धराली आपदा से निपटने के लिए पूरा राज्य एकजुट है। सीएम धामी ने अपना एक माह का वेतन बचाव कार्यों के लिए चलाए जा रहे अभियान के लिए देने की घोषणा की। इसके अलावा उत्तराखंड आईएएस एसोसिएशन ने भी घोषणा की है कि राज्य के सभी भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अपना एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावित लोगों के साथ हर कदम पर खड़ी है और इस कठिन परिस्थिति में सभी को एकजुट होकर पीड़ितों की सहायता करनी चाहिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्वयंसेवी संगठनों एवं आम नागरिकों से भी अपील की कि वे अपनी क्षमता के अनुसार राहत कार्यों में सहयोग करें। उधर, उत्तराखंड आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री एलए फैनई की अध्यक्षता में भीषण आपदा के दृष्टिगत एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में राज्य के समक्ष उत्पन्न हालिया प्राकृतिक आपदा की गंभीरता पर विचार किया गया।

सचिव दिलीप जावलकर ने बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि राज्य के समस्त भारतीय प्रशासनिक सेवा (आई.ए.एस) अधिकारियों द्वारा एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में स्वेच्छा से प्रदान किया जाएगा। यह निर्णय एसोसिएशन द्वारा आपदा पीड़ितों के प्रति मानवीय संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि यह सांकेतिक योगदान न केवल आपदा प्रभावितों के प्रति एसोसिएशन की सहानुभूति और प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि उन समर्पित अधिकारियों, सुरक्षा बलों, चिकित्सकीय दलों, आपदा प्रबंधन कर्मियों एवं स्वयंसेवकों के साथ एकजुटता प्रकट करता है, जो राहत-बचाव और पुनर्वास कार्यों में दिन-रात जुटे हुए हैं। इस योगदान का उद्देश्य राज्य सरकार द्वारा संचालित बहु-एजेंसी आपदा प्रबंधन तंत्र को समर्थन करना है, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास की प्रक्रिया को गति मिल सके।
दिलीप जावलकर ने बताया कि बैठक में इस भीषण आपदा की घड़ी में एसोसिएशन के प्रत्येक सदस्य से अपेक्षा की गई है कि वह संवेदना और उत्तरदायित्व के साथ अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करें। ऐसी आपदाओं के समय प्रत्येक अधिकारी, कर्मचारी एवं नागरिक की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह पहल संवेदना से परिपूर्ण प्रशासनिक सेवा की उस भावना को पुष्ट करती है, जिसमें जनहित सर्वोपरी होता है।










