प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड में जारी विकास कार्यों की रफ्तार और युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन की जमकर सराहना की है। राज्य में एक्सप्रेस-वे समेत अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करने के धामी सरकार के संकल्प ने दिल्ली तक अपनी धमक दिखाई है। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व पर अटूट भरोसा जताते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि डबल इंजन की सरकार जिस समर्पण के साथ काम कर रही है उससे उत्तराखंड आने वाले दशक का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। दरअसल, पीएम मोदी और सीएम धामी के बीच बॉडिंग केवल इस दौरे में ही नहीं, पहले भी दिखती रही है। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री धामी के बीच की यह आत्मीयता केवल प्रोटोकॉल तक सीमित नहीं रहती बल्कि सार्वजनिक मंचों पर भी दोनों नेताओं के बीच की बॉन्डिंग दिखती है। नरेंद्र मोदी का पीएम बनने के बाद उत्तराखंड का यह 28वां दौरा था। खास बात यह है कि धामी सरकार के लगभग साढ़े चार साल के कार्यकाल में वह 18 बार उत्तराखंड आ चुके हैं। यह उनकी बॉडिंग बताने के लिए काफी है।
इन यात्राओं के दौरान उन्होंने केदारनाथ और बद्रीनाथ के साथ-साथ आदि कैलाश और जागेश्वर धाम को वैश्विक पहचान दी। 14 अप्रैल 2026 को देहरादून में दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन इसी कड़ी का हिस्सा है। राजनीतिक विश्लेषक इन दौरों को धामी के साहसिक निर्णयों और प्रधानमंत्री के अटूट भरोसे के रूप में देखते हैं।

इससे पहले धामी सरकार के चार साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री ने अपने बधाई संदेश में मुख्यमंत्री धामी की जमकर तारीफ की थी। प्रधानमंत्री ने कहा था कि सीएम धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा था। उन्होंने उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा था कि देवभूमि सदियों से आस्था, अध्यात्म, साहस और समृद्ध परंपराओं की भूमि रही है और यहाँ की विविध भाषाओं, बोलियों, लोक परंपराओं तथा सरल जीवनशैली ने प्रदेश को विशिष्ट पहचान दी थी। प्रधानमंत्री का मानना था कि जब से केंद्र में उनकी सरकार बनी थी, तब से उत्तराखंड विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा था।
उन्होंने कहा था कि चार धाम ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा था वहीं ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के माध्यम से प्रदेश में रेल संपर्क को मजबूत किया जा रहा था। प्रधानमंत्री ने प्रदेश के सीमांत क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने और शीतकालीन पर्यटन को प्रोत्साहित करने के प्रयासों को भी सराहा था। उनके अनुसार इन पहलों से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिला था, बल्कि पलायन रोकने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में भी मदद मिली थी। अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के लिए रोजगार सृजन, स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने तथा डिजिटल और हरित विकास जैसे प्रयासों को सराहनीय बताया था। साथ ही, उन्होंने आपदा प्रबंधन की सुदृढ़ व्यवस्था और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को राज्य की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया था।

पीएम मोदी द्वारा धामी सरकार के चार साल पूरे होने पर लिखा गया पत्र।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा लिए जा रहे एक के बाद एक साहसिक निर्णयों और उन्हें धरातल पर उतारने की उनकी कार्यशैली को भाजपा के शीर्ष नेतृत्व द्वारा खासा पसंद किया जा रहा है। चाहे समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने की ऐतिहासिक पहल हो या फिर राज्य में राष्ट्रीय खेलों का सफल और भव्य आयोजन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मुख्यमंत्री को हर बड़े कदम पर भरपूर सराहना और समर्थन मिला है। यह इस बात का संकेत है कि धामी ने न केवल प्रधानमंत्री के भरोसे को जीता है बल्कि उत्तराखंड को विकास की एक नई दिशा देने में भी कामयाबी हासिल की है।
जानकारों के अनुसार, प्रधानमंत्री की इस निरंतर प्रशंसा के पीछे मुख्यमंत्री धामी की वह निर्णय क्षमता है जो जटिल मुद्दों पर भी स्पष्टता के साथ काम करती है। केंद्र की योजनाओं को राज्य में प्रभावी ढंग से लागू करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति और युवाओं व महिलाओं के कल्याण के लिए उठाए गए कदमों ने उनकी छवि को एक डिलीवर करने वाले नेता के रूप में स्थापित किया है। यही कारण है कि दिल्ली से लेकर देहरादून तक धामी के धरातल पर काम करने वाले अंदाज को पसंद किया जाता है।










