Close Menu
तीरंदाज़तीरंदाज़
    https://www.teerandaj.com/wp-content/uploads/2025/08/Vertical_V1_MDDA-Housing.mp4
    https://www.teerandaj.com/wp-content/uploads/2025/12/MDDA_Final-Vertical_2.mp4
    अतुल्य उत्तराखंड


    सभी पत्रिका पढ़ें »

    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube Pinterest Dribbble Tumblr LinkedIn WhatsApp Reddit Telegram Snapchat RSS
    अराउंड उत्तराखंड
    • 677.75 करोड़ की वार्षिक कार्ययोजना मंजूर, 2.5 लाख महिलाओं को बनाया जाएगा लखपति दीदी
    • Uttarakhand राज्य अंतर-विश्वविद्यालय खेल एवं क्रीड़ा महोत्सव 2025-26 का उद्घाटन
    • केंद्र से 500 करोड़ की सहायता, हरिद्वार कुंभ 2027 की तैयारियों को मिलेगी रफ्तार
    • देहरादून में अजेय की विशेष स्क्रीनिंग, संघर्ष और नेतृत्व की गाथा से गूंजा सभागार
    • AI IMPACT SUMMIT : पीएम मोदी ने वैश्विक निवेश का दिया न्योता, अंबानी ने कहा-जिओ की तरह AI को भी करेंगे सस्ता
    • UGC : लम्हों ने खता की थी, सदियों ने सजा पाई
    • तीर्थयात्रियों को देना होगा पंजीकरण शुल्क, चारधाम यात्रा-2026 की तैयारियां तेज
    • यूपीसीएल कर्मियों को 1.20 करोड़ का दुर्घटना बीमा
    • बिंदाल-रिस्पना एलिवेटेड रोड पर हाईकोर्ट की मुहर, याचिका खारिज
    • INDIA AI IMPACT SUMMIT : एआई से न सिर्फ भारत, बल्कि विश्व के लिए समाधान तैयार करेगा देश : पीएम मोदी
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp Telegram LinkedIn
    Wednesday, February 25
    तीरंदाज़तीरंदाज़
    • होम
    • स्पेशल
    • PURE पॉलिटिक्स
    • बातों-बातों में
    • दुनिया भर की
    • ओपिनियन
    • तीरंदाज LIVE
    तीरंदाज़तीरंदाज़
    Home»दुनिया भर की»रापन चकोट को पीछे छोड़ टसराप चू बना देश का सबसे बड़ा रिजर्व
    दुनिया भर की

    रापन चकोट को पीछे छोड़ टसराप चू बना देश का सबसे बड़ा रिजर्व

    1585 वर्ग किलोमीटर में फैला है स्पीति घाटी में बना टसराप चू। देश का 146वां संरक्षण रिजर्व बना। बड़ी संख्या में रिहाइश करते हैं बर्फानी तेंदुए।
    teerandajBy teerandajMay 14, 2025No Comments
    Share now Facebook Twitter WhatsApp Pinterest Telegram LinkedIn
    Snow Leopard (Panthera uncia), Naltar Valley, Gilgit-Baltistan, Pakistan.
    Share now
    Facebook Twitter WhatsApp Pinterest Telegram LinkedIn

    देश का सबसे बड़ा रिजर्व हिमाचल की स्पीति घाटी में बना टसराप चू हो गया है। पहले देश का सबसे बड़ा संरक्षण रिजर्व पश्चिम बंगाल का रापन चकोट था। उसका क्षेत्रफल 1340.34 वर्ग किलोमीटर है। जबकि, टसराप चू 1585 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैला है। यह हिमाचल प्रदेश का पांचवां और देश का 146वां संरक्षण रिजर्व भी बन गया है। इससे हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी भी बढ़ेगी। रिजर्व घोषित होने के बाद यहां पर्यटन की गतिविधियां भी बढ़ेंगी। इससे स्थानीय लोगों को बड़ा लाभ होगा। यहां वाइल्ड लाइफ रिसर्च, ट्रेकिंग, इको-पर्यटन, और फोटोग्राफी जैसी गतिविधियां प्रोत्साहित होंगी, जिससे स्थानीय समुदायों की आजीविका को नया आधार मिलेगा। हिमाचल सरकार ने 7 मई, 2025 को अधिसूचना जारी कर टसराप चू संरक्षण रिजर्व को अधिसूचित किया है। यह अधिसूचना वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 36ए(1) के तहत जारी की गई है।

    यह भी पढ़ें … साइबर अपराधियों पर कहर ढा रहा ऑपरेशन प्रहार

    हिमाचल में दाड़लाघाट, नैणा देवी, पोटर हिल, और शिल्ली संरक्षण रिजर्व अधिसूचित किए जा चुके हैं। टसराप चू का भौगोलिक विस्तार इसे जैव विविधता और पारिस्थितिकी की दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण बनाता है। इसके उत्तर में केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की सीमा, पूर्व में मालनग नाला और लुंगर लुंगपा तक फैली किब्बर वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी, दक्षिण में कबजीमा नाला और पश्चिम में चंद्रताल वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी तथा बारालाचा दर्रा से होते हुए यूनम नदी और चारप नाला का संगम क्षेत्र है। यहां बर्फानी तेंदुए (स्नो लैपर्ड) की घनी आबादी पाई जाती है। यह इलाका चारप नाला का जलग्रहण क्षेत्र भी है और किब्बर तथा चंद्रताल अभयारण्यों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण वन्यजीव गलियारा भी है, जो जैव विविधता के लिए अत्यंत आवश्यक है। स्पीति वन प्रभाग के उप वन संरक्षक (डीएफओ) मंदार जेवरे ने मीडिया से बातचीत में बताया कि टसराप चू संरक्षण रिजर्व की अधिसूचना एक लंबी और जमीनी प्रक्रिया का परिणाम है। इस दौरान स्थानीय ग्राम पंचायतों के साथ विस्तृत परामर्श किया गया, क्षेत्रीय सर्वेक्षणों और पूर्व डाटा का गहराई से विश्लेषण किया गया।

    पहाड़ों का भूत


    टसराप चू संरक्षण क्षेत्र विशेष रूप से हिम तेंदुए के लिए जाना जाता है, जिसे अक्सर पहाड़ों का भूत भी कहा जाता है। यह एक छिपकर रहने वाला शिकारी है, जो 3000 से 5000 मीटर की ऊंचाई पर बर्फीले और पथरीले इलाकों में पाया जाता है। स्पीति घाटी में यह प्रजाति अपेक्षाकृत घनी संख्या में मिलती है, और इसकी उपस्थिति पूरी पारिस्थितिकी की सेहत को दर्शाती है। इसके अलावा इस क्षेत्र में तिब्बती भेड़िया, भरल (ब्लू शीप), हिमालयी आइबेक्स, कियांग (जंगली गधा), और तिब्बती अर्गली जैसे उंगुलेट भी पाए जाते हैं। पक्षियों में रोज फिंच, तिब्बती रैवेन, और येलो-बिल्ड चौघ जैसी दुर्लभ प्रजातियां इस क्षेत्र की पारिस्थितिकी को समृद्ध बनाती हैं। यह जैव विविधता क्षेत्र को न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय संरक्षण एजेंसियों के लिए भी महत्वपूर्ण बनाती है।

    प्रबंध समिति में स्थानीय पंचायतें भी होंगी शामिल
    टसराप चू संरक्षण रिजर्व का प्रबंधन एक संरक्षण रिजर्व प्रबंधन समिति के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें स्थानीय पंचायतों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। समिति का कार्य स्थानीय समुदायों की जरूरतों और वन्यजीव संरक्षण की प्राथमिकताओं को संतुलित करते हुए क्षेत्र का प्रबंधन करना होगा।

    संरक्षण रिजर्व क्या होते हैं?
    संरक्षण रिजर्व वे क्षेत्र होते हैं जो राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों के बाहर स्थित होते हुए भी जैव विविधता की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील होते हैं। इन क्षेत्रों को वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास के रूप में संरक्षित किया जाता है और इसका उद्देश्य समुदाय की भागीदारी से सस्टेनेबल कंजर्वेशन को बढ़ावा देना होता है। टसराप चू संरक्षण रिजर्व केवल एक भौगोलिक सीमा नहीं, बल्कि हिमालय के इस संवेदनशील और दुर्गम क्षेत्र में प्राकृतिक और सामाजिक संतुलन की नई दिशा है। इस क्षेत्र को संरक्षित दर्जा मिलने से वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास को सुरक्षा मिलेगी, जिनमें विशेष रूप से संकटग्रस्त हिम तेंदुआ और अन्य दुर्लभ प्रजातियां शामिल हैं। इससे इन प्रजातियों की संख्या बढ़ाने और उनके पारिस्थितिकी तंत्र के पुनर्जीवन की संभावना मजबूत होगी।

     

    दुनिया भर की
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Pinterest Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram Follow on LinkedIn
    Share. Facebook Twitter WhatsApp Pinterest Telegram LinkedIn
    teerandaj
    • Website

    Related Posts

    सियासत भारी है… पेंगुइन बोला-अब तक प्रकाशित नहीं हुई जनरल नरवणे की फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी

    February 10, 2026 दुनिया भर की By teerandaj4 Mins Read733
    Read More

    बजट 2026-27: उत्तराखंड को बड़ी सौगात…ट्रेकिंग-हाइकिंग हब के रूप में होगा विकास

    February 1, 2026 दुनिया भर की By teerandaj4 Mins Read25
    Read More

    आर्थिक सर्वे : जापान को पछाड़ भारत बना दुनिया की चौथी बड़ी महाशक्ति

    January 29, 2026 दुनिया भर की By teerandaj4 Mins Read4K
    Read More
    Leave A Reply Cancel Reply

    https://www.teerandaj.com/wp-content/uploads/2025/08/Vertical_V1_MDDA-Housing.mp4
    https://www.teerandaj.com/wp-content/uploads/2025/12/MDDA_Final-Vertical_2.mp4
    अतुल्य उत्तराखंड


    सभी पत्रिका पढ़ें »

    Top Posts

    Uttarakhand : आपदा में भी मुस्कुराई जिंदगी, पहाड़ों को लांघकर पहुंची मेडिकल टीम, घर में कराई डिलीवरी

    August 31, 202531K

    CM Dhami ने दून अस्पताल में निरीक्षण कर मरीजों से लिया फीडबैक, वेटिंग गैलरियों में पंखे लगाने, सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश

    September 13, 202531K

    ऋषिकेश में अवैध निर्माणों पर MDDA की ताबड़तोड़ कार्रवाई, 11 बहुमंजिला स्ट्रक्चर सील 

    August 30, 202531K

    Chardham Yatra-2025: चलो बुलावा आया है, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम की यात्रा बहाल

    September 6, 202524K
    हमारे बारे में

    पहाड़ों से पहाड़ों की बात। मीडिया के परिवर्तनकारी दौर में जमीनी हकीकत को उसके वास्तविक स्वरूप में सामने रखना एक चुनौती है। लेकिन तीरंदाज.कॉम इस प्रयास के साथ सामने आया है कि हम जमीनी कहानियों को सामने लाएंगे। पहाड़ों पर रहकर पहाड़ों की बात करेंगे. पहाड़ों की चुनौतियों, समस्याओं को जनता के सामने रखने का प्रयास करेंगे। उत्तराखंड में सबकुछ गलत ही हो रहा है, हम ऐसा नहीं मानते, हम वो सब भी दिखाएंगे जो एकल, सामूहिक प्रयासों से बेहतर हो रहा है। यह प्रयास उत्तराखंड की सही तस्वीर सामने रखने का है।

    एक्सक्लूसिव

    Dhami Cabinet विस्तार का काउंटडाउन शुरू? पूर्व मंत्रियों को तत्काल मंत्री आवास खाली करने को कहा गया, देखें पत्र

    August 27, 2025

    Dehradun Basmati Rice: कंकरीट के जंगल में खो गया वजूद!

    July 15, 2025

    EXCLUSIVE: Munsiyari के जिस रेडियो प्रोजेक्ट का पीएम मोदी ने किया शिलान्यास, उसमें हो रहा ‘खेल’ !

    November 14, 2024
    एडीटर स्पेशल

    Uttarakhand : ये गुलाब कहां का है ?

    February 5, 202512K

    Dehradun Basmati Rice: कंकरीट के जंगल में खो गया वजूद!

    July 15, 202511K

    India Space Missions … अंतरिक्ष में भारत का बसेरा!

    September 14, 202511K
    तीरंदाज़
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube Pinterest LinkedIn WhatsApp Telegram
    • होम
    • स्पेशल
    • PURE पॉलिटिक्स
    • बातों-बातों में
    • दुनिया भर की
    • ओपिनियन
    • तीरंदाज LIVE
    • About Us
    • Atuly Uttaraakhand Emagazine
    • Terms and Conditions
    • Privacy Policy
    • Disclaimer
    © 2026 Teerandaj All rights reserved.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.