बारहमासी पर्यटन के लिए Uttarakhand सरकार वेलनेस टूरिज्म पर जोर दे रही है। इसी के तहत प्रदेश में तीन जिलों में नेचुरोपैथी अस्पताल बनाया जाएगा। चंपावत व पिथौरागढ़ में तो जमीन चिह्नित कर ली गई है। बागेश्वर में तलाश की जा रही है। आयुष मिशन के तहत केंद्र सरकार नेचुरोपैथी अस्पताल के लिए वित्तीय सहायता देगी। पिथौरागढ़ के बलवा कोट व चंपावत के कोली ढेक में जमीन का चयन किया गया। खास बात यह होगी कि यह अस्पताल रिजॉर्ट की तर्ज पर विकसित किए जाएंगे। यहां पर प्राकृतिक चिकित्सा के साथ ठहरने की सुविधा भी मिलेगी। नेचुरोपैथी क्या है नेचुरोपैथी…
Author: teerandaj
Uttarakhand में पर्वतमाला मिशन के तहत प्रदेश में पर्यटन व धार्मिक स्थलों के लिए 50 रोपवे प्रस्तावित हैं। यह काम कई चरणों में होने हैं। पहले चरण में छह रोपवे बनाए जाने हैं। इसी के तहत औली से गौरसो तक चेयर कार रोपवे का निर्माण किया जाएगा। खुशखबरी यह है कि डीपीआर पर काम शुरू हो गया है। चेयरकार रोपवे बन जाने से पर्यटन में वृदि्ध की बात कही जा रही है। साथ ही औली की ढलानों को स्कीइंग के लिए विकसित किया जाएगा। यह काम केंद्र सरकार की एजेंसी नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) करा रही है। बारहमासी…
पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया PRSI के 47वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन का दूसरा दिन 2047 तक विकसित भारत पर केंद्रित रहा। देहरादून में चल रहे इस सम्मेलन में भारत को साल 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में प्रभावी संवाद, मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था, जिम्मेदार मीडिया और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सबसे अहम आधार बताया गया। ‘2047 तक भारत को किस तरह विकसित किया जा सकता है’ विषय पर आयोजित विचार-विमर्श में प्रशासन, मीडिया, शिक्षा और जनसंचार क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने एक स्वर में कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब नीतियों…
महिलाओं का वास्तविक सशक्तीकरण तभी संभव है जब वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र हों। जब तक महिलाओं को रोजगार, उद्यमिता और निर्णय प्रक्रिया में समान अवसर नहीं मिलेंगे, तब तक समावेशी विकास की कल्पना अधूरी रहेगी। पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI) के 47वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए उत्तराखंड विधानसभा की अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने ये बातें कहीं। उन्होंने यह भी कहा कि जनसंचार और पब्लिक रिलेशन आज देश और प्रदेश के विकास का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है, जिसके जरिए सरकार और जनता के बीच मजबूत संवाद…
किसी सरकारी विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के लिए कोई पद निकलता है। पीएचडी, एमबीए, पोस्ट ग्रेजुएट जैसे लोग आवेदन कर देते हैं। देश में सरकारी नौकरी को लेकर इतनी बेताबी क्यों है? निजी क्षेत्र में भी बहुत लोग ऐसे हैं जो अच्छा पैसा कमा रहे हैं। तो इसकी क्या वजह एक ही है- नौकरी की गारंटी। प्राइवेट सेक्टर में कितनी भी अच्छी कंपनी क्यों न हो, वहां काम करने वाले लोगों में असुरक्षा की भावना होती है। नए श्रम कानून लागू होने के बाद लोगों की दिलचस्पी यह जानने में है कि उनकी नौकरी कितनी सुरक्षित रहेगी। नए श्रम…
उत्तराखंड जैसे प्राकृतिक आपदाओं एवं सामरिक दृष्टि से संवेदनशील राज्य में सूचना महज एक औपचारिकता नहीं है। यह विश्वास की बुनियाद है। आपदा के समय इसकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। देहरादून में आयोजित 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशन कांफ्रेंस–2025 (PRSI Conference) के उद्घाटन के अवसर पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने ये बातें कहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में जहां एक ओर सूचना की प्रचुरता है, वहीं दूसरी ओर गलत सूचना की चुनौती भी गंभीर है। ऐसे में सरकार और जनता के बीच सही, समयबद्ध और भरोसेमंद संवाद स्थापित करना जनसंपर्क की सबसे बड़ी जिम्मेदारी…
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में महक क्रांति नीति 2026-36 का शुभारंभ किया। सगंध पौध केंद्र यानी कैप के सेलाकुईं स्थित परिसर में इस नीति के साथ ही पांच सैटेलाइट सेंटरों का शिलान्यास किया गया। ये सैटेलाइट सेंटर – परसारी ( चमोली ), रैथल ( उत्तरकाशी), भैसोड़ी ( अल्मोड़ा), खतेड़ा ( चंपावत) एवं विषाड ( पिथौरागढ़) में स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही भाऊवाला स्थित सैटेलाइट सेंटर का उद्घाटन भी किया गया। सीएम धामी ने इस अवसर पर कहा कि सगंध की खेती से एक लाख किसानों को जोड़ने के लक्ष्य पर काम किया जा रहा है।…
देहरादून में 13 से 15 दिसंबर तक देशभर के जनसंपर्क एवं कम्युनिकेशन प्रोफेशनल्स का संगम होगा। पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI) की 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशंस कॉन्फ्रेंस में सरकारी विभागों, कॉर्पोरेट, पीएसयू, अकादमिक संस्थानों और मीडिया जगत से बड़ी संख्या में प्रतिनिधि जुटेंगे। PRSI के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजीत पाठक ने बताया कि इस वर्ष सम्मेलन की थीम है ‘विकसित भारत @2047: विकास भी, विरासत भी’। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में विचार किया जाएगा कि आने वाले वर्षों में पब्लिक रिलेशंस राष्ट्रनिर्माण, तकनीक, संवाद और जनभागीदारी के क्षेत्र में कैसी अग्रणी और निर्णायक भूमिका निभा सकता है। सीएम…
अतुल्य उत्तराखंड के लिए विकास जोशी मौजूदा वक्त में सबसे ज्यादा ट्रेंडिंग में कोई टेक्नोलॉजी अगर है तो वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) है। कभी जिस एआई की बात हम साइंस फिक्शन किताबों और फिल्मों में सुना करते थे, वह आज हमारे जीवन का हिस्सा बन चुका है। हमारे मोबाइल फोन, लैपटॉप से लेकर हमारे घर में अब एआई ने पैठ बना ली है। सिर्फ घर ही नहीं बल्कि हमारे ऑफिस तक भी एआई पहुंच चुका है। इस एआई ने पहले ऑफिस पहुंचकर आपके हर काम में हाथ बंटाना शुरू किया। आप भी इसके सहारे छोटे-मोटे टास्क निपटा रहे हैं लेकिन…
अतुल्य उत्तराखंड के लिए चारू तिवारी अस्सी-नब्बे का दशक उत्तराखंड राज्य आंदोलन का रहा। उत्तराखंड राज्य आंदोलन की यह ताप कई आंदोलनों और लोगों की आकांक्षाओं के चलते और तेज हो रही थी। सत्तर के शुरुआती दौर से ही यहां वन आंदोलन तेज हो गया था। गढ़वाल और कुमाऊं विश्वविद्यालय के आंदोलनों ने यहां के युवाओं में नई राजनीतिक चेतना का संचार किया। आपातकाल के प्रतिकार में भी युवाओं की भागीदारी रही। ‘नशा नहीं रोजगार दो’ से लेकर भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चली। शराब के खिलाफ महिलाएं सड़क में उतरीं। रोजगार का मुद्दा था। जल, जंगल और जमीन की लड़ाइयां…
उत्तराखंड उन राज्यों की सूची में शामिल हो गया है जहां ग्रीन सेस या कहें पर्यावरण टैक्स लिया जा रहा है। राज्य में बाहर से आने वाले सभी वाहनों पर ग्रीन टैक्स लागू होगा। इसे पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सवाल यह है कि इससे क्या सचमुच देवभूमि के लोगों को जाम से मुक्ति मिलेगी? लोगों को दमघोंटू वाहनों के धूएं वाली हवा से निजात मिलेगी? या सिर्फ ग्रीन सेस से हरियाली सिर्फ सरकारी खजाने में ही आएगी? क्योंकि अनुमान लगाया जा रहा है कि सौ से डेढ़ सौ करोड़…
सोशल मीडिया से बच्चों पर हो रहे दुष्प्रभावों के बारे में दुनिया में अब तक बातें ही हो रही हैं। जबकि, ऑस्ट्रेलिया ने 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन कर दिया है। आस्ट्रेलिया में मंगलवार की आधी रात से टिकटॉक, अल्फाबेट के यूट्यूब और मेटा के इंस्टाग्राम और फेसबुक सहित कई प्लेटफार्मों तक बच्चों की पहुंच को रोक दिया गया है। इस कानून की प्राद्योगिक कंपनियां निंदा कर रही हैं। जबकि, अभिभावक बेहद प्रसन्न हैं। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंटनी अल्बनीज का कहना है कि इस कानून के पालन में कठिनाइयां आ सकती हैं।…
अतुल्य उत्तराखंड के लिए संजीव कंडवाल भारत की सांस्कृतिक – सामाजिक विविधता को दर्शाने के लिए एक पुरानी कहावत का इस्तेमाल किया जाता है – ‘कोस कोस पर बदले पानी, चार कोस पर वाणी’ और जब हम Uttarakhand के पहाड़ों में होते हैं तो, यह विविधता हमें हर धार-खाल में नजर आने लगती है। उत्तराखंड के भूगोल और समाज की बनावट ही ऐसी रही है कि यहां हर घाटी हर चोटी में विशिष्ट तरह की सांस्कृतिक अभिव्यक्ति सुनाई देती है। इस तरह उत्तराखंड का समाज भारत की जनसांख्यिकी में भले ही छोटी सी हिस्सेदारी रखता हो, लेकिन यहां की सांस्कृतिक…
New Rent Agreement-2025 : अगले महीने से एक हजार रुपये किराया बढ़ जाएगा। अगर नहीं दे सकते तो मकान खाली कर देना। ये शब्द किराये के मकानों में रहने वाले अधिकांश लोग कई बार सुन चुके हैं। अब इसपर लगाम लग जाएगी। केंद्र सरकार ने न्यू रेंट एग्रीमेंट पॉलिसी-2025 (नया गृह किराया प्रबंधन नियम-2025) के नियम केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा लागू किया गया है। अब हर रेंट एग्रीमेंट को दो महीने के भीतर रजिस्टर कराना जरूरी होगा। अगर नियमों को नहीं मानते हैं तो 5000 रुपये का जुर्माना लग सकता है। अब तक लोग रेंट एग्रीमेंट तो…
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने बताया कि Uttarakhand की 184 ग्रामीण सड़कों के निर्माण के लिए 1700 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान की गई, जिनकी कुल लंबाई 1228 किलोमीटर होगी। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिवराज सिंह चौहान से प्राकृतिक आपदा से प्रभावित अवसंरचना के पुनर्निर्माण से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री के साथ प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) से जुड़े विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल की प्राकृतिक आपदा…
संसद में Uttarakhand के पांच सांसद हैं। इसके बाद भी उत्तरकाशी में छह हजार देवदार वृक्षों को काटने का मुद्दा छत्तीसगढ़ के कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने उठाया। उन्होंने कहा, एक तरफ मोदी सरकार कह रही है कि एक पेड़ मां के नाम। दूसरी ओर गंगोत्री के पास देवदार के छह हजार वृक्षों को काटने की अनुमति दे दी गई। आखिरी यह दोहरा चरित्र क्यों? दरअसल, गंगोत्री राजमार्ग के चौड़ीकरण की जद में ये देवदार के वृक्ष आ रहे हैं। हालांकि, इस मुद्दे पर कुछ लोग विरोध में हैं तो कुछ लोग चौड़ीकरण के समर्थन में हैं। कांग्रेस सांसद ने…






















