Author: teerandaj

ये दुनिया वाले पूछेंगे, मुलाक़ात हुई, क्या बात हुई ये बात किसी से न कहना, ये दुनिया वाले पूछेंगे… देव आनंद, आशा पारेख के अभिनय वाली ‘महल’ फिल्म के इस गीत के बोल इन दिनों उत्तराखंड के सियासी सूरतेहाल पर सटीक बैठते हैं। इन दिनों उत्तराखंड के नेताओं का मेल-मुलाक़ातों का दौर चल रहा है। हर मुलाक़ात के सियासी मायने तलाशने की कोशिश और अपने-अपने हिसाब से इन मुलाक़ातों की तफ़्सीर। सियासत समीकरणों पर नज़र रखने वाले सहाफ़ी जब तक एक की गणित समझते हैं, दूसरी मुलाक़ात हो जाती है। इस कड़ी में ताजा चर्चा पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत…

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Kedarnath Cloudburst : 31 जुलाई की रात को केदारनाथ में दो जगहों पर बादल फटने के बाद हुई तबाही ने अब तक 179 लोगों की जान ले चुका है। चारधाम यात्रा के दौरान अब तक केदारनाथ में सबसे ज्यादा 85 यात्रियों की मौत हुई है। वहीं, बदरीनाथ में 44, हेमकुंड साहिब में चार, गंगोत्री में 14 और यमुनोत्री धाम में 31 यात्रियों की मौत हुई है। यह भी पढ़ें…  उत्तरकाशी, टिहरी और अल्मोड़ा में सबसे ज्यादा Solar Energy Projects वहीं, दूसरी ओर केदारनाथ पैदल मार्ग 29 जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया है। 16 स्थानों पर तो पूरी तरह बह गया…

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Inspirational Stories : कहते हैं छोटा-बड़ा संघर्ष सबके जीवन में आता है। इसमें कोई निखर जाता है तो कोई बिखर जाता है। यह एक ऐसी ही महिला की कहानी है, जिसके संघर्ष ने उन्हें ऐसा निखारा कि आज हजारों महिलाओं को साथ जोड़कर सामूहिकता की नई इबारत लिख रही हैं। आज बात ऐसी ही एक घरेलू महिला की, जिसने पति के एक्सीडेंट में लकवाग्रस्त हो जाने के बाद एक अलग तरह का संघर्ष किया और अपनी मेहनत के दम पर एक मुकाम हासिल किया। ये कहानी है हल्द्वानी की गीता सत्यवली की। गीता की गिरिजा बुटीक एसएचजी है और उनसे…

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Solar Energy Projects

केंद्र सरकार द्वारा देश भर में शुरू की गई सूर्य घर योजना के बाद उत्तराखंड में लोग सोलर एनर्जी को लेकर जागरूक हुए हैं। इसका अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि राज्य सरकार की योजना के तहत Solar Energy Projects लगाने के मामले में पहाड़ी जिले अव्वल हैं। उत्तरकाशी, टिहरी और अल्मोड़ा में सबसे ज्यादा सौर प्रोजेक्ट लग रहे हैं। खास बात यह है कि उत्तरकाशी में तो यूपीसीएल की ग्रिड फुल हो गई है। यानी, उपभोक्ता जो बिजली पैदा कर रहे हैं अब वह यूपीसीएल लेने की स्थिति में नहीं है। इसलिए निगम ने राज्य सरकार से…

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एक पेड़ की समाधि –  अपने संसाधनों के अंधाधुंध दोहन और बेतरतीब शहरीकरण की ओर बढ़ रहा उत्तराखंड इस समय कुदरत की ऐसी मार झेल रहा है, जिसने इस राज्य के पहाड़ी इलाकों को लेकर नई तरह की आशंकाएं खड़ी कर दी हैं। गर्मियों में बढ़ता तापमान और बरसात के मौसम में बेहिसाब बारिश। भरभरा कर दरकते पहाड़ों की तस्वीरें हर तरफ नजर आ रही हैं। ये वही उत्तराखंड हैं, जिसकी महिलाओं ने पर्यावरण और पेड़ों को बचाने के लिए ‘चिपको आंदोलन’ का रास्ता अपनाया। इसी उत्तराखंड में एशिया के सबसे ऊंचे पेड़ की ‘समाधि’ है, जी हां, एक पेड़…

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पहाड़ी गीतों की अपनी चाल, अपनी रवानी होती है, वह झुमाते हैं…एक अलग तरह का आकर्षण होता है पहाड़ी गीतों में…। भले ही आज तेज बीट्स पर बने चलताऊ गीतों की भरमार है और लाइक, व्यूज को ही गीतों की सफलता का पैमाना मान लिया गया है, लेकिन कुछ ऐसे युवा गायक भी हैं, जिन्होंने उस रास्ते को अब भी पकड़कर रखा है, जिसे उन लोक गायकों-गितेरों ने बनाया है, जो सदाबहार हैं, जिनके गीतों में पहाड़ का दर्द, पहाड़ का मर्म और पहाड़ की उम्मीदें और सपने झलकते हैं।    हमारे मां-बाप ने बड़ी मेहनत से इन घरों को…

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smartphone side effects

Smartphone Side Effects : तकनीकी ने कई सहूलियतें दी हैं लेकिन इसकी दुश्वारियां भी कम नहीं है। एक ताजा अध्ययन में यह सामने आया है कि मोबाइल फोन का आसपास होना भी छात्रों का ध्यान भटका सकता है। एक बार मोबाइल उठाते ही 20 मिनट बर्बाद हो जाते हैं। यह अध्ययन छात्रों पर किया गया है। इसके मुताबिक, अगर कोई छात्र नोटिफिकेशन आने के बाद मोबाइल देखता है, चाहे वह कुछ ही सेकेंड स्क्रीन देखे लेकिन अगले 20 मिनट तक वह पढ़ाई पर फोकस नहीं कर पाता है। इसके अलावा स्मार्ट फोन के ज्यादा इस्तेमाल से छात्रों की सीखने- समझने…

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National Institute of Hydrology, Roorkee

Global Warming Research Story : पूरे विश्व में जलवायु परिवर्तन के घातक परिणाम सामने आने लगे हैं। अपना देश भी इससे अछूता नहीं है। हिमालयी राज्य उत्तराखंड की बात की जाए तो प्राकृतिक आपदाएं यहां की नियति बन चुकी हैं। हर वर्ष इसमें कई लोगों की जान जाती है। भुस्खलन की धटनाएं काफी बढ़ गई हैं। ऐसा बेमौसम व ढेर बारिश के कारण हो रहा है। ऐसे में काफी समय से इस विषय पर शोध की जरूरत महसूस की जा रही थी। जो स्थान विशेष के बारे में सटीक जानकारी दे सके। ऐसे में जल शक्ति मंत्रालय ने राष्ट्रीय जलविज्ञान…

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राजकीय महाविद्यालय देहरादून के अंग्रेजी विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर Sunaina Rawat को उत्तराखंड शासन ने प्रतिनियुक्ति पर राज्य राष्ट्रीय सेवा योजना अधिकारी नियुक्त किया है। उन्होंने राज्य राष्ट्रीय सेवा योजना अधिकारी का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। डॉ. सुनैना रावत पूर्व में राजकीय महाविद्यालय लम्बगांव में कार्यरत रहीं हैं। जहां पर उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी के दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया। अपने कार्यकाल में उन्होंने एनएसएस के अंतर्गत विभिन्न सामुदायिक सेवा गतिविधियों व जनजागरूकता कार्यक्रमों का संचालन किया। छात्र जीवन से सामाजिक कार्यों से सरोकार रखने वाली डॉ. सुनैना ने अपनी प्राथमिकताएं गिनाते हुए कहा कि राज्य में…

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तीरंदाज लाइव की टीम ने कुछ महीनों पर पहले रिवर्स पलायन पर बीएल मधवाल व उनकी पत्नी अनीता मधवाल की कहानी दिखाई व पढ़ाई थी। पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त बीएल मधवाल देहरादून की चमक धमक से दूर नैनीडांडा ब्लॉक में home stay चला रहे थे। जब उन्होंने यह बिजनेस शुरू किया था तो उस इलाके का उनका होम स्टे इलाके में एकमात्र था। कुछ महीनों में ही यह संख्या पांच-से सात हो गई। इनका कहना है कि पर्यटक इसे काफी पसंद करते हैं। क्योंकि उन्हें घर में बना पहाड़ का पारंपरिक भोजन भी मिल है। यह होटल के मुकाबले काफी…

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उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां पर यूसीसी यानी समान नागरिक संहिता लागू है। इसी तर्ज पर अब Senior Citizen Policy बनाने वाला पहला राज्य बनेगा। बुजुर्गों के लिए आवास के लिए नीति तैयार की जाएगी। इसके अलावा कई अन्य सुविधाओं को भी इसमें ख्याल रखा गया है।  सूत्रों के मुताबिक,  आवास विभाग ने ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। जिस पर विभिन्न विभागों की राय ली जा रही है। सभी पहलुओं को परखने के बाद यह नीति कैबिनेट में लाई जाएगी। 18000 फुट की ऊंचाई से कर सकेंगे कैलाश के दर्शन, रक्षा मंत्रालय ने दी अनुमति बताया जा रहा…

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Kailash Darshan : अब श्रद्धालु पवित्र कैलाश के दर्शन 18000 फुट पर स्थित ओल्ड लिपुपास से कर सकेंगे। शासन ने इसके लिए एसओपी तैयार कर ली है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो 15 सितंबर से पर्यटक कैलाश पर्वत, मानसरोवर पर्वत को देख सकेंगे। बतादें कि चीन से सीमा विवाद और कोरोना के बाद से कैलाश मानसरोवर यात्रा बंद है। श्रद्धालुओं की भारी मांग थी कि यात्रा बहाल की जाए। शिव भक्तों की इस मांग पर उत्तराखंड पर्यटन विभाग ने रक्षा मंत्रालय से अनुमति मांगी थी। बताया जा रहा है कि रक्षा मंत्रालय ने हरी झंडी दे दी है। अब…

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Kedarnath Cloudburst : बुधवार रात केदारनाथ में दो जगहों पर बादल फटने के बाद हुई तबाही जानलेवा हो गई। बचाव अभियान के तीसरे दिन बाद यानी शुक्रवार को लिनचोली में मलबे दबे दो शव बरामद हुए हैं। पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार नै रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन के हवाले से बताया कि मृतकों की पहचान नहीं हो पाई और उनकी गुमशुदगी भी दर्ज नहीं है। प्रातः काल शासकीय आवास में वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी (रुद्रप्रयाग) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (रुद्रप्रयाग) से आपदा प्रभावित क्षेत्र में संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त ली। हमारी सरकार SDRF, NDRF सहित अन्य बचाव…

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गांवों के सुनियोजित विकास के लिए हर ब्लॉक में पांच-पांच गावों को Model Villages बनाया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि देश के शीर्ष 100 आदर्श गांवों में उत्तराखंड के कम से कम 10 गांवों के नाम शामिल हों। यह बातें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में पंचायतीराज विभाग की समीक्षा के दौरान कहीं। सचिवालय में पंचायतीराज विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान प्रत्येक विकासखण्ड में 5-5 गांवों को आदर्श ग्राम बनाने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। इसके लिए शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और जनपदों में जिलाधिकारियों को ग्राम चौपाल के…

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Kedarnath Cloudburst : केदारनाथ धाम में फंसे तीर्थयात्रियों को निकालने के लिए सेना ने मोर्चा संभाल लिया है। सेना ने एमआई-17 और चिनूक हेलिकॉप्टर को लगाया है। केदारघाटी में फंसे 5000 यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। शुक्रवार सुबह से ही रेस्क्यू शुरू कर दिया गया है। बुधवार रात बादल फटने के बाद आई आपदा के खौफनाक मंजर को देखकर लोग दहशत में हैं। प्रदेश में आई आपदा से निपटने के लिए हम हर संभव कदम उठा रहे हैं। केंद्र सरकार से भी हमें प्रदेश में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन में पूरा सहयोग मिल रहा है, अभी तक 5000…

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Rishikesh Karnaprayag Rail Project : अब तीर्थयात्रियों को बाबा बद्री विशाल के दर्शन के लिए लंबा सफर नहीं करना होगा। कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना के तहत चमोली के गौचर में एक स्टेशन बनाया जाएगा। यहां से बद्री विशाल धाम के सफर का समय काफी घट जाएगा। बताया जा रहा है कि घोलतीर से गौचर तक यात्री दो सुरंगों से गुजरकर यहां पहुंचेंगे। यहां बनने वाले स्टेशन पर दो प्लेटफॉर्म होंगे। केदारनाथ में लिनचोली और टिहरी के नौताड़ तोक के पास बादल फटा, रौद्र रूप में बह रही मंदाकिनी, केदारघाटी में हाई अलर्ट घोलतीर से गौचर तक 7.01 किमी सुरंग बनेगी…

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