Mussoorie का मशहूर कंपनी गार्डन का नाम बदलकर अटल उद्यान कर दिया गया। डॉ. एच फाकनर ने 1842 में इस पार्क की स्थापना की थी। इसे पहले म्युनिसिपल गार्डन कहा जाता था। इसके बाद कंपनी गार्डन नाम दिया गया। 182 साल में गार्डन को तीसरा नाम मिला है। अटल नामकरण के पीछे की वजह है कि राज्य गठन में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का योगदान। पार्क में आगे चलकर पूर्व प्रधानमंत्री की एक बड़ी प्रतिमा स्थापित की जाएगी। यह भी पढ़ें : नाम हो, बदनाम हो… मगर गुमनाम न हो : अनिल बिष्ट पहाड़ों की रानी मसूरी में आने…
Author: teerandaj
पिछले कुछ वर्षों से Uttarakhand में कई क्षेत्रों में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। इसके परिणाम जमीन पर दिखने भी लगे हैं। कई योजनाओं के क्रियान्वयन में राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश नंबर वन है। इसी कड़ी में बृहस्पतिवार को विश्व मत्स्य पालन दिवस पर नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड को अभिनव प्रयोगों के लिए राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड हैदराबाद की ओर से हिमायली और उत्तर पूर्व के राज्यों की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ राज्य का पुरस्कार प्रदान किया गया है। यह भी पढ़ें : नाम हो, बदनाम हो… मगर गुमनाम न हो : अनिल बिष्ट ये बात काफी दिनों से…
केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव का प्रचार खत्म कर CM DHAMI दो दिवसीय भ्रमण पर ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण पहुंचे। उनका यह कार्यक्रम बिना पूर्व सूचना के बना था। इसके बाद वह यहां के सबसे बड़े गांव सारकोट पहुंचे। सीएम को अपने बीच पाकर सारकोट के लोगों की खुशी का ठिकाना न रहा। सीएम ने यहां लोगों की समस्याओं की सुनवाई भी की। अधिकारियों को जल्द ही निस्तारण का आदेश भी दिया। उन्होंने सारकोट गांव को आदर्श ग्राम बनाने की घोषणा की। इससे यहां के निवासियों में खुशी है। स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई कि अब गांव का विकास तेजी से होगा। साथ…
देश में कूड़ा प्रबंधन एक बड़ा मसला है। राजधानी दिल्ली में तो यह चुनाव की दशा-दिशा तक तय कर देता है। आए दिन कूड़ा प्रबंधन से संबंधित खबरें हिंदी-अंग्रेजी के साथ चैनलों की सुर्खियां बनती हैं। इन सबके बीच ऋषिकेश ने कूड़ा प्रबंधन में देश के निकायों के सामने एक नायाब उदाहरण पेश किया है। देशभर में इसकी सराहना की जा रही है। नगर निगम प्लास्टिक कूड़े को न सिर्फ सफलता पूर्वक एकत्रित कर रहा है, बल्कि इसे रीसाइकिल के जरिए फिर कई तरह से इस्तेमाल भी कर रहा है। ऋषिकेश देश का प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल है। यहां पर…
12 अप्रैल से Chardham Yatra 2024 के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हुआ। पहले दिन रिकॉर्ड संख्या में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हुए। हालत यह तक हो गई कि उत्तराखंड पर्यटन विभाग की वेबसाइट क्रैश हो गई। जहां ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन हो रहा था वहां लंबी कतारें लगी रहीं। इन सबके बावजूद पिछले वर्ष की तुलना में इस बार रिकॉर्ड आठ लाख कम तीर्थयात्री पहुंचे। जबकि, प्रदेश सरकार की ओर से दावा 80 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने का किया गया था। साथ ही प्रचार भी तुलनात्मक रूप से ज्यादा हुआ था। लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि क्या कारण रहा…
Chardham Yatra 2024: रविवार रात नौ बजकर सात मिनट पर बद्रीविशाल के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो गए। इस मौके पर दस हजार से ज्यादा श्रद्धालु मौजूद रहे। बद्रीविशाल की जय के उद्घोष से पूरा परिसर गुंजायमान हो गया। बदरीनाथ मंदिर के कपाट बंद होने से पूर्व मंदिर परिसर में महिला मंगल दल बामणी और पांडुकेश्वर की महिलाओं ने लोकगीत और लोकनृत्य की शानदार प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान सेना व श्रद्धालुओं की ओर से जगह-जगह भंडारे का आयोजन भी किया गया। इससे पहले दिनभर मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खुला रहा। पूर्व की भांति सुबह साढ़े चार बजे बदरीनाथ की…
अतुल्य उत्तराखंड ब्यूरो के लिए प्रिया शांडिल्य सेब की फसल ने हिमाचल और Uttarakhand दोनों ही राज्यों के हजारों लोगों को रोजगार दिया है। सेब आज भारत के राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान करता है। इस परिप्रेक्ष्य में सवाल उठते हैं, क्या सेब उत्पादन में उत्तराखंड, हिमाचल के समकक्ष है? कहां बेहतर गुणवत्ता के सेब मिलते हैं? कितने क्षेत्र में सेब की खेती होती है? दोनों राज्यों की बागवानी में कौन सी मुख्य भिन्नताएं हैं? सरकारी सहायता और सुविधाओं का प्रभाव कितना है और किन सुधारों की आवश्यकता है? इन सभी प्रश्नों के उत्तर में न केवल इन राज्यों के आर्थिक…
Prostate Cancer जैसी बीमारी के बारे में माना जाता है कि ये आम तौर पर बुजुर्गों में विकसित होती है, लेकिन भारत में अब 50 वर्ष से कम आयु के पुरुषों में इसके मामले बढ़ रहे हैं। यही नहीं, देरी से पता चलने के कारण यह जानलेवा भी साबित हो रहा है। अगर समय पर पता चल जाए तो आसानी से इसका इलाज संभव है। प्रख्यात शोध जर्नल ‘लैंसेट’ के एक हालिया रिसर्च पेपर की मानें तो भारत में 2040 तक प्रोस्टेट कैंसर के मामले दोगुने होकर हर साल 71 हजार तक पहुंच जाएंगे। अभी इस बीमारी के 33 हजार…
देश में भले ही डिजिटल क्रांति का दौर चल रहा है लेकिन, उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों में लोग निर्बाध रेडियो प्रसारण तक से महरूम हैं। दुर्गम भौगोलिक चुनौतियां और सुरक्षा इसके प्रमुख कारण बताए जाते हैं। उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों में भी लोग रेडियो प्रसारण सुन सकें इसकी कवायद की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 जनवरी को उत्तराखंड के कई इलाकों में ट्रांसमीटर लगाने और क्षमता बढ़ाने वाले प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया था। इनमें Munsiyari भी शामिल है। यहां पर पांच किलोवॉट का ट्रांसमीटर लगना प्रस्तावित है। तीरंदाज डॉट कॉम और अतुल्य उत्तराखंड की टीम ने इस…
यूपी-उत्तराखंड समेत उन राज्य सरकारों को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है जहां पर Bulldozer Action का चलन जोरों पर है। सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाने वाली कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि बिना 15 दिन पहले नोटिस दिए बगैर तोड़फोड़ नहीं की जा सकती है। बुधवार को दिए गए अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसने संविधान में दिए गए उन अधिकारों को ध्यान में रखा है, जो राज्य की मनमानी कार्रवाई से लोगों को सुरक्षा प्रदान करते हैं। सरकार जज नहीं बन सकती। इसके साथ ही शीर्ष कोर्ट ने कहा, कानून…
अतुल्य उत्तराखंड के लिए विकास जोशी देश के प्रमुख हिल स्टेशन आज रेल सेवा से जुड़ चुके हैं लेकिन पहाड़ों की रानी मसूरी इनमें शामिल नहीं है। ऐसा नहीं है कि मसूरी को रेल सेवा से जोड़ने के प्रयास नहीं किए गए। प्रयास हुए लेकिन सफल नहीं हो पाए। अगर सबकुछ ठीक रहता तो कोलकाता की तरह ही मसूरी में भी आज ट्राम सेवा चल रही होती। देहरादून से मसूरी के बीच ट्राम सेवा शुरू करने के सारे इंतजाम किए जा चुके थे। काम भी शुरू हो चुका था लेकिन फिर कुछ ऐसा हुआ कि ना सिर्फ ये प्रोजेक्ट बंद…
ऊर्जा विभाग में नियम विरुद्ध तरीके से भर्तियां की गई हैं। इस फर्जीवाड़े के तहत चुने गए लोग अब जीएम-डीजीएम भी बन चुके हैं। सीधी भर्तियों के नियमों का भी उल्लंघन किया गया है। यह कहना है Bobby Panwar का। उन्होंने कहा कि इन सभी मुद्दों पर ऊर्जा विभाग के सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम के साथ बातचीत करने गया था। लेकिन, उससे पहले ही विवाद हो गया। इसलिए इस मुद्दे को जनता के सामने रख रहा हूं। बॉबी पंवार ने कहा, प्रदेश में भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। इसे बढ़ावा देने वाले अधिकारियों को कहना चाहूंगा यह ट्रेलर है। सोमवार को…
उत्तराखंड राज्य आंदोलन … दो अक्टूबर 1994 को मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहे पर जो कुछ हुआ उसे बिसर पाना उत्तराखंडवासियों के लिए मुश्किल है। वाकये को तीस साल बीत चुके हैं। मगर, इसका जख्म अभी तक नहीं भरा है। यहां पुलिस की फायरिंग में सात लोगों ने अपनी जान गंवाई थीं। महिलाओं के साथ अभद्रता की सारी हदें पार कर दी गईं। आरोप दुष्कर्म का भी है। आज हम आपके सामने मुफ्फरनगर कांड की सबसे बड़ी गवाही पेश करने जा रहे हैं। राज्य आंदोलनकारी और घटना की सीबीआई गवाह ऊषा भट्ट ने उस दिन की घटना को जिस तरह बयान…
Pithoragarh : सुनने में यह अजीब लग सकता है लेकिन यह पहाड़ की सच्चाई है। यहां पर ऐसे भी क्षेत्र हैं जहां मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। सीमांत जिला पिथौरागढ़ की तहसील बंगापानी की आबादी करीब 25 हजार है। यहां के लोगों को अगर जुकाम, बुखार भी हो जाए तो दवा लेने इन्हें 100 किलोमीटर दूर धारचूला, मुनस्यारी या फिर जिला अस्पताल जाना पड़ता है। राज्य गठन के 24 साल हो चुके हैं। राज्य सरकार जश्न मना रही है। मनाना भी चाहिए। लेकिन, इस मौके पर हमें उन लोगों की भी बात करनी चाहिए जो अब तक मूलभूत आवश्यकताओं…
हरिद्वार सांसद और पूर्व सीएम Trivendra Singh Rawat मरचूला बस हादसे में घायलों से मिलने ऋषिकेश एम्स पहुंचे। उन्होंने घायलों से बातचीत कर उनका हाल जाना। घायलों को ढांढस बंधाया। साथ ही अधिकारियों को घायलों की हर संभव मदद करने का निर्देश दिया। इस दौरान घायलों के परिजनों से हादसे के बारे में सांसद को बताया। साथ ही अस्पताल में हो रही दिक्कतों के बारे में बताया। इस पर सांसद ने अस्पताल प्रशासन से कहा कि मरीजों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए। निवर्तमान मेयर अनीता ममगाईं ने भी घायलों से बातचीत की। यह भी पढ़ें : मरचूला Bus…
Foundation Day : ये दशक उत्तराखंड का है। उत्तराखंड में विकास का महायज्ञ चल रहा है। ये कहना पीएम नरेंद्र मोदी का है। उत्तराखंड राज्य अपनी स्थापना के 25वें साल यानी रजत जयंती में प्रवेश कर लिया है। इस मौके पर पीएम मोदी ने अपने वीडियो संदेश में देवभूमि के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए नौ अपीलें कीं। उन्होंने उत्तराखंड वासियों से आग्रह करते हुए कहा-स्थानीय बोलियों का संरक्षण करें अपनी पीढ़ियों को सिखाएं। दूसरा आग्रह- एक पेड़ मां के नाम लगाएं। तीसरा आग्रह- नदी नौलों का संरक्षण करें। चौथा आग्रह-अपनी जड़ों से जुड़े रहे। अपने गांव लगातार जाएं और…

















