किसी विजन को जमीन पर साकार होते देखना हो तो Chhattisgarh की राजधानी रायपुर में बनी नंदनवन सफारी सबसे बेहतरीन उदाहरणों में से एक है। नया रायपुर के इलाके में करीब 320.15 हेक्टेयर यानी 800 एकड़ क्षेत्र में फैला नंदनवन ‘ZOO से जंगल सफारी तक’ का याद रह जाने वाला अनुभव है।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत पीआईबी देहरादून की ओर से आयोजित पांच दिवसीय अध्ययन एवं मीडिया एक्सपोजर टूर के चौथे दिन मीडिया दल ने छत्तीसगढ़ के नंदनवन जू एंड सफारी और नया रायपुर का भ्रमण किया। पीआईबी देहरादून के सहायक निदेशक संजीव सुंद्रियाल के नेतृत्व में पहुंचे दल ने दोनों स्थानों पर विकास और संरक्षण से जुड़े पहलुओं को करीब से समझा।

नंदनवन सफारी 2016 में शुरु हुई। नंदनवन की प्रमुख विशेषता यहां विकसित की गई सफारी व्यवस्था है। करीब 75 एकड़ में हर्बिवोर सफारी है, जहां सांभर, चीतल, नीलगाय और ब्लैकबक जैसे शाकाहारी वन्यजीवों के लिए हराभरा वातावरण तैयार किया गया है। इसके अलावा भालू, बाघ और शेर के लिए करीब 50-50 एकड़ क्षेत्र में अलग-अलग सफारी विकसित की गई हैं।
नंदनवन जू एंड सफारी परिसर में 50 हेक्टेयर का जू, रेस्क्यू एवं रिहैबिलिटेशन सेंटर तथा 52.52 हेक्टेयर का खंडवा डैम शामिल है। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की ओर से इसे मध्यम श्रेणी के चिड़ियाघर के रूप में मान्यता प्राप्त है।

जू में 43 प्रजातियों के वन्यजीवों को रखने की व्यवस्था है। इनमें व्हाइट टाइगर, एशियाई शेर, रॉयल बंगाल टाइगर, तेंदुआ, हिमालयन भालू, गौर, सांभर, चीतल, नीलगाय, ब्लैकबक, चिंकारा, घड़ियाल और मगरमच्छ जैसी प्रजातियां शामिल हैं। प्राकृतिक आवास की तर्ज पर तैयार किए गए बाड़ों के साथ करीब 2.2 किलोमीटर का सड़क नेटवर्क पर्यटकों को विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाता है।
नंदनवन का उद्देश्य पर्यटन के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण, शोध, रेस्क्यू किए गए वन्यजीवों की देखभाल और लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने यहां वन्यजीवों के संरक्षण और उनके लिए विकसित किए गए प्राकृतिक वातावरण का अवलोकन किया।
नंदनवन के बाद मीडिया दल ने नया रायपुर का भ्रमण किया। यहां प्रतिनिधिमंडल ने योजनाबद्ध तरीके से विकसित हो रहे आधुनिक शहर की संरचना को करीब से देखा। चौड़ी सड़कें, व्यवस्थित यातायात, हरित क्षेत्र, प्रशासनिक एवं संस्थागत भवन तथा आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों की सुनियोजित व्यवस्था नया रायपुर की प्रमुख विशेषताओं में नजर आई।

नया रायपुर को पुराने शहर के विस्तार के बजाय एक नियोजित नए शहरी क्षेत्र के रूप में विकसित किया गया है। शहर की योजना में सड़क और परिवहन नेटवर्क के साथ हरित क्षेत्रों तथा सार्वजनिक सुविधाओं को भी महत्व दिया गया है। मीडिया दल ने शहरी नियोजन, आधारभूत ढांचे और पर्यावरणीय संतुलन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली।
छत्तीसगढ़ के पांच दिवसीय मीडिया एक्सपोजर टूर के तहत हुआ यह भ्रमण उत्तराखंड के पत्रकारों के लिए वन्यजीव संरक्षण से लेकर आधुनिक शहरी नियोजन तक विकास की अलग-अलग अवधारणाओं को जमीन पर देखने और समझने का अवसर बना।










