Uttarakhand : टिहरी गढ़वाल में खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए होटल और मिठाई प्रतिष्ठान पर कार्रवाई की है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत एक होटल संचालक पर 1 लाख तथा मिलावटी रसगुल्ला बेचने के मामले में स्वीट शॉप संचालक पर 5 हजार का अर्थदंड लगाया गया है।
अपर जिला मजिस्ट्रेट एवं न्याय निर्णायक अधिकारी टिहरी गढ़वाल शैलेन्द्र सिंह नेगी द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए होटल और मिठाई प्रतिष्ठान संचालकों पर अर्थदंड अधिरोपित किया गया है। पहले मामले में हौट मोंडे हिल स्ट्रीम रिजॉर्ट कोकियालगांव, तहसील धनोल्टी के पर्सन इंचार्ज ऑफ ऑपरेशन पर 1 लाख का अर्थदंड लगाया गया। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा 25 जुलाई 2025 को होटल परिसर का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री, अस्वच्छ खाद्य भंडारण, खाद्य पदार्थों पर निर्माण एवं उपयोग तिथि अंकित न होना, कीटों की उपस्थिति तथा खाद्य लाइसेंस की प्रति उपलब्ध न होने जैसी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।

प्रकरण की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने अभिलेखों एवं तथ्यों का परीक्षण कर होटल प्रबंधन को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के उल्लंघन का दोषी पाया। न्याय निर्णायक अधिकारी ने निर्धारित अवधि में जुर्माने की राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं। समय पर राशि जमा न होने पर नियमानुसार वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं दूसरे मामले में घनसाली स्थित गणेश स्वीट शॉप पर मिलावटी रसगुल्ला बेचने के आरोप में 5 हजार का अर्थदंड लगाया गया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान से खुले रसगुल्ले का नमूना लिया गया था, जिसकी जांच राज्य खाद्य प्रयोगशाला रुद्रपुर में कराई गई। जांच रिपोर्ट में रसगुल्ले के नमूने में स्टार्च की मौजूदगी पाई गई, जिसके आधार पर उसे अधोमानक घोषित किया गया। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने प्रतिष्ठान संचालक को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की संबंधित धाराओं के उल्लंघन का दोषी मानते हुए जुर्माना अधिरोपित किया। साथ ही निर्धारित अवधि में धनराशि जमा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जिला प्रशासन ने जनपद के सभी खाद्य कारोबारियों से खाद्य सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने तथा उपभोक्ताओं को गुणवत्तायुक्त एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की अपील की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण एवं कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।










