उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के तहत 8 जून से बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना फार्म वितरित करेंगे और उनका संकलन भी करेंगे। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि राज्य में एसआईआर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर पुनरीक्षण कार्य किया जाएगा। 8 जून से 7 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर गणना फार्म वितरित एवं संग्रहित करेंगे। इसी अवधि में फार्मों को बीएओ ऐप के माध्यम से डिजिटाइज कर अपलोड किया जाएगा। डॉ. जोगदंडे ने कहा कि यदि किसी मतदाता के घर पहली बार जाने पर वह उपलब्ध नहीं मिलता है तो बीएलओ कुल तीन बार उसके घर पहुंचेंगे, ताकि कोई भी पात्र मतदाता इस प्रक्रिया से वंचित न रहे।
उन्होंने बताया कि 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। वहीं, 14 जुलाई से 11 सितंबर तक प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 15 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। प्रदेश में करीब 79.60 लाख मतदाताओं को गणना फार्म उपलब्ध कराए जाएंगे। मतदाता स्वयं भी ईसीआई-नेट ऐप के माध्यम से फार्म डाउनलोड कर उसे भरकर ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं। इसके अलावा नए पात्र मतदाता फार्म-6 भरकर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

एक क्लिक पर बीएलओ से कर सकेंगे बात
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए बुक ए कॉल विद बीएलओ फीचर शुरू किया है। मतदाता वोटर्स पोर्टल या ईसीआई-नेट मोबाइल ऐप के जरिए कॉल बुक कर सकते हैं। कॉल बुक होने के बाद दो दिनों के भीतर संबंधित बीएलओ मतदाता से संपर्क करेंगे।
2003 की वोटर लिस्ट भी ऑनलाइन उपलब्ध
डॉ. जोगदंडे ने बताया कि मतदाताओं की सुविधा के लिए वर्ष 2003 की मतदाता सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। मतदाता अपने नाम, पिता या पति के नाम, विधानसभा क्षेत्र, बूथ संख्या तथा गली-मोहल्ले के आधार पर भी पुरानी मतदाता सूची में अपना विवरण आसानी से खोज सकते हैं।










