Uttarakhand राज्य की स्थापना के रजत जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले विशेष सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को आमंत्रित किया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी शामिल होने की संभावना है। राज्य गठन के 25 साल पूरे होने पर आयोजित इस विशेष सत्र में उपलब्धियों और चुनौतियों पर चर्चा होगी। बताया जा रहा है राष्ट्रपति विशेष सत्र को संबोधित कर सकती हैं। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। हालांकि अभी उनके कार्यक्रम पर अंतिम मुहर नहीं लगी लेकिन अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रपति के दून पहुंचने पर सहमति बन चुकी है। विधानसभा सत्र की तिथियां निर्धारित होने के बाद राष्ट्रपति के दौरे की तिथियां भी तय हो जाएंगी। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी रजत जयंती समारोह में शामिल होने की संभावना है।
नौ नवंबर को उत्तराखंड अपनी स्थापना के 25 साल पूरे करने जा रहा है। ऐसे में राज्य सरकार इसे रजत जयंती वर्ष के रूप में मनाएगी। स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में नवंबर में ही विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र आहूत होगा, जिस पर कैबिनेट में मुहर लग चुकी है। इस सत्र की तिथियों के निर्धारण के लिए कैबिनेट ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अधिकृत किया है। जल्द ही तिथियां भी तय हो जाएंगी। दो दिन के सत्र में राज्य के अब तक की उपलिब्धयों, भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह में शामिल होने की संभावना है। अधिकारियों के मुताबिक पीएम मोदी के दौरे पर भी सहमति तो बन चुकी है लेकिन अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। माना जा रहा है कि जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। उधर, विधानसभा सचिवालय विशेष सत्र की तैयारी में जुटा हुआ है। मकसद ये है कि चूंकि प्रदेश की स्थापना के रजत जयंती पर यह सत्र हो रहा है, यह भव्य होना चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण लगातार इसकी तैयारी की निगरानी कर रही हैं।
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