और योजनाओं की जानकारी देने का मंच नहीं है बल्कि यह किसानों और वैज्ञानिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण अवसर भी प्रदान करता…
Pantnagar Kisan Mela : गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में शुक्रवार से चार दिवसीय अखिल भारतीय किसान मेले का भव्य शुभारंभ हो गया। मेले के पहले ही दिन बड़ी संख्या में किसान आधुनिक खेती और पशुपालन से जुड़ी नई तकनीकों की जानकारी लेने पहुंचे। वैज्ञानिकों ने किसानों को उन्नत कृषि यंत्रों, नई फसल किस्मों, पशुपालन और कृषि से जुड़े नवीन प्रयोगों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मेले में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए किसानों ने विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों से सीधे संवाद कर अपनी समस्याएं साझा कीं और उनके समाधान भी प्राप्त किए। किसानों को…
Uttarakhand Natural Farming : राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार ने बड़ा प्रयोग शुरू किया है। प्रदेश के 11 जिलों में करीब 10 हजार हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती की जा रही है। हालांकि इसकी वास्तविक उत्पादकता और प्रभाव का पता फसल तैयार होने के बाद ही चलेगा। यह जानकारी कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विधानसभा में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में दी। कृषि मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन योजना के तहत राज्य के चयनित जिलों में यह पहल शुरू की गई है। इसके तहत किसानों को…
Uttarakhand Budget 2026–27: देवभूमि उत्तराखंड के आध्यात्मिक स्वरूप को सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार लगातार प्रयास कर रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए धनराशि का प्रावधान किया गया है। इनमें हरिद्वार कुंभ, हरिद्वार–ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर, नंदा देवी राजजात यात्रा और सरयू रिवर फ्रंट जैसी योजनाएं प्रमुख हैं। गंगा, यमुना, चारधाम और आदि कैलाश जैसी पवित्र स्थलों की भूमि होने के कारण उत्तराखंड लंबे समय से सनातन आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार प्रदेश को…
राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के बाद Uttarakhand सरकार अब जमीनी स्तर पर खेल सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में प्रदेश के हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम बनाने का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बजट सत्र के तीसरे दिन विधानसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने और युवाओं को बेहतर अवसर देने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 में उत्तराखंड ने 38वें राष्ट्रीय खेल की सफल मेजबानी…
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इच्छामृत्यु से जुड़े एक अहम मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए पहली बार किसी मरीज को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (पैसिव यूथेनेशिया) की अनुमति दी है। अदालत का यह फैसला गाजियाबाद के 32 वर्षीय हरीश राणा के मामले में आया, जो एक इमारत से गिरने के बाद पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में हैं और जीवन रक्षक उपकरणों के सहारे जीवित हैं। न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ ने हरीश राणा के माता-पिता की उस अपील को स्वीकार कर लिया, जिसमें उन्होंने बेटे को कृत्रिम रूप से जीवित रखने वाली चिकित्सा प्रणालियों को…
Uttarakhand Economic Survey : उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूती की ओर बढ़ रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य की विकास दर 7.23 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है जो पिछले वर्ष के अनुमान से अधिक है। मंगलवार को विधानसभा में पेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। रिपोर्ट के अनुसार राज्य में उद्योग, एमएसएमई, सड़क कनेक्टिविटी और स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जबकि प्रतिव्यक्ति आय में भी करीब 9.25 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान जताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024-25 के अंतिम अनुमान में राज्य की विकास दर 6.44 प्रतिशत आंकी…
उत्तराखंड सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में देवभूमि परिवार विधेयक 2026 को सदन के पटल पर रख दिया। इस विधेयक के कानून का रूप लेने के बाद राज्य में एकीकृत और सत्यापित परिवार-आधारित डेटाबेस देवभूमि परिवार की स्थापना की जाएगी, जिससे विभिन्न विभागों की योजनाओं के लाभार्थियों की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध हो सकेगी। सरकार का मानना है कि राज्य में वर्तमान में कई विभाग अपनी-अपनी योजनाओं के लिए अलग-अलग लाभार्थी डेटाबेस का उपयोग करते हैं। इससे कई बार लाभार्थियों के आंकड़ों का दोहराव, सत्यापन की जटिल प्रक्रियाएं और विभागों के बीच समन्वय की कमी जैसी समस्याएं सामने…





















