विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष : जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लेशियरों को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई आसानी से नहीं होने वाली। बात उस परिस्थिति की हो रही है, जब माना जाए कि दुनिया की जलवायु फिर से सामान्य दशा में पहुंच गई हो। पृथ्वी का तापमान सामान्य हो चुका हो। एक हालिया शोध में बताया गया है कि कई पीढ़ियां हिमालय या दुनिया की अन्य पर्वतमालाओं को उसके मूल स्वरूप में नहीं देख पाएंगी। यह अनुमान इस आधार पर लगाया गया है- वर्ष 2150 तक पृथ्वी का तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस से बढ़कर 3 डिग्री सेल्सियस को छू…
Author: teerandaj
Reverse Migration…उत्तराखंड से पलायन कर चुके लोग कोरोना काल में वापस अपने गांव लौटे। हालात सामान्य होने के बाद बहुत से लोग वापस काम-धंधे की तलाश में बाहर चले गए। लेकिन, कई लोग यही रुक गए। इनमें से बहुत से लोगों ने स्वरोजगार शुरू किया। कुछ लोग दूसरे काम में लग गए। रिवर्स पलायन किए लोग अब क्या कर रहे हैं। जो स्वरोजगार कर रहे हैं, उनके सामने क्या कठिनाइयां पेश आ रही हैं। इन सब बातों को जानने के लिए राज्य पलायन निवारण आयोग सर्वे कर रहा है। आयोग दो माह में सरकार को पूरा डाटा सौंपेगी। इसमें कामयाबी…
Uttarakhand में बुधवार को धामी कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण फैसले किए। बैठक में कैबिनेट ने 12 प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इसमें बद्रीनाथ मास्टर प्लान का मंजूरी दे दी गई है। साथ ही हाईब्रिड वाहनों पर टैक्स में छूट दी गई है। साथ ही वर्दी वाली सेवाओं के लिए एक भर्ती परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया है। बैठक के बाद मुख्यमंत्री सचिव शैलेश बगौली ने यह जानकारी दी। शहरी विकास विभाग में 2013 में 859 पर्यावरण मित्रों को मृतक आश्रित कोटे में रखा जाएगा। परिवहन विभाग में पेट्रोल डीजल सीएनजी बैटरी से मिलने वाली सब्सिडी को एसएनए अकाउंट में…
2025 की गर्मियों का सीजन Uttarakhand के जंगलों के लिहाज से काफी अच्छा रहा। पिछले साल का मंजर लोगों को याद होगा। जंगलों की आग अखबारों की सूर्खियां हुआ करती थीं। सैकड़ों हेक्टेयर वन संपदा जलकर राख हो चुकी थीं। इस बार अब तक हालात काफी काबू में हैं। इस फायर सीजन में अब तक 204 वनाग्नि की घटनाएं हुई हैं। लेकिन, इसमें कोई भी बड़ी घटना नहीं है। यानी, वन संपदा को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है। इसमें सबसे बड़ा योगदान मौसम का रहा। बीच-बीच में हुई बारिश जंगलों के लिए अमृत साबित हुई। इसके अलावा उत्तराखंड सरकार ने…
हरिद्वार जमीन घोटाला … मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नगर निगम हरिद्वार में हुए जमीन घोटाले पर सख्त रुख अपनाते हुए, दो आईएएस, एक पीसीएस अधिकारी सहित सात अधिकारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में तीन अधिकारी पूर्व में निलंबित हो चुके हैं, जबकि दो की पूर्व में सेवा समाप्त की जा चुकी है। इस तरह इस प्रकरण में अब तक 10 अधिकारी निलंबित किए जा चुके हैं। इस तरह जमीन घोटाले में अब तक 12 पर कार्रवाई की जा चुकी है। उत्तराखंड के इतिहास में इसे अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई कही जा रही…
Uttarakhand आपदा प्राधिकरण द्वारा आयोजित कार्यशाला में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने आपदा मित्र योजना की तर्ज पर ‘आपदा सखी योजना’ प्रारंभ किए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा इस योजना के शुरू होने से महिला स्वयंसेवकों को आपदा से पूर्व चेतावनी, प्राथमिक चिकित्सा, राहत एवं बचाव कार्यों, मनोवैज्ञानिक सहायता आदि के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में सहायक सिद्ध होने के साथ आपदा प्रबंधन में समाज की सक्रिय सहभागिता को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाएगी। उन्होंने कहा यह कार्यशाला आपदा प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाली चुनौतियों के…
उत्तराखंड को भावनात्मक तौर पर झकझोर देने वाले Ankita Bhandari हत्याकांड में दो साल आठ महीने बाद फैसला आ गया है। कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (एडीजे कोर्ट) ने शुक्रवार को इस मामले में अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने कोर्ट ने तीनों आरोपियों पुलकित आर्य, उसके कर्मचारी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी करार दिया है। IPC की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य नष्ट करना), 120 बी (षडयंत्र), 354 ए और अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम के तहत दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही तीनों पर 50-50 हजार का…
देशभर में Corona के बढ़ते मामले चिंताजनक स्थिति में पहुंचने लगे हैं। देवभूमि उत्तराखंड में अब तक कुल दस मामले सामने आ चुके हैं। पांच मामलों की पुष्टि बुधवार को हुई। 19 मरीजों की आरटीपीसीआर जांच की गई थी। इसमें पांच मरीजों में वायरस की पुष्टि हुई। इसके साथ मरीजों की संख्या बढ़कर 10 पहुंच गई। छह मरीजों में अभी कोरोना सक्रिय है। एक मरीज का इलाज श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल में चल रहा है। बाकी पांच मरीज होम आइसोलेशसन में हैं। जिन पांच मरीजों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है उसमें दो प्रदेश में ही रह रहे हैं। जबकि…
Uttarakhand पंचायतीराज विभाग की ओर से केंद्र सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) बहुत प्रभावित हुआ है। उत्तराखंड के ग्राम पंचायतों को मॉडल के रूप में विकसित किए जाने की कार्ययोजना में पीएमओ ने दिलचस्पी दिखाई है। इसे लेकर पीएमओ ने उत्तराखंड के पंचायतीराज विभाग से संपर्क किया है। बतादें कि सेतु आयोग के तत्वावधान में यूपीईएस कंडोली में प्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाइजर ऑफ इंडिया (पीएसए) जो प्रधानमंत्री कार्यालय के लिए कार्य करता है द्वारा स्मार्ट विलेज सेंटर की अवधारणा पर आयोजित कार्यशाला में प्रतिभाग करने गई टीम के सदस्यों ने पंचायती राज विभाग द्वारा निर्मित…
विवाह केवल सामाजिक अनुबंध नहीं, बल्कि आध्यात्मिक यात्रा भी है। जिसमें समझ, सहनशीलता और समर्पण आवश्यक है। यह बातें स्वामी अवधेशानंद गिरि ने देवभूमि विकास संस्थान की ओर से हरिद्वार में आयोजित बैठक में कहीं। जून अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर ने इस अवसर पर प्री-वेडिंग काउंसलिंग की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए चार महत्वपूर्ण वर्गों के लिए मार्गदर्शन की बात कहीं, जिनमें पहले विवाह योग्य जोड़ों को शामिल किया गया जिनकी निकट भविष्य में शादी होने जा रही है, उन्हें वैवाहिक जीवन की वास्तविकताओं के लिए मानसिक और भावनात्मक रूप से तैयार करना आवश्यक है। दूसरे चरण में उच्च शिक्षा…
कोविड-19 के बाद हार्ट अटैक के मामले क्यों बढ़े इसपर एक महत्वपूर्ण शोध हुआ है। आईआईटी इंदौर में हुए शोध में सामने आया है कि कोरोना वायरस के डेल्टा वैरिएंट की वजह से हार्ट अटैक के मामले बढ़े हैं। डेल्टा वैरिएंट से मेटाबालिज्म और हार्मोनल मार्गों में बड़े व्यवधान पैदा किए हैं। हालांकि, अच्छी बात यह है कि इस शोध के बाद भविष्य में टीका बनाने, दवाइयों में कुछ महत्वपूर्ण फेरबदल हो सकता है। साथ ही आगे का शोध निदान से संबंधित हो सकता है। शादी, पार्टी, चलते-चलते या जिम में किसी को हार्ट अटैक आता है और वह बेसुध…
कोरोना वायरस फिर डराने लगा है। देश के कई राज्यों में इसके मरीज मिले हैं। लगभग सभी राज्य सरकारों ने इसे लेकर अलर्ट भी जारी किया है। उत्तराखंड सरकार ने भी कई अस्पतालों में वार्ड आरक्षित कर दिए हैं। साथ ही सभी चिकित्सा अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने का आदेश दिया है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और केंद्र सरकार का कहना है कि डरने की बात नहीं है। लेकिन, लक्षण दिखने पर लापरवाही न बरतें। महाराष्ट्र, केरल, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में कोरोना के मामले सामने आने शुरू हुए हैं। देश में अब तक एक हजार से ज्यादा मामले…
जनपद रुद्रप्रयाग में तुंगनाथ, चोपता ट्रैक पर मौजूद सारी गांव उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में ग्रामीण पर्यटन और स्वरोजगार की मिसाल कायम कर रहा है। सारी गांव में इस वक्त करीब 50 होम स्टे संचालित किए जा रहे हैं, जिसमें ढाई सौ से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष -अप्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। रुद्रप्रयाग से सारी गांव की दूरी लगभग 60 किलोमीटर है। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार 191 परिवार वर्तमान में निवासरत हैं। सारी गांव में 1,200 करीब की आबादी है, गांव की 50 से अधिक होम स्टे संचालित हो रहे हैं। जिससे गांव में लगभग 250 लोगों को स्वरोजगार मिला…
High court ने उत्तराखंड क्रिकेट बोर्ड में हुई करोड़ों रुपये की अनियमतताओं के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ में हुई। जिसमें खेल सचिव अमित सिन्हा से 24 घंटे के भीतर हल्द्वानी व देहरादून स्पोर्ट्स स्टेडियम को खोलने को कहा गया। मामले की अगली सुनवाई जुलाई प्रथम सप्ताह में रखी है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पूछा है कि उत्तराखंड में आज तक आईपीएल का एक भी मैच क्यों नहीं कराया गया। अदालत ने क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (सीएयू) से अपेक्षा कि है कि जल्द ही देहरादून और हल्द्वानी में अंतर्राष्ट्रीय स्तर…
Dynasty Modern Gurukul Academy : प्रतिभा परिश्रम से निखरती है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी विद्यार्थियों के भीतर अद्भुत प्रतिभाएं छिपी हैं। यह सच साबित कर दिखाया है डायनेस्टी मॉडर्न गुरुकुल एकेडमी छिनकी फॉर्म के 43 बच्चों ने जिन्होंने सैनिक स्कूल के लिए लिखित प्रवेश परीक्षा पास कर ली है। पूरा विद्यालय बच्चों की उपलब्धि पर खुशी मना रहा है। प्रबंध निदेशक धीरेंद्र चंद्र भट्ट ने सभी बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
Research : हैजा जैसी जानलेवा बीमारियों से बचाव का एक और टीका भारत में तैयार हो गया है। चिकित्सा के क्षेत्र में इसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। सभी परीक्षणों में यह टीका खरा पाया गया है। यानी, सफल हुआ है। कंपनी ने इसके तीसरे चरण के परिणाम भी जारी कर दिए हैं। भारतीय शोधकर्ताओं ने इस टीके को हिलचोल नाम दिया है। खास बात यह है कि एक साल के बाद सभी आयु वर्ग लोगों पर सुरक्षित और असरदार पाया गया है। कुछ औपचारिकताओं के बाद इसे बाजार में उतार दिया जाएगा। हालांकि, कंपनी ने कोई समय सीमा…






















