Uttarakhand के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने शनिवार को आपदा नियंत्रण कक्ष, आईटी पार्क पहुंचकर चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सभी संबंधित जिलाधिकारियों को यात्रा को सुरक्षित, सुचारु और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि चारों धामों में श्रद्धालुओं को सरल एवं सुगम दर्शन उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन, बीकेटीसी और अन्य हितधारकों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों और धामों में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
उन्होंने कहा कि यदि श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती है तो पूर्व वर्षों की भांति रात्रिकालीन दर्शन व्यवस्था भी संचालित की जा सकती है। साथ ही यात्रा मार्ग के विभिन्न पड़ावों पर निचले क्षेत्रों में बनाए गए होल्डिंग एरिया को सक्रिय रखने तथा वहां पेयजल, शौचालय, चिकित्सा और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मानसून सीजन को देखते हुए मुख्य सचिव ने सभी जनपदों को भारी वर्षा और भूस्खलन जैसी संभावित आपदाओं से निपटने के लिए पहले से तैयारी रखने को कहा। उन्होंने सभी होल्डिंग एरिया तत्काल एक्टिवेट करने तथा आपात स्थिति में निकासी योजना तैयार रखने के निर्देश दिए। युकाडा को भी एयरलिफ्ट जैसी परिस्थितियों के लिए पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने को कहा गया।
मुख्य सचिव ने राशन और अन्य आवश्यक सामग्रियों का पर्याप्त भंडारण बनाए रखने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा चारधाम यात्रा में पंजीकरण के साथ स्वास्थ्य जांच को प्राथमिकता देने को कहा गया। उन्होंने 60 वर्ष से अधिक आयु के श्रद्धालुओं, छोटे बच्चों और गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों को यात्रा से बचने के लिए प्रेरित करने तथा इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए।










