प्रदेश में साहसिक पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित ट्रैकिंग ट्रेक्सन होमस्टे योजना को और आकर्षक बनाया गया है। पर्यटन विकास परिषद की बोर्ड बैठक में योजना के तहत मिलने वाली अनुदान राशि बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। अब ट्रैकिंग मार्गों पर संचालित होमस्टे में नए कमरों के निर्माण के लिए अधिकतम पांच लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा, जबकि मरम्मत कार्यों के लिए प्रति कमरा 50 हजार रुपये की सहायता मिलेगी।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में हुई बैठक में पर्यटन ढांचे को मजबूत करने से जुड़े कई प्रस्तावों पर मुहर लगी। योजना के तहत पहले प्रति कमरे 60 हजार रुपये तक की सहायता दी जाती थी। सरकार का मानना है कि बढ़ी हुई अनुदान राशि से ट्रैकिंग मार्गों पर बेहतर आवासीय सुविधाएं विकसित होंगी और पर्यटकों को अधिक सुविधाजनक ठहराव उपलब्ध होगा। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 514 करोड़ रुपये के बजट को भी स्वीकृति दी गई। साथ ही आध्यात्मिक पर्यटन, अंतरराष्ट्रीय पर्यटन आयोजनों और प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई।

पर्यटन को मिलेगा नया संबल
- नए कमरों के निर्माण पर अधिकतम 5 लाख अनुदान
- मरम्मत कार्य के लिए 50 हजार प्रति कमरा सहायता
- ट्रैकिंग मार्गों पर होमस्टे सुविधाओं का विस्तार होगा
- स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के अवसर बढ़ेंगे
- सरकार का फोकस साहसिक और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने पर










