पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश को सेब उत्पादन में टक्कर देने के लिए Uttarakhand भी तैयार हो रहा है। इसी क्रम में राज्य के विभिन्न इलाकों में सेब उत्पादन को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसी के तहत उत्तराखंड एप्पल फेडरेशन ने ज्योतिर्मठ के सेब को बदरीश एप्पल के नाम से ब्रांडिंग कर बाजार में उपलब्ध कराने की योजना बनाई है। योजना है कि देश भर में इसकी ब्रांडिंग की जाए। क्योंकि यहां के सेबों गुणवत्ता बहुत अच्छी है। यह भी पढ़ें : जिला पंचायत अध्यक्ष बनाए गए प्रशासक, प्रधान संगठन बिफरे; कोर कमेटी की बैठक बुलाई उत्तराखंड एप्पल फेडरेशन ने…
Author: teerandaj
Uttarakhand सरकार आयुष्मान योजना के बढ़ते खर्च से चिंतित है। सरकार अब समर्थशाली लोगों ने योजना स्वेच्छा से छोड़ने की अपील करेगी। बतादें कि राज्य आयुष्मान योजना के तहत अमीर से लेकर गरीब तक सबको पांच लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा धामी सरकार दे रही है। अब तक 12.32 लाख लोगों के इलाज पर 2289 करोड़ रुपये उत्तराखंड सरकार खर्च कर चुकी है। यह भी पढ़ें: जिला पंचायत अध्यक्ष बनाए गए प्रशासक, प्रधान संगठन बिफरे; कोर कमेटी की बैठक बुलाई आयुष्मान योजना का सालाना बजट 1200 करोड़ तक पहुंचने वाला है। इस कारण सरकार बढ़ते बजट पर चिंतित है।…
उत्तराखंड शासन (Uttarakhand Government) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए 12 जिलों के जिला पंचायत अध्यक्षों को छह महीने के लिए प्रशासक नियुक्त कर दिया है। इस संबंध में अधिसूचना जारी हो गई है। इसमें कहा गया है कि राज्यपाल, उत्तराखंड पंचायती राज अधिनियम, 2016 (यथा संशोधित उत्तराखंड पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2020) की धारा 130 की उपधारा 6 के तहत मिली शक्ति का प्रयोग करते हुए उत्तराखंड राज्य की समस्त गठित जिला पंचायतों (जनपद हरिद्वार को छोड़कर) में कार्यकाल समाप्त होने की तारीख (दिनांक 01.12.2024) के बाद कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से छह महीने के लिए अनधिक अवधि…
Uttarakhand : 28 नवंबर से दून विश्वविद्यालय में 19वें राज्य विज्ञान प्रौद्योगिकी सम्मेलन में हिमालयी चुनौतियों पर मंथन होगा। 30 नवंबर तक चलने वाले इस सम्मेलन में देश भर के वैज्ञानिक, शोधकर्ता, शिक्षाविद शामिल होंगे। उत्तराखंड राज्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) की ओर से आयोजित सम्मेलन का उद्घाटन राज्यपाल गुरमीत सिंह करेंगे। सम्मेलन में सीएम पुष्कर सिंह धामी भी शामिल होंगे। राज्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी सम्मेलन की थीम “उत्तराखंड के संदर्भ में जल और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन” है, जो हिमालयी क्षेत्र की चुनौतियों का समाधान करने के लिए स्थायी संसाधन प्रबंधन और वैज्ञानिक प्रगति के एकीकरण पर केंद्रित है।…
प्राकृतिक खेती जिसे शून्य बजट की खेती भी कहा जाता है उत्तराखंड के लिए वरदान साबित हो सकती है। हालांकि, इसके लिए किसानों को जागरूक करना इसके तौर-तरीके बताने की चुनौती भी है। क्योंकि, उत्तराखंड में जैविक खेती तो बड़े पैमाने पर की जाने लगी है। यहां के आर्गेनिक प्रोडक्ट की देश भर में मांग भी खूब है। इस बीच प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना चुनौतीपूर्ण रहेगा। हालांकि, प्राकृतिक और ऑर्गेनिक खेती के बीच मामूली अंतर है। प्राकृतिक खेती ऑर्गेनिक खेती से भी सस्ती होती है। लेकिन, इसके लिए प्रशिक्षण जरूरत होती है। इसमें अनुभव की जरूरत पड़ती है। विशेषज्ञ कहते…
दीपम सेठ उत्तराखंड के नए पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किए गए हैं। सोमवार को शासन ने यह आदेश जारी कर दिया। साथ ही कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार को कार्यमुक्त कर दिया गया है। बतादें कि Deepam Seth 1995 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। एडीजी दीपम सेठ को पुलिस के 13वें मुखिया हैं। वह उत्तराखंड कैडर के वर्तमान में सबसे वरिष्ठ अधिकारी हैं। बतादें कि आईपीएस अधिकारी दीपम सेठ केंद्र में आईजी आईटीबीपी के पद पर तैनात थे। उसके बाद वह एसएसबी में एडीजी के पद पर तैनात रहे। दीपम सेठ को पुलिस महानिदेशक बनाए जाने का आदेश गृह विभाग…
समय पूर्व प्रसव यानी प्री मैच्योर डिलीवरी के मामले Uttarakhand में बढ़ रहे हैं। समय से पहले बच्चे का जन्म तब कहा जाता है, जब कोई बच्चा 37 हफ्तों से पहले पैदा होता है। इससे मां के साथ नवजात को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। चिकित्सकों के मुताबिक, खून की कमी के कारण यह समस्या बढ़ रही है। राजधानी देहरादून के जिला चिकित्सालय समेत प्रदेश के अन्य जिलों में समय से पूर्व होने वाले प्रसव के मामले बढ़ रहे हैं। इसका असर नवजात के स्वास्थ्य पर देखने को मिल रहा है। चिकित्सकों ने इसको लेकर चिंता जाहिर की…
Climate Change : 60 साल पहले ग्लेशियर का जीरो प्वाइंट हुआ करता था। अब वहां भुरभुरे पहाड़ दिखाई देते हैं। ये परिवर्तन पर्यावरणीय बदलावों को उजागर करते हैं जो ग्लेशियर के पीछे हटने और प्राकृतिक और मानवीय कारकों द्वारा उत्पन्न चुनौतियों को दर्शाते हैं। पर्यावरणीय वैज्ञानिक इसे बड़े खतरे का संकेत मान रहे हैं। उत्तराखंड डिजास्टर एंड एक्सीडेंट एनालिसिस इनिशिएटिव (उदय) की अक्तूबर माह की रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि उत्तराखंड सहित पूरे हिमालय क्षेत्र में ग्लेशियरों में लगातार हलचल हो रही है। इससे संबंधित खबरें खूब आने लगी हैं। ग्लेशियरों के पीछे खिसकने और ग्लेशियर लेक की…
Uttarakhand : तीन दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार में चमोली के गैरसैंण विकासखंड के दो विद्यालयों ने हिस्सा लिया। इस सेमिनार में उत्तराखंड के अलावा चार अन्य राज्यों के स्कूलों के शिक्षकों ने भाग लिया। इसमें हरियाणा, हिमाचल प्रदेश , जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख राज्य शामिल थे। यह सेमिनार स्कूल लीडरशिप एकेडमी ,राज्य शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान उत्तराखंड, नेशनल सेंटर फॉर स्कूल लीडरशिप (NCSL) व राष्ट्रीय शैक्षिक प्रशासन एवं योजना संस्थान (NIEPA) की ओर से आयोजित किया गया था। यहां पर विद्यालय के प्रतिनिधियों ने स्कूलों में किए गए नवाचार को साझा किया। सेमिनार के लिए उत्तराखंड से 45 विद्यालय प्रमुखों…
“सेवा परमो धर्मः” का पालन करते हुए हंस फाउंडेशन ने मानवता के कल्याण में अतुलनीय योगदान दिया है। यह बातें Uttarakhand के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने नई दिल्ली में संस्था की 15वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कहीं। राज्यपाल ने कहा कि माता मंगला और भोले महाराज को साधुवाद। देशभर में स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, ग्रामीण विकास, आपदा प्रबंधन और बाल कल्याण के क्षेत्रों में उनकी संस्था ने जो अनुकरणीय कार्य किए हैं, वे प्रेरणादायक हैं। उन्होंने फाउंडेशन द्वारा उत्तराखंड में संचालित जनरल अस्पताल, आई केयर अस्पताल और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं…
Up Byelection : छह सीटों के नतीजे आ चुके हैं। कानपुर की सीसामऊ और करहल सीट पर सपा तो सात सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की। लोकसभा में मिले झटकों से उबरते हुए यूपी उपचुनाव में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया है। सियासी विशेषज्ञ इसका पूरा श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दे रहे हैं। सभी विश्लेषक मानते हैं कि योगी का बंटेंगे तो कटेंगे का नारा हिंदुओं को एकजुट करने में सफल रहा। उत्तर प्रदेश के विधानसभा उपचुनावों में भाजपा-एनडीए की विजय आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के यशस्वी नेतृत्व एवं मार्गदर्शन पर जनता-जनार्दन के अटूट विश्वास की मुहर…
Maharashtra Election में भाजपा को बड़ी जीत मिलती दिख रही है। यहां पर भाजपा अकेले 127 सीट पर आगे दिख रही है। गठबंधन की बात करें तो 222 सीटों पर आगे है। इस चुनाव में सबसे बड़ा झटका उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना को लगा है। वह महज 19 सीटों पर लीड करते दिख रही है। कांग्रेस और शरद पवार की एनसीपी की हालत भी यही दिख रही है। हालत यह है कि विपक्षी गठबंधन को शिवसेना शिंदे से भी कम सीटें मिलती दिख रही है। शिंदे की शिवसेना 55 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं, महाअघाड़ी महज 54…
Kedarnath Byelection: भाजपा ने केदारनाथ विधानसभा सीट पर कब्जा बरकरार रखा है। भाजपा की आशा नौटियाल ने 5099 वोटों से कांग्रेस के मनोज रावत को हरा दिया है। यहां भाजपा को 43.22 प्रतिशत तो कांग्रेस को 33.69 प्रतिशत मत मिले। आशा को कुल 23130 मत मिले। वहीं, मनोज रावत को 18031 वोट हासिल हुए। इसी के साथ भाजपा मुख्यालय में जश्न का दौर शुरू हो गया। कार्यकर्ता ढोल-नगाड़ों के साथ सड़कों पर नाचना शुरू कर दिया है। उधर, कांग्रेस खेमे में मायूसी है। इस चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार त्रिभुवन ने सबको चौंका दिया। तीसरे स्थान पर रहे त्रिभुवन ने 9266…
गणित का भी सौंदर्यबोध कराया जा सकता है। रेखागणित भी रंगोली सरीखी मनमोहक लग सकती है। इसके लिए आपको Ghughatyal Sir के टिप्स फॉलो करने होंगे। 250 विद्यार्थी अपलक घुघत्याल सर के टिप्स को बोर्ड पर देखते रह गए। मौका था देहरादून का अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान और तकनीकी मेला। मेले के दूसरे दिन गणित क्विज और मैजिक ऑफ मैथ्स जैसे कार्यक्रमों में शहर के सैकड़ों छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विज्ञान, गणित, और तकनीकी शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाने और इस क्षेत्र से जुड़े लोगों को प्रेरित करने के उद्देश्य से यह अंतरराष्ट्रीय मेला UCOST (उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद) और…
Uttarakhand के जंगलों को आग से बचाने के लिए वन विभाग अभी से कवायद में जुट गई है। निर्णय लिया गया है कि जंगलों में बनाई गई फायर लाइन पर उगे पांच लाख पेड़ों की कटाई की जाएगी। बतादें कि 1996 से इन फायर लाइन की सफाई नहीं की गई है। दरअसल, गोधा वर्मन के मामले में सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद इन पेड़ों की कटाई पर रोक लग गई थी। आदेश के मुताबिक, एक हजार मीटर से ऊंचाई के पेड़ों को कटाने पर रोक लगी थी। इस वजह से यहां पर सफाई नहीं की जाती थी। 28…
Dehradun Car Accident : ओएनजीसी इलाके में 11 नवंबर की रात हुए हादसे का सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया है। कोर्ट ने धामी सरकार से जवाब भी मांगा है। इसके बाद माना जा रहा है कि मामले में जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो सकती है। 11 नवंबर की रात मौका वारदात को देखने वाला कोई व्यक्ति उस हादसे को जीवन भर नहीं भूल सकता। छह युवाओं की दर्दनाक मौत। दो के सिर धड़ से अलग थे। इसके बाद प्रदेश में रोड सेफ्टी को लेकर बहुत बातें हुईं। रात में हूटर बजातीं पुलिस की गाड़ियां लोगों का ध्यान खींचती हैं। मगर क्या…





















