Uttarakhand के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में सिंचाई एवं कृषि विभाग के अंतर्गत चयनित 483 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इनमें 473 पद सिंचाई विभाग तथा 10 पद कृषि विभाग के शामिल हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चयनित युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह नियुक्ति पत्र उनकी मेहनत, लगन और संकल्प का सम्मान है।
मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे उत्तराखंड का सपना देखा था, जहां युवाओं की पहचान उनकी प्रतिभा और परिश्रम से हो। आज युवाओं को मिल रहे नियुक्ति पत्र उसी सपने को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। अब सरकारी नौकरियां केवल मेहनत और योग्यता के आधार पर मिल रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में लगभग 33 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों से पूरी निष्ठा, ईमानदारी और सेवा-भाव के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग की सफलता भवनों और फाइलों से नहीं, बल्कि कर्मठ और ईमानदार कर्मचारियों से तय होती है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत-2047 के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है और राज्य सरकार भी सिंचाई एवं कृषि क्षेत्रों को मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रदेश की जीएसडीपी विकास दर 7.23 प्रतिशत दर्ज की गई है जबकि पिछले चार वर्षों में प्रति व्यक्ति आय में लगभग 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राज्य का बजट आकार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। साथ ही बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड गिरावट और रिवर्स पलायन में वृद्धि राज्य की बदलती तस्वीर को दर्शाती है। इस अवसर पर सिंचाई मंत्री सतपाल महराज ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में पारदर्शी एवं योग्यता आधारित भर्ती प्रक्रिया को मजबूती मिली है। वहीं कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद अब केवल पात्र और मेहनती युवाओं को ही नियुक्तियां मिल रही हैं।










