चंपावत के सल्ली क्षेत्र में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के चर्चित मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए इसे एक सुनियोजित साजिश करार दिया है। पुलिस लाइन में जिलाधिकारी मनीष कुमार की उपस्थिति में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने बताया कि 16 वर्षीय पीड़िता के साथ सामूहिक दुष्कर्म की कोई घटना घटित नहीं हुई है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता की पैरवी कर रहे कमल रावत ने अपनी एक महिला मित्र के साथ मिलकर बदले की भावना से यह पूरा झूठा घटनाक्रम रचा था। एसपी ने स्पष्ट किया कि पीड़िता ने न्यायालय के समक्ष दिए गए अपने बयानों में भी किसी भी प्रकार की घटना से इनकार करते हुए इसे पूरी तरह मनगढ़ंत बताया है।
विवेचना के दौरान सामने आए तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने दावा किया है कि घटना के दिन पीड़िता अपनी स्वेच्छा से एक विवाह समारोह में शामिल होने गई थी। पुलिस की जांच में नामजद आरोपियों विनोद सिंह रावत, पूरन सिंह रावत और नवीन सिंह रावत की घटनास्थल पर मौजूदगी नहीं पाई गई है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड के विश्लेषण से यह भी पता चला है कि घटना की तिथि पर मुख्य आरोपी कमल रावत, पीड़िता और उसकी महिला मित्र के बीच लगातार संपर्क बना हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित 10 सदस्यीय एसआईटी और ऊधमसिंह नगर से बुलाई गई विशेष एफएसएल टीम ने साक्ष्य संकलित किए हैं। वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान ने पुष्टि की है कि मेडिकल जांच में पीड़िता के शरीर पर न तो चोट के निशान मिले हैं और न ही दुष्कर्म की पुष्टि हुई है।
इस खुलासे के बाद उत्तराखंड की सियासत भी गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर राजनैतिक दुर्भावना के तहत झूठ फैलाने और प्रदेश का माहौल खराब करने का गंभीर आरोप लगाया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने देहरादून में बयान जारी करते हुए कहा कि कांग्रेस ने बिना किसी जांच या ठोस सबूत के एक निर्दोष पार्टी कार्यकर्ता को मुजरिम साबित करने की कोशिश की है, जो अत्यंत शर्मनाक है।
उन्होंने कहा कि सिर्फ राजनैतिक लाभ के लिए एक नाबालिग बच्ची को मोहरा बनाना कांग्रेस के राजनैतिक पतन को दर्शाता है। भाजपा नेता हेमंत द्विवेदी ने भी इस पूरे प्रकरण को विपक्ष का सुनियोजित षड्यंत्र बताते हुए कहा कि जिस तरह पुलिस कार्रवाई से पहले ही कांग्रेस नेताओं ने वीडियो जारी किए और घटनास्थल पर पहुंचे, वह उनकी भूमिका पर सवाल खड़े करता है। दूसरी ओर, कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए सरकार और पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने चंपावत कोतवाली में धरना दिया और दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। कांग्रेस ने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है। आरोप लगाया गया है कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं और पुलिस दबाव में काम कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि अगर मामले में आवाज उठाने वालों को फंसाया गया तो वे व्यापक आंदोलन करेंगे। फिलहाल, पुलिस मुख्य आरोपी कमल रावत को कस्टडी में लेकर पूछताछ कर रही है और मामले के अन्य पहलुओं की जांच जारी है।










