फायर सीजन बीतने के बाद Uttarakhand के लोगाें ने राहत की सांस ली थी। क्योंकि इस साल विभाग व आमजन की जागरूकता की वजह से हमारे वनों को बाकी वर्षों की अपेक्षा कम नुकसान हुआ था। लेकिन, मानसून सीजन में इद्रदेव के कहर ने राहत को आपदा में बदल दिया। वन विभाग का अनुमान है कि सैकड़ों हेक्टेयर वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। केवल उत्तरकाशी के धराली और हर्षिल के आरक्षित वन क्षेत्र में करीब 100 से 120 हेक्टेयर जंगल को नुकसान पहुंचा है। पूरे प्रदेश की बात की जाए तो यह सैकड़ों हेक्टेयर हो सकता है। इस बार…
Author: teerandaj
दून विश्वविद्यालय में इंटीग्रेटेड माउंटेन इनिशिएटिव (आईएमआई) द्वारा आयोजित 12वें सस्टेनेबल माउंटेन डेवलपमेंट समिट (SMDS-XII) के दूसरे दिन हिमालयी राज्यों के जनप्रतिनिधियों, वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने पर्वतीय विकास की चुनौतियों एवं समाधान पर विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सांसद हरिद्वार एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि हिमालय का विकास केवल सड़कों और इमारतों से नहीं आंका जा सकता। वास्तविक विकास तब होगा जब प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, स्थानीय आजीविका का सशक्तिकरण और समुदाय-आधारित भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने जोर दिया कि हिमालयी राज्यों के लिए अलग से प्रकृति-सम्मत नीतियां तैयार करना…
Uttarakhand के मुख्य सचिव एवं अध्यक्ष राजस्व परिषद आनंद बर्द्धन ने शनिवार को राजस्व परिषद सभागार में जिलाधिकारियों के साथ राजस्व वादों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि धारा 34 एवं 143 से संबंधित एक वर्ष से अधिक समय से लंबित वादों को अगले तीन माह में निपटारा कर लिया जाए। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को धारा – 34 और 143 से संबंधित वादों में गंभीर अनियमितताओं पर तत्काल विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने विकासनगर के तहसील को वादों के निस्तारण में धीमी गति पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि…
Uttarakhand में पंजीकृत कुल 5388 वक्फ संपत्तियों में से कितनी संपत्तियों पर अतिक्रमण है, इस संबंध में फिलहाल उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के पास कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। विशेष सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि वक्फ बोर्ड पारदर्शी तरीके से अद्यतन रिकॉर्ड तैयार करे और विभाग को नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करे, ताकि राज्य की सभी वक्फ संपत्तियों का संरक्षण और बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के बाद डॉ. पराग मधुकर धकाते ने वक्फ संपत्तियों के समयबद्ध पंजीकरण और प्रबंधन को लेकर सख्त निर्देश जारी किए।…
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा, 2025 में नकल की शिकायतों को देखते हुए राज्य सरकार ने इस मामले की जांच न्यायिक निगरानी में कराने का निर्णय लिया है। सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति बीएस वर्मा (पूर्व न्यायाधीश, उत्तराखंड उच्च न्यायालय, नैनीताल) को इस जांच का पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। इस संबंध में सचिव गृह शैलेश बगौली द्वारा जारी कार्यालय ज्ञाप में स्पष्ट किया गया है कि न्यायमूर्ति बीएस वर्मा SIT (विशेष अन्वेषण दल) द्वारा की जा रही जांच की बारीकी से निगरानी करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यों पर आधारित हो।…
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले किए गए। इसके तहत छह प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इस दौरान महक क्रांति नीति को मंजूरी दी गई। नीति के पहले चरण में 91,000 लाभार्थियों के माध्यम से 22,750 हेक्टेयर भूमि पर लगाई को बढ़ावा दिया जाएगा। डीजी सूचना बंशीधर तिवारी ने कैबिनेट की ब्रीफिंग की। बताया कि रोमैटिक प्लांट्स पर अब सब्सिडी मिलेगी। एक हेक्टेयर तक लगाने वालों को 80% और इससे अधिक जमीन पर 50% सब्सिडी दी जाएगी। हाल ही में सौगंध पौधा केंद्र की ओर से तिमरु से परफ्यूम भी…
Uttarakhand ने एक ओर उपलब्धि अपने नाम की। छोटा राज्य व विषम परिस्थितियों के बावजूद उसने वित्तीय अनुशासन की मिसाल पेश की। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में 5,310 करोड़ का राजस्व अधिशेष दर्ज कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इस उपलब्धि के साथ उत्तराखंड उन राज्यों में शामिल हो गया है जिन्होंने इस अवधि में राजस्व अधिशेष दर्ज किया है। सीएजी रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में 5,310 करोड़ का राजस्व अधिशेष दर्ज किया। यह उपलब्धि राज्य की वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार का…
Uttarakhand : बागेश्वर जिला चिकित्सालय में एक बच्चे की मृत्यु के प्रकरण में हुई गंभीर लापरवाही पर स्वास्थ्य विभाग ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर कठोर संज्ञान लेते हुए दोषी चिकित्सकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की है। कई चिकित्साधिकारियों को इधर से उधर किया गया साथ ही इनको कठोर चेतावनी भी जारी की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार ने 30 जुलाई को बागेश्वर जिला अस्पताल में फौजी के बेटे की मौत मामले में जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट व विभाग की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस…
सीएम धामी ने कहा है कि कुछ लोग परीक्षा प्रणाली को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि नकल माफिया को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि उत्तराखंड का आने वाला समय स्थिरता और विकास के नाम रहेगा। एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 4 जुलाई 2021 को उन्होंने जब मुख्य सेवक के रूप में काम काज संभाला तो उस वक्त, विभिन्न विभागों में करीब 22 हजार पद रिक्त पड़े हुए थे, अब सरकार के प्रयासों से 25 हजार से अधिक युवाओं…
पार्थसारथि थपलियाल भारत, जो सदियों से आध्यात्मिक चेतना और पर्वों की भूमि रहा है, वहां नवरात्र का महत्व अत्यधिक है। यह केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि मानव जीवन के धार्मिक, सामाजिक और आध्यात्मिक मूल्यों का पर्व है। वर्ष में दो बार – बसंत ऋतु के आरंभ में चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा (पड़वा) से और शरद ऋतु में आश्विन मास शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तक– यह पर्व मनाया जाता है। इन नौ दिनों के दौरान लोग देवी दुर्गा की उपासना करते हैं, अपने भीतर शक्ति, धैर्य और संयम का संचार करते हैं और अपने जीवन को आध्यात्मिक अनुशासन और…
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की रविवार को स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा का प्रश्न पत्र बाहर आने के मामले में देहरादून पुलिस और आयोग ने कहा कि इसे पेपर लीक नहीं कहा जा सकता। क्योंकि यह पेपर शुरू होने के पहले पेपर बाहर नहीं आया था। इस वजह से पूरी परीक्षा पर संदेह नहीं किया जा सकता। फिलहाल पुलिस के खुलासे पर भी बड़े सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर सेंटर तक मोबाइल कैसे पहुंचा। रविवार रात को प्रेस कांन्फ्रेंस कर एसएसपी ने कहा कि पेपर लीक तब कहा जा सकता है कि पेपर होने से…
PM Modi Address To Nation : न्यू जेनेरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम संबोधन पर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस त्योहार पर हर देशवासियों का मुंह मीठा होगा। उन्होंने कहा कि कल से देश में जीएसटी बचत उत्सव शुरू होने जा रहा है। हमें आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ना है। हर घर और हर दुकान में स्वदेशी की पहचान हो। इससे लघु, मध्यम और कुटीर उद्योगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पिछले 11 साल में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले और न्यू मिडिल क्लास में शामिल हुए। नई जीएसटी…
स्याही खत्म हो गई मां लिखते-लिखते उसके प्यार की दास्तान इतनी लंबी थी Uttarakhand : शुक्रवार की दोपहर जब बचावकर्मी चमोली के नंदानगर क्षेत्र में आपदाग्रस्त कुंतरी लगा फाली गांव में हजारों टन मलबे में दबे कुंवर सिंह के मकान तक पहुंचे तो उनकी आंखें भीग गईं। एक मां अपने बच्चों को बचाने के लिए किस कदर कुदरत से संघर्ष की थी, वह संघर्ष लोगों की आंखों में तैरने लगा। कुंवर सिंह की पत्नी कांता देवी (38) एक भारी पत्थर के नीचे दबी थीं। एक हाथ में एक बच्चा दूसरे में दूसरे बच्चे को अपने सीने से लगाए हुए थी।…
डा. तेजपाल सिंह बिष्ट/डा. लक्ष्मी रावत कृषि एवं बागवानी के अतिरिक्त उत्तराखंड की वन संपदा भी इसके लिए वरदान है। पर्यावरण, मृदा संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन के परिपेक्ष्य में भी इनका बहुत महत्व है। परंतु आज कई प्राकृतिक एवं मानव जनित कारणों से उपजी वनाग्नि व जलवायु परिवर्तन के कारण पारिस्थिकी तंत्र में विपरीत बदलाव आ रहे हैं। इन बदलावों से प्रदेश की जैव विविधता परोक्ष रूप से प्रभावित हो रही है जो राज्य के समक्ष भविष्य में भयावह संकट उत्पन्न कर सकती है। उत्तराखंड में आज भी पुरानी जीविका कृषि पद्धति प्रचलित है जिसे आम बोलचाल में व्यावहारिक कृषि…
Court News : जनप्रतिनिधियों पर आपराधिक मामलों की सुनवाई लटकने पर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ किया कि सांसदों और विधायकों के मामलों की सुनवाई तेज़ी से होनी चाहिए, वरना जनता का भरोसा न्याय व्यवस्था से उठ सकता है। देहरादून निवासी एडवोकेट विकेश सिंह नेगी की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने राज्य सरकार से 26 सितंबर तक स्पष्ट जवाब दाखिल करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने 2023 में दिए थे विशेष अदालतें बनाने के आदेश देहरादून निवासी एडवोकेट विकेश सिंह नेगी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की कि सांसदों…
आपदा, तीन अक्षरों का शब्द। लेकिन, यह शब्द इस वर्ष Uttarakhand के लोगों की पीड़ा बयां करने में नाकाफी साबित हो रहा है। आपदा के बाद रोते-बिलखते लोग, जो अपनी पीड़ा भी नहीं व्यक्त कर पा रहे हैं। रात और भोर में प्रकृति के रौद्र रूप ने सबको हिला कर रख दिया है। धराली-थराली, सहस्त्रधारा और एक दिन बाद चमोली। इसके अलावा भी प्रदेश में कई स्थानों पर भुस्खलन, बाढ़ और बादल फटने की घटनाएं हुईं। घर-दुकान और सड़के तो तिनके की तरह पानी के साथ बह जा रही हैं। अब तक सौ से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके…





















