12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर शनिवार को देशभर में योग का उत्सव पूरे उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। मुख्य कार्यक्रम पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर आयोजित हुआ जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हजारों लोगों के साथ योगाभ्यास किया। कार्यक्रम में करीब 35 से 40 हजार लोगों की भागीदारी रही, जिसके चलते सामूहिक योग का नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनने की संभावना जताई जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने योग को भारत की प्राचीन धरोहर बताते हुए कहा कि यह केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन का आधार है। उन्होंने कहा कि योग आज पूरी दुनिया को जोड़ने वाला माध्यम बन चुका है और मानवता को स्वास्थ्य तथा सकारात्मकता का संदेश दे रहा है।

देश के प्रमुख शहरों में हुए भव्य आयोजन
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देश के लगभग सभी बड़े शहरों में सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। लखनऊ, दिल्ली, जयपुर, अहमदाबाद, हैदराबाद और पटना सहित अनेक शहरों में हजारों लोगों ने एक साथ योगाभ्यास किया। विभिन्न राज्यों में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
अमित शाह से लेकर योगी आदित्यनाथ तक ने किया योगाभ्यास
योग दिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शिलांग में योग किया, जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झांसी में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में आयोजित सामूहिक योग कार्यक्रम में हिस्सा लिया। गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग निरोगी काया, शांत मन और धैर्यपूर्ण जीवन का मार्ग है। उन्होंने लोगों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

2015 से शुरू हुई वैश्विक परंपरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2014 में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। भारत के प्रस्ताव को 193 सदस्य देशों में से 177 देशों का समर्थन मिला, जो संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में किसी प्रस्ताव को मिला सबसे व्यापक समर्थन माना जाता है। पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया था। उस समय दिल्ली के राजपथ पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में लगभग 36 हजार लोगों ने एक साथ योगाभ्यास किया था और दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बने थे।

21 जून को ही क्यों मनाया जाता है योग दिवस
21 जून वर्ष का सबसे लंबा दिन माना जाता है। भारतीय परंपरा में यह दिन प्रकृति, ऊर्जा और आध्यात्मिक साधना के दृष्टिकोण से विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि इसी कालखंड में आदिगुरु शिव ने सप्तर्षियों को योग का प्रथम उपदेश दिया था। सूर्य के उत्तरायण से दक्षिणायन की ओर बढ़ने की यह अवधि साधना और आत्मविकास के लिए श्रेष्ठ मानी जाती है।
45 मिनट का कॉमन योग प्रोटोकॉल
योग दिवस पर दुनिया भर में एकरूपता बनाए रखने के लिए आयुष मंत्रालय द्वारा तैयार किए गए कॉमन योग प्रोटोकॉल (सीवाईपी) का पालन किया गया। लगभग 45 मिनट के इस कार्यक्रम में प्रार्थना, सूक्ष्म व्यायाम, विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान को शामिल किया गया।

योग फॉर हेल्दी एजिंग रही इस वर्ष की थीम
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम योग फॉर हेल्दी एजिंग (स्वस्थ और सक्रिय वृद्धावस्था के लिए योग) रखी गई। इसका उद्देश्य लोगों को तनाव, अवसाद, मधुमेह, उच्च रक्तचाप जैसी जीवनशैली संबंधी बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक करना और योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करना है।










