केंद्र सरकार ने Uttarakhand में शहरी भूमि और नियोजन सुधारों को बढ़ावा देने के लिए 264.50 करोड़ की विशेष वित्तीय सहायता स्वीकृत की है। यह सहायता पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना 2025–26 के तहत दी गई है। आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की अनुशंसा के आधार पर यह राशि राज्य सरकार को उपलब्ध कराई गई है। उत्तराखंड सरकार ने इस प्रोत्साहन राशि के लिए पीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से प्रस्ताव भेजा था जिसे सक्षम प्राधिकारी ने मंजूरी दे दी। इसके बाद केंद्र सरकार ने यह पूरी राशि एकमुश्त किस्त में राज्य को जारी कर दी है।…
Author: teerandaj
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को भराड़ीसैंण में Agniveer कैडेट्स के साथ संवाद किया। इस दौरान कैडेट्स ने उनसे विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे जिनका मुख्यमंत्री ने सहज और विस्तार से उत्तर दिया। संवाद के दौरान अग्निवीर कैडेट शंकर सिंह राणा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि सैनिक परिवार से होने के कारण उन्होंने सेना के जीवन को करीब से देखा है ऐसे में क्या कभी उनका मन सेना में जाने का नहीं हुआ। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना में जाना अन्य सेवाओं की तुलना में अत्यंत सम्माननीय माना जाता है। उन्होंने कहा कि भले ही वे सेना…
Uttarakhand Budget 2026-27 : उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन में 1,11,703.21 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया। यह पिछले वर्ष की तुलना में 11.41 फीसदी अधिक है। राज्य के इतिहास में यह पहली बार हुआ जब राज्यपाल का अभिभाषण और बजट प्रस्तुतीकरण एक ही दिन संपन्न हुए। सुबह 11 बजे राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) के संबोधन के बाद दोपहर 3 बजे सीएम धामी ने बजट पेश किया। मुख्यमंत्री ने इस बजट को SANTULAN (संतुलन) (समावेशी विकास, आत्मनिर्भर, नई सोच, तीव्र विकास,…
उत्तर भारत में जहां आज भी बड़ी संख्या में युवा सरकारी नौकरी को ही सुरक्षित और प्रतिष्ठित करियर मानते हैं वहीं देहरादून की युवा उद्यमी 32 वर्षीय परिधि भंडारी ने पारंपरिक सोच से अलग राह चुनी। उन्होंने कॉरपोरेट दुनिया की प्रतिष्ठित कंपनी मैकिंजी एंड कंपनी में काम करने के बाद इंटीरियर डिजाइनिंग जैसे रचनात्मक और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में कदम रखा। आज वह होटल और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं और एक सफल कंपनी मोल्यार बाय पेरी का संचालन कर रही हैं। करीब 15 लोग स्थायी तौर पर उनकी कंपनी में काम कर रहे हैं। इसके अलावा…
लोग कहते थे-यहां कौन टूरिस्ट आएगा? पैसा डूब जाएगा। अपने होम स्टे में बैठीं बबिता रावत जब यह वाक्य दोहराती हैं तो आवाज में शिकायत नहीं बल्कि आत्मविश्वास झलकता है। क्योंकि जो कहते थे कौन आएगा? उनको वह जवाब दे चुकी हैं। आज वह चार लोगों को रोजगार दे रही हैं। कमाई इतनी कि जितनी उनके पति कभी बंगलूरू में रहकर किया करते थे उतना वह होम स्टे से कमा ले रही हैं। आज गांव ही उनका कार्यस्थल है। टिहरी में जन्मी बबिता ने नौवीं से बारहवीं तक की पढ़ाई यहीं की। आगे बढ़ने की चाह में ऑफिस मैनेजमेंट का कोर्स…
सवाल : आप 30 साल से सोशल वर्क कर रही हैं लेकिन जेल में हीलिंग और काउंसलिंग का काम कब से और कैसे शुरू हुआ? जेल में मेरा काम लगभग 2014 से शुरू हुआ। सच कहूं तो यह कोई प्लान बनाकर नहीं हुआ। जेल में काम करना है ऐसा कोई एजेंडा नहीं था। ईश्वर ने मुझे यहां भेजा। जब हमने घर बनाया तो वह जेल के बिल्कुल पास बना। तब मेरे मन में विचार आया कि जो लोग अंदर बंद हैं उनकी मानसिक स्थिति कैसी होगी? मैं बचपन से ही संवेदनशील रही हूं। किसी का दुख देखती हूं तो लगता…
गोविंद सिंह Women’s Day Special : यह एक कड़वा सच है कि पृथक राज्य बनने के बाद हमारी मातृशक्ति को वह लाभ और अधिकार नहीं मिल सके, जिनकी वे हकदार थीं।इस तथ्य से शायद ही कोई असहमत हो कि संपत्ति, उत्तराधिकार, रोजगार और राजनीति जैसे क्षेत्रों में उन्हें उनका उचित ‘देय’ नहीं मिला। हालांकि, संतोषजनक और सुखद पहलू यह है कि पिछले कुछ वर्षों में यह धुंधली तस्वीर तेजी से बदल रही है। 2026 के महिला दिवस पर यह लिखते हुए मेरा मन गौरव से भर उठता है कि हमारी देवभूमि उत्तराखंड ने नारी शक्ति के उत्थान में अग्रणी भूमिका…
अतुल्य उत्तराखंड ब्यूरो Women’s Day Special : पहाड़ों की ढलानों पर बिखरे सूखे चीड़ के पत्ते पिरुल आग और पर्यावरण संकट का कारण माने जाते हैं। इसी पिरुल के इस्तेमाल से हजारों महिलाओं की जिंदगी में उजाला फैलाने का काम किया है मंजू शाह ने। लोग उन्हें पिरुल वुमन भी कहते हैं। खेलने की उम्र में पिता का छाया सिर से उठ गया। माता गृहिणी थीं। परिवार पर आए संकट को छोटी सी उम्र में ही मंजू महसूस करने लगी थी। उनकी मां देवकी देवी कभी स्कूल नहीं गई थीं। पति के निधन के बाद उन्हें खेतों में मजदूरी करनी…
अतुल्य उत्तराखंड ब्यूरो Women’s Day Special :जब बाजार में चमचमाती शिमला मिर्च, बेदाग सेब और दर्पण-सी चमकती बैंगन दिखती है तो आम उपभोक्ता उन्हें बेहतर मान लेता है। लेकिन एक महिला वैज्ञानिक हैं जो ऐसी सब्जियों को देखकर खुश नहीं, बल्कि चिंतित हो जाती हैं। डॉ. लक्ष्मी रावत, जैव-नियंत्रण वैज्ञानिक, पर्वतीय कृषि महाविद्यालय रानीचौरी, कहती हैं- अगर किसी फल या सब्जी पर एक भी धब्बा नहीं है तो एक वैज्ञानिक के तौर पर मैं सोचती हूं कि उसमें कितने रसायनों का छिड़काव किया गया होगा। डॉ. रावत बताती हैं कि आज की खेती में उपयोग हो रहे कई कीटनाशक सिस्टमैटिक…
अतुल्य उत्तराखंड ब्यूरो womens day Special : उत्तराखंड के सीमांत जनपद चंपावत जिला के बाराकोट ब्लॉक में बसा च्यूरानी गांव… ऊबड़-खाबड़ पगडंडियां, सीमित संसाधन और चुनौतियों से भरी दिनचर्या। इन्हीं पहाड़ियों के बीच एक छोटा-सा प्राथमिक विद्यालय है। यहां से उठी समर्पण की कहानी अब राष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुकी है। इस विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मंजूबाला को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2025 से नवाजा गया है। 3 सितंबर 2025 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें सम्मानित किया। यह सम्मान सिर्फ एक शिक्षक का नहीं बल्कि उस जज्बे का है जो पहाड़ की कठिन राहों से…
गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को उत्तराखंड दौरे के दौरान घुसपैठ के मुद्दे पर राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उत्तराखंड सरकार के चार साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि जो लोग भारत के नागरिक नहीं हैं, उन्हें देश से बाहर किया जाएगा। गृहमंत्री ने कहा कि देश में घुसपैठ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। केदारनाथ से कन्याकुमारी तक राहुल बाबा को जितना विरोध करना है करें लेकिन घुसपैठियों को भारत से बाहर निकालने का काम जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हर मुद्दे को नकारात्मक नजर से देखती है जबकि नौ साल…
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को टिहरी झील महोत्सव का शुभारंभ किया। टिहरी जिले के कोटी कॉलोनी क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने चार दिवसीय महोत्सव का उद्घाटन किया। 6 से 9 मार्च तक आयोजित होने वाला यह महोत्सव टिहरी झील क्षेत्र में पर्यटन को नई पहचान देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि टिहरी झील महोत्सव प्रदेश में पर्यटन और साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। ऐसे आयोजनों से राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, लोक संस्कृति और परंपराओं को व्यापक पहचान मिलती है। साथ ही स्थानीय…
उत्तराखंड में होने वाली प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया 6 मार्च यानी आज से शुरू हो गई। श्रद्धालु वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से घर बैठे अपना पंजीकरण करा सकेंगे। सरकार ने यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए इस बार भी पंजीकरण को अनिवार्य रखा है। शुक्रवार को वेबसाइट खुलते ही ऑनलाइन पंजीकरण होने लगे। हालांकि, अभी कोई आकंड़ा जारी नहीं किया गया है मगर कहा जा रहा है कि पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार पहले दिन ज्यादा पंजीकरण होने की संभावना है। यमुनोत्री धाम और…
उत्तराखंड इकोनॉमिक सर्वे: उत्तराखंड सरकार के कार्यकाल के चार वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर राज्य की आर्थिकी की एक बेहद उत्साहजनक तस्वीर सामने आई है। बृहस्पतिवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर के सभागार में आयोजित एक महत्वपूर्ण पत्रकारवार्ता के दौरान नियोजन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 का आर्थिक सर्वेक्षण जारी किया। प्रमुख सचिव डॉ. आर मीनाक्षी सुंदरम ने सर्वेक्षण के आंकड़ों को सार्वजनिक करते हुए बताया कि पिछले चार वर्षों में राज्य की सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में डेढ़ गुना की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार के इन चार वर्षों के तुलनात्मक आंकड़ों ने यह स्पष्ट…
Tharali Forest Fire : चमोली के थराली क्षेत्र में जंगलों में लगी भीषण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया है। बद्रीनाथ वन प्रभाग के अंतर्गत मध्य पिंडर रेंज के जंगल कई दिनों से आग की चपेट में हैं। चेपड़ों और सौगांव गांवों के आसपास फैली यह आग अब तेजी से फैलते हुए खाड़ीबगड़, सौगांव जूनिधार और गोठिंडा के वन क्षेत्रों तक पहुंच गई है। आग के फैलाव से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई स्थानों पर इसकी लपटें 20 फीट तक ऊंची उठ रही…
शनिवार की सुबह जब सूरज की पहली किरणें तेहरान के आसमान पर चमक रही थीं, तब किसी को अंदाजा नहीं था कि अगले कुछ घंटे ईरान के आधुनिक इतिहास के सबसे बड़े पावर वैक्यूम का गवाह बनने वाले हैं। एक बेहद गुप्त और सटीक सैन्य ऑपरेशन में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके शीर्ष सैन्य सिपहसालारों को उनके सबसे सुरक्षित गढ़ में मार गिराया गया। यह सिर्फ एक हमला नहीं था। इसमें महीनों की मेहनत थी। महीनों निगरानी रखी गई। एक एक खुफिया जानकारी इकट्ठी की गई। ईरान पर हमले के बाद अमेरिका की ओर से जो…






















