बिहार की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक अध्याय का आगाज हुआ है। पिछले दो दशकों से बिहार की सत्ता के केंद्र रहे नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद अब भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता सम्राट चौधरी बिहार के नए मुख्यमंत्री होंगे। भाजपा विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से सम्राट चौधरी को नेता चुना गया। जिसके बाद प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन की औपचारिक घोषणा कर दी गई।
सम्राट चौधरी के चयन पर भाजपा खेमे में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। पूर्व मंत्री और भाजपा नेता नीरज कुमार सिंह ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि भाजपा को यह मौका बरसों के इंतजार के बाद मिला है। उन्होंने विश्वास जताया कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व में एनडीए शासन बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
वहीं, पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहाकि यह अत्यंत हर्ष का विषय है। सम्राट चौधरी न केवल भाजपा विधायक दल बल्कि एनडीए के भी सशक्त नेता साबित होंगे। वे नीतीश कुमार के विजन और कार्यों को आगे बढ़ाएंगे। बिहार में एनडीए की सरकार मजबूती से काम कर रही है और अब नए मुख्यमंत्री के साथ हम जन-जन की सेवा करेंगे। मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी मिलने के बाद सम्राट चौधरी भावुक नजर आए। उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, यह मेरे लिए केवल एक पद नहीं, बल्कि बिहार की जनता की सेवा और उनके सपनों को साकार करने का एक पवित्र अवसर है। मैं पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी के साथ जन-जन की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का संकल्प लेता हूं।

उन्होंने विशेष रूप से नीतीश कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने ही मुझे सरकार चलाने की बारीकियां सिखाई हैं। नीतीश कुमार का सुशासन मॉडल हमेशा उनके लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। सम्राट चौधरी ने अपनी राजनीतिक यात्रा को याद करते हुए बताया कि 2015 में भाजपा से जुड़ने के बाद पार्टी ने उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी चाहे वह उपमुख्यमंत्री का पद हो या गृह विभाग, उन्होंने उसे पूरी निष्ठा से निभाया।
नीतीश कुमार का विदाई संदेश-2030 तक का इंतजाम कर दिया है
करीब 20 वर्षों तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपने के बाद बिहार की जनता के नाम एक गरिमामय संदेश जारी किया। उन्होंने 24 नवंबर 2005 से शुरू हुए अपने सफर को याद करते हुए कहा कि इन वर्षों में बिहार ने जंगलराज से मुक्ति पाई और कानून का राज स्थापित किया। नीतीश कुमार ने अपनी उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर चलते हुए हिंदू, मुस्लिम, दलित, महादलित और पिछड़ा वर्ग समेत सभी वर्गों के लिए काम किया गया। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और कृषि के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आए। साइकिल योजना, जीविका और आरक्षण के माध्यम से महिलाओं को मुख्यधारा में लाया गया। उन्होंने साफ किया कि वे सत्ता छोड़ रहे हैं, लेकिन बिहार के भविष्य का खाका तैयार है।

केंद्रीय नेतृत्व की मुहर
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि सम्राट चौधरी का चयन पूरी तरह लोकतांत्रिक और सर्वसम्मति से हुआ है। विजय कुमार सिन्हा ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा जिसे सभी विधायकों ने स्वीकार किया। चौहान ने नीतीश कुमार की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके द्वारा किए गए सुधारों जैसे शराबबंदी और कृषि रोड मैप की मिसाल आज पूरा देश देता है। अब सम्राट चौधरी इसी विरासत को और अधिक गति प्रदान करेंगे।










