अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उत्तराखंड ने पूरे विश्व को एक ऐतिहासिक संदेश दिया। ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण की शांत वादियों से CM Dhami ने 8 देशों के राजदूतों के साथ योग कर “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भारतीय अवधारणा को साकार किया। योग, जो भारत की आत्मा है—आज वह गैरसैंण से पूरे विश्व में गूंज रहा है। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण आज न सिर्फ योग का केंद्र बनी, बल्कि भारतीय संस्कृति के एक वैश्विक दूत के रूप में उभरी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जब विदेशी राजदूतों के साथ योग किया, तो यह दृश्य पूरी दुनिया को यह संदेश दे…
Author: teerandaj
उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की घोषणा शनिवार को हो गई। आयोग की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव का विस्तृत कार्यक्रम बताया गया। आयोग ने बताया कि 19 जून को पंचायतों में आरक्षण प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी, जिसके बाद सचिव पंचायती राज की ओर से त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी गई। राज्य निर्वाचन आयोग ने भी अधिसूचना को आज सार्वजनिक कर दिया है। अब 23 जून को सभी जिलाधिकारियों द्वारा अपने-अपने जिलों में अधिसूचना जारी करना है। नामांकन प्रक्रिया 25 जून से 28 जून तक चलेगी, जो प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 4…
International Yoga Day: उत्तराखंड से निकला योग आज पूरे विश्व को स्वास्थ्य लाभ दे रहा है। 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर फिर उत्तराखंड ने पूरी दुनिया को योग का संदेश देने की कोशिश की। इसके साथ देश का पहला राज्य उत्तराखंड बना, जिसने अपनी योग नीति तैयार की है। गैरसैंण में सीएम धामी ने योगासन के बाद योग नीति जारी की। योग की जन्मस्थली है अब योग की वैश्विक राजधानी बनने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है। भराड़ीसैंण में आयोजित कार्यक्रम में सीएम धामी ने कहा कि सभी योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और स्वस्थ व…
Uttarakhand सरकार ने बृहस्पतिवार रात को बड़े स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले किए। शासन में भी बड़े पैमाने पर फेरबदल किया गया है। कई के कार्यभार बदले गए हैं। पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चंपावत, उत्तराकाशी के डीएम बदले गए हैं। प्रतीक जैन रुद्रप्रयाग, मनीष कुमार चंपावत, प्रशांत कुमार आर्य उत्तरकाशी और स्वाति भदौरिया को पौड़ी गढ़वाल का डीएम बनाया गया है। पौड़ी गढ़वाल के जिलाधिकारी की जिम्मेदारी निभा रहे आशीष कुमार को यूकाडा का जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह कई सालों से पर्यटन की जिम्मेदारी देख रहे सचिन कुर्वे को भी अब हटा दिया गया है। उनकी जगह धीराज…
Chardham Yatra को 48 दिन हो चुके हैं। इस दौरान 32 लाख से ज्यादा तीर्थयात्री आ चुके हैं। इसके अलावा कुल कारोबार 300 करोड़ रुपये पार हो चुका है। बतादें कि यात्रा शुरू होने के पहले ही धामी सरकार ने दावा किया था कि इस बार तीर्थयात्रियों की संख्या का सभी पुराना रिकॉर्ड टूटेगा। हालांकि, मौसम का मिजाज ठीक रहा तो 60 लाख तीर्थयात्री आ सकते हैं। इस बार दो मई को बाबा केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोले गए। 18 जून को बाबा केदार के दर्शन करने वाले भक्तों की संख्या 11.40 लाख पार हो…
मतदाता पहचान पत्र वितरण को लेकर पूरे देश में शिकायत रहती है कि यह समय पर नहीं मिलता है। इसका काम बहुत धीमी गति से होता है। निर्वाचन आयोग ने एक नई एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) जारी की है। इसके मुताबिक, अगर आप वोटर आईडी में कुछ भी अपडेट कराते हैं या नया बनवाते हैं तो आपके पते पर 15 दिन के भीतर डिलीवरी सुनिश्चित की जाएगी। नई एसओपी के तहत वोटर लिस्ट में अपडेट के 15 दिनों के भीतर वोटर आईडी कार्ड की डिलीवरी सुनिश्चित की जाएगी। इस पहल में किसी मतदाता का नया नामांकन या मौजूदा मतदाता के…
Girl Education… बेटियां हर क्षेत्र में अव्वल आ रही हैं। इसके बावजूद समाज की संकीर्ण सोच बदलने का नाम नहीं ले रही है। शिक्षा मंत्रालय के एक अध्ययन में सामने आया है कि अभिभावक बेटों को अंग्रेजी तो बेटियों को सरकारी स्कूल में पढ़ा रहे हैं। यह खुलासा शिक्षा मंत्रालय के सभी 66 बोर्ड के वर्ष 2024 के रिजल्ट की अध्ययन रिपोर्ट में हुआ है। बेटी की शिक्षा पर कम खर्च करने की संकीर्ण सोच के कारण यह हो रहा है। हालांकि, एक अच्छी बात यह है कि इस सामाजिक कुरीति और दिक्कतों के बावजूद बेटियों का कक्षा में उपस्थिति,…
Technology इंसानों के काम छीन रहा है। दूसरे पक्ष को देखकर यह भी कह सकते हैं कि इंसानों का काम आसान बना रहा है। देहरादून में एक ऐसा रोबोट बनाया जा रहा है जो आपके खेतों में काम करेगा। यानी, धान-गेहूं तक काटेगा। इसकी क्षमता दस आदमियों के बराबर होगी। जो काम दस लोग मिलकर एक घंटे में करेंगे वह काम यह अकेला कर डालेगा। कृषि क्षेत्र में पूरे देश में एक बड़ी समस्या मजदूरों की है। इसे कुछ महीनों में लॉन्च किया जा सकता है। अधिकांश जगह मजदूरों की कमी के कारण लोग खेती से विमुख हो रहे हैं।…
उत्तराखंड के लिए यह Fire Season-2025 राहत भरा रहा। पिछले साल जहां 1276 घटनाएं दर्ज की गई थीं। वहीं, इस बार यह महज 216 रहीं। कुल 234.45 हेक्टेयर वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। राहत के पीछे सबसे बड़ी वजह मौसम रहा। अल्मोड़ा में तो फायर सीजन में आग की मात्र पांच घटनाएं सामने आईं। जिसमें साढ़े नौ हेक्टेयर जंगल जला। वर्षा की बौछारों ने आग की घटनाओं को पांच साल के न्यूनतम स्तर पर पहुंचा दिया। बतादें कि 15 फरवरी से 15 जून तक फायर सीजन माना जाता है। फायर सीजन खत्म होने के बाद भी वनकर्मियों को सतर्क…
कैंची धाम आस्था का बड़ा केंद्र बनते जा रहा है। यहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। साल 2021 में आठ लाख के करीब पर्यटक-श्रद्धालु, कैंची धाम पहुंचे। वहीं, 2022 में 13-14 लाख तो 2023 में 18-19 लाख जबकि पिछले साल 24-25 लाख श्रद्धालु पहुंचे। यानी 2021 से 2024 तक आठ से 25 लाख तक श्रद्धालुओं की संख्या पहुंच चुकी है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर तो खुले हैं। मगर, स्थानीय लोगों को अव्यवस्थाओं का भी सामना करना पड़ रहा है। जाम तो ऐसी समस्या हो गई है कि नैनीताल हाईकोर्ट…
Uttarakhand को योग और वेलनेस टूरिज्म का वैश्विक हब बनाएंगे। इस क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं। सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। यह बातें सीएम पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को एमकेपी कॉलेज, देहरादून में आयोजित ‘रन फॉर योग’ कार्यक्रम में कहीं। मुख्यमंत्री ने युवाओं, बुजुर्गों, महिलाओं को भी योग के प्रति जागरूक करने के लिए गांधी पार्क से एमकेपी कॉलेज तक पैदल मार्च किया। मुख्यमंत्री ने सभी से आगामी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस में बढ़ चढ़कर प्रतिभाग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हमें मिलकर प्राचीन योग सभ्यता को जन जन तक पहुंचाना है। ऋषि मुनियों…
Kedarnath Helicopter Crash: रविवार सुबह गौरीकुंड में हेलीकॉप्टर हादसे के बाद उत्तराखंड सरकार हेलीकॉप्टर संचालन के मानक सख्त करने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सचिव को इस बाबत आदेश दिया है। इसके लिए एक समिति का गठन किया जाएगा। जो हेली संचालन की सभी तकनीकी व सुरक्षा पहलुओं की गहन समीक्षा कर एसओपी तैयार करेगी। बताया जा रहा है कि हेलीकॉप्टर की तकनीकी स्थिति की पूर्ण जांच और उड़ान से पूर्व मौसम की सटीक जानकारी लेना अनिवार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि तकनीकी विशेषज्ञों की एक समिति का गठन किया जाए,…
अहमदाबाद एयर इंडिया हादसे से लोग अभी उबरे नहीं थे कि रविवार की सुबह एक केदारनाथ में Helicopter Crash ने लोगों को दहला दिया। सुबह करीब पांच बजे केदारनाथ रूट पर श्री केदारनाथ धाम से गुप्तकाशी जा रहा एक हेलीकॉप्टर गौरीकुंड के पास क्रैश हो गया। हेलिकॉप्टर में कुल सात लोग सवार थे। दर्दनाक हादसे में पायलट समेत सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 23 महीने का बच्चा भी शामिल है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमों को मौके के लिए रवाना किया गया है। हादसे के बाद सरकार ने हेलीसेवा पर रोक लगा दी है। बतादें कि इस सीजन…
भारतीय सेना को शनिवार को 419 युवा अफसर मिले। ये अफसर आईएमए में गहन प्रशिक्षण के बाद पासआउट होकर सेना में बतौर लेफ्टिनेंट अपनी सेवाएं शुरू करेंगे। इस दौरान नौ मित्र राष्ट्रों के 32 कैडेट भी पासआउट होकर अपनी सेनाओं का अंग बने। आईएमए, देहरादून की 156वीं पासिंग आउट परेड देखते ही बनी। शनिवार को भारतीय सेना को 419 युवा अफसर मिल गए। परेड की समीक्षा लेफ्टिनेंट जनरल लासांथा रोड्रिगो आरएसपी, सीटीएफ-एनडीयू, पीएससी, आईजी, श्रीलंका के सेना कमांडर ने की। उन्होंने आईएमए में प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर अधिकारी कैडेटों को बधाई दी। उन्होंने प्रशिक्षकों और अधिकारी कैडेटों की शानदार…
कई राज्यों की प्यास बुझाने वाले Uttarakhand के पहाड़ अकूत जल संपदा संजोए हुए हैं। लेकिन अब हालात ये हो गए हैं कि प्राकृतिक जल स्रोत सूखने लगे हैं। ग्लेशियर लगातार सिकुड़ रहे हैं, नदी, नौला, धारों, गदेरों में पानी कम होता जा रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 4000 गांव जल संकट से गुजर रहे हैं। मोटे तौर पर राज्य के लगभग 510 जलस्रोत सूख गए हैं या सूखने की कगार पर हैं । अकेले अल्मोड़ा में सबसे अधिक 300 जलस्रोत सूख गए हैं। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड के प्राकृतिक जलस्रोतों के जलस्तर में 60…
अतुल्य उत्तराखंड के लिए ऋषिता नेगी जायका पहाड़ का…. भट्ट, गहत की दाल, मडुवा (रागी), झंगोरा जैसे परंपरागत अनाज को पहाड़ की नई पीढ़ियां भूलती जा रही हैं। गाहे बगाहे किताबों, पत्र-पत्रिकाओं में पर्यटन को लेकर हो रही चर्चा में इसको शामिल जरूर किया जाता है, लेकिन, सच्चाई यह है कि उत्तराखंड के आम घरों में खाने की थाली से ये गायब होते जा रहे हैं। नई पीढ़ी को पारंपरिक व्यंजनों के बारे में कम जानकारी है। वे उन व्यंजनों को भूल जाते हैं जिन्हें उनकी कई पीढ़ियों ने बढ़े चाव से खाया है। व्यस्त जीवनशैली के कारण लोगों के…




















