उत्तराखंड निकाय चुनाव : शहरी विकास विभाग ने 11 नगर निगमों के नगर प्रमुख पदों पर आरक्षण की सूची जारी की है। यह सूची उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1959 और अन्य संबंधित नियमों के तहत प्रस्तावित की गई है। इस अधिसूचना के जारी होने के बाद, शहरी विकास विभाग ने सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं। सात दिन के भीतर आम नागरिक, राजनीतिक दल और अन्य संबंधित पक्ष इस प्रस्ताव पर अपनी राय दे सकते हैं। यह भी पढ़ें : एंटीबायोटिक्स को बेअसर करने वाले Superbug को मात देने के लिए भारत में विकसित हुई दवा अनंतिम सूची के…
Author: teerandaj
स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस बात से चिंतित हैं कि एंटीबायोटिक अपना असर खोते जा रही है। लेकिन, भारतीय वैज्ञानिकों की अथक मेहनत का नतीजा है कि जिन कारणों से एंटिबायोटिक्स बेअसर हो रही थी, उसकी दवा बना दी गई है। यानी, Superbug के कारण एंटीबायोटिक बेअसर हो रही है। अब उसका भी इलाज उपलब्ध होगा। मेडिकल जर्नल लैंसेट के मुताबिक, एंटीबायोटिक प्रतिरोधी ‘सुपरबग्स’ के कारण साल 2021 में दुनियाभर में 11 लाख 40 हजार लोगों की मौत हुई थी। साल 2019 में ही इस तरह के एंटीबायोटिक प्रतिरोधी संक्रमण के कारण 3 लाख मौतें हुई थीं। हर साल लगभग 60 हजार…
उत्तराखंड सरकार लीसा का सारा काम निजी क्षेत्र को देने की तैयारी कर रही है। इस बाबत शीर्ष स्तर पर विचार विमर्श किया जा रहा है। राज्य में हर साल एक लाख क्विंटल से अधिक लीसा एकत्रित किया जाता है। लीसा एकत्रित करने का कार्य ठेका देकर कराया जाता है। लेकिन, इसके बाद का सारा कार्य जैसे- लीसा विदोहन, भंडारण और बिक्री का काम वन विभाग करता है। अब ये सारे काम भी निजी हाथों में देने की तैयारी है। वन विभाग का मानना है कि इससे आय बढ़ेगी, क्यों कि यह काम निजी हाथों में जाने से अधिक मात्रा…
देश में खाद्य पदार्थों का वैज्ञानिक मानक तय करने वाली संस्था उच्चतम खाद्य नियामक फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने बोतल बंद पानी को उच्च जोखिम श्रेणी में डालने का फैसला किया है। इसके लिए वह अपनी निरीक्षण नीति में संशोधन किया है। 29 नवंबर 2024 को इस आशय का आदेश जारी किया है। अब बोतलबंद यानी पैक्ड वाटर की सप्लाई करने वाली कंपनियों पर सख्त नियामक नियंत्रण और सालाना निरीक्षण अनिवार्य किए गए हैं। इसके मुताबिक, कंपनियों की साल में एक बार जांच होगी। पानी की क्वालिटी चेक के लिए यह काम किया जाएगा। एफएसएसएआई के…
विज्ञान को सही ढंग से परिभाषित करने की आवश्यकता है। विज्ञान केवल आराम प्रदान करने का साधन नहीं है, बल्कि यह आवश्यकता की जननी है। विज्ञान का उद्देश्य प्रकृति को समझना, रचनात्मकता और कल्पनाशीलता को बढ़ावा देना और स्थायी विकास के रास्ते तलाशना है। आज विज्ञान और प्रकृति के बीच स्वाभाविक तालमेल को अनदेखा करने के कारण विश्व जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग और संसाधनों की कमी जैसी गंभीर समस्याओं का सामना कर रहा है। यह बातें पद्मभूषण डॉ. अनिल जोशी ने कहीं। मौका था द दून स्कूल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय छात्र विज्ञान सम्मेलन। इस सम्मेलन में भारत के विभिन्न कोनों…
Uttarakhand : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ड्रीम प्रोजेक्ट पॉलीहाउस योजना की अफसरों ने हवा निकाल दी है। ग्रामीण लोगों की आजीविका बढ़ाने में यह योजना बेहद कारगर मानी जा रही थी। धामी सरकार ने इसका जमकर प्रचार भी किया था। मगर, सिस्टम की सुस्ती का आलम यह है कि अब तक जमीन पर कोई काम नहीं दिखाई दे रहा है। अफसर कह रहे हैं कि एक महीने में काम शुरू हो जाएगा। मगर, यहां सवाल यह है कि सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट में भी लेटलतीफी का हाल यह है तो बाकी की योजनाओं की दशा क्या होगी? यही हाल…
Rafting डेस्टिनेशन के रूप में अपनी पहचान बना चुके ऋषिकेश में 100 करोड़ की लागत से राफ्टिंग बेस स्टेशन बनाया जाएगा। इस योजना में केंद्र सरकार मदद कर रही है। केंद्र सरकार ने पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायता योजना के तहत देश के 23 राज्यों के 40 पर्यटक स्थलों के विकास के लिए 3295 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। इसमें योगनगरी ऋषिकेश को भी लाभ मिला है। यहां सौ करोड़ की लागत से आधुनिक राफ्टिंग बेस स्टेशन स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया है। सीएम…
Uttarakhand : शासन की ओर से दिए जा रहे निर्देशों के बावजूद सरकारी बैंक कर्ज देने के मामले में कंजूसी बरत रहे हैं। जबकि, शासन ने स्पष्ट निर्देश दे रखा है कि सरकार योजनाओं के तहत लोगों को कर्ज दिया जाए। कर्ज देने में निजी बैंक सरकारी बैंकों से आगे निकल गए हैं। नतीजा यह है कि कई जिलों में राष्ट्रीयकृत बैंकों का ऋण जमा अनुपात (सीडी रेशो) प्राइवेट बैंक से काफी पीछे है। यह खुलासा मंगलवार को राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में हुआ है। बताया जा रहा है कि सचिव वित्त दिलीप जावलकर ने सीडी रेशो कम होने…
पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश को सेब उत्पादन में टक्कर देने के लिए Uttarakhand भी तैयार हो रहा है। इसी क्रम में राज्य के विभिन्न इलाकों में सेब उत्पादन को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसी के तहत उत्तराखंड एप्पल फेडरेशन ने ज्योतिर्मठ के सेब को बदरीश एप्पल के नाम से ब्रांडिंग कर बाजार में उपलब्ध कराने की योजना बनाई है। योजना है कि देश भर में इसकी ब्रांडिंग की जाए। क्योंकि यहां के सेबों गुणवत्ता बहुत अच्छी है। यह भी पढ़ें : जिला पंचायत अध्यक्ष बनाए गए प्रशासक, प्रधान संगठन बिफरे; कोर कमेटी की बैठक बुलाई उत्तराखंड एप्पल फेडरेशन ने…
Uttarakhand सरकार आयुष्मान योजना के बढ़ते खर्च से चिंतित है। सरकार अब समर्थशाली लोगों ने योजना स्वेच्छा से छोड़ने की अपील करेगी। बतादें कि राज्य आयुष्मान योजना के तहत अमीर से लेकर गरीब तक सबको पांच लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा धामी सरकार दे रही है। अब तक 12.32 लाख लोगों के इलाज पर 2289 करोड़ रुपये उत्तराखंड सरकार खर्च कर चुकी है। यह भी पढ़ें: जिला पंचायत अध्यक्ष बनाए गए प्रशासक, प्रधान संगठन बिफरे; कोर कमेटी की बैठक बुलाई आयुष्मान योजना का सालाना बजट 1200 करोड़ तक पहुंचने वाला है। इस कारण सरकार बढ़ते बजट पर चिंतित है।…
उत्तराखंड शासन (Uttarakhand Government) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए 12 जिलों के जिला पंचायत अध्यक्षों को छह महीने के लिए प्रशासक नियुक्त कर दिया है। इस संबंध में अधिसूचना जारी हो गई है। इसमें कहा गया है कि राज्यपाल, उत्तराखंड पंचायती राज अधिनियम, 2016 (यथा संशोधित उत्तराखंड पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2020) की धारा 130 की उपधारा 6 के तहत मिली शक्ति का प्रयोग करते हुए उत्तराखंड राज्य की समस्त गठित जिला पंचायतों (जनपद हरिद्वार को छोड़कर) में कार्यकाल समाप्त होने की तारीख (दिनांक 01.12.2024) के बाद कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से छह महीने के लिए अनधिक अवधि…
Uttarakhand : 28 नवंबर से दून विश्वविद्यालय में 19वें राज्य विज्ञान प्रौद्योगिकी सम्मेलन में हिमालयी चुनौतियों पर मंथन होगा। 30 नवंबर तक चलने वाले इस सम्मेलन में देश भर के वैज्ञानिक, शोधकर्ता, शिक्षाविद शामिल होंगे। उत्तराखंड राज्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) की ओर से आयोजित सम्मेलन का उद्घाटन राज्यपाल गुरमीत सिंह करेंगे। सम्मेलन में सीएम पुष्कर सिंह धामी भी शामिल होंगे। राज्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी सम्मेलन की थीम “उत्तराखंड के संदर्भ में जल और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन” है, जो हिमालयी क्षेत्र की चुनौतियों का समाधान करने के लिए स्थायी संसाधन प्रबंधन और वैज्ञानिक प्रगति के एकीकरण पर केंद्रित है।…
प्राकृतिक खेती जिसे शून्य बजट की खेती भी कहा जाता है उत्तराखंड के लिए वरदान साबित हो सकती है। हालांकि, इसके लिए किसानों को जागरूक करना इसके तौर-तरीके बताने की चुनौती भी है। क्योंकि, उत्तराखंड में जैविक खेती तो बड़े पैमाने पर की जाने लगी है। यहां के आर्गेनिक प्रोडक्ट की देश भर में मांग भी खूब है। इस बीच प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना चुनौतीपूर्ण रहेगा। हालांकि, प्राकृतिक और ऑर्गेनिक खेती के बीच मामूली अंतर है। प्राकृतिक खेती ऑर्गेनिक खेती से भी सस्ती होती है। लेकिन, इसके लिए प्रशिक्षण जरूरत होती है। इसमें अनुभव की जरूरत पड़ती है। विशेषज्ञ कहते…
दीपम सेठ उत्तराखंड के नए पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किए गए हैं। सोमवार को शासन ने यह आदेश जारी कर दिया। साथ ही कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार को कार्यमुक्त कर दिया गया है। बतादें कि Deepam Seth 1995 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। एडीजी दीपम सेठ को पुलिस के 13वें मुखिया हैं। वह उत्तराखंड कैडर के वर्तमान में सबसे वरिष्ठ अधिकारी हैं। बतादें कि आईपीएस अधिकारी दीपम सेठ केंद्र में आईजी आईटीबीपी के पद पर तैनात थे। उसके बाद वह एसएसबी में एडीजी के पद पर तैनात रहे। दीपम सेठ को पुलिस महानिदेशक बनाए जाने का आदेश गृह विभाग…
समय पूर्व प्रसव यानी प्री मैच्योर डिलीवरी के मामले Uttarakhand में बढ़ रहे हैं। समय से पहले बच्चे का जन्म तब कहा जाता है, जब कोई बच्चा 37 हफ्तों से पहले पैदा होता है। इससे मां के साथ नवजात को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। चिकित्सकों के मुताबिक, खून की कमी के कारण यह समस्या बढ़ रही है। राजधानी देहरादून के जिला चिकित्सालय समेत प्रदेश के अन्य जिलों में समय से पूर्व होने वाले प्रसव के मामले बढ़ रहे हैं। इसका असर नवजात के स्वास्थ्य पर देखने को मिल रहा है। चिकित्सकों ने इसको लेकर चिंता जाहिर की…
Climate Change : 60 साल पहले ग्लेशियर का जीरो प्वाइंट हुआ करता था। अब वहां भुरभुरे पहाड़ दिखाई देते हैं। ये परिवर्तन पर्यावरणीय बदलावों को उजागर करते हैं जो ग्लेशियर के पीछे हटने और प्राकृतिक और मानवीय कारकों द्वारा उत्पन्न चुनौतियों को दर्शाते हैं। पर्यावरणीय वैज्ञानिक इसे बड़े खतरे का संकेत मान रहे हैं। उत्तराखंड डिजास्टर एंड एक्सीडेंट एनालिसिस इनिशिएटिव (उदय) की अक्तूबर माह की रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि उत्तराखंड सहित पूरे हिमालय क्षेत्र में ग्लेशियरों में लगातार हलचल हो रही है। इससे संबंधित खबरें खूब आने लगी हैं। ग्लेशियरों के पीछे खिसकने और ग्लेशियर लेक की…



















