चारधाम यात्रा के समापन के बाद भी पर्यटन उद्योग का पहिया घूमता रहे इसके लिए Uttarakhand सरकार ने कमर कस ली है। विंटर सीजन में साहसिक खेलों द्वारा ये काम करने की तैयारी है। पर्यटन विभाग की तैयारी है कि ट्रेकिंग, पैराग्लाइडिंग, राफ्टिंग, पर्वतारोहण, अल्ट्रा मैराथन के जरिये देश दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित किया जाए। साथ ही प्रदेश में पहली बार हेलिकॉप्टर से स्कीइंग कराने की भी तैयार हो रही है। विभाग ने इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
दरअसल, प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर काफी हद तक सीमित है। चारधाम यात्रा के बाद ठंड के महीने में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में मंदी रहती है। प्रदेश सरकार की कोशिश है कि विंटर सीजन को भी पर्यटन के अनुकूल बनाए। पीएम मोदी ने भी पिछली यात्रा में कहा था कि प्रदेश के विकास के लिए जरूरी है कि पर्यटन सीजन बारह महीने चलते रहे। इसके लिए उन्होंने कुछ सुझाव भी दिए थे। इसी के तहत यह कवायद की जा रही है। इसके लिए प्रदेश सरकार साहसिक खेलों के साथ शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा दे रही है। इस साल प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से उत्तराखंड को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। साथ ही चारधाम यात्रा भी प्रभावित रही। इससे पर्यटन कारोबार को उभारने के लिए सरकार का शीतकाल में साहसिक पर्यटन को फोकस है। साहसिक पर्यटन में ऐसे पर्यटक रुचि लेते हैं, जो तीर्थयात्रियों की तुलना में ज्यादा खर्च करते हैं। पर्यटन सचिव धीराज गर्ज्याल ने कहा, शीतकाल में साहसिक पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा जाएगा। इसके विभाग की ओर से तैयारियां शुरू की गई हैं।

पांच हजार फीट की ऊंचाई पर अल्ट्रा मैराथन
पहली बार प्रदेश सरकार की ओर से दो नवंबर को आदि कैलाश में पांच हजार फीट की ऊंचाई अल्ट्रा मैराथन का आयोजन किया जा रहा है। इससे एक हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे। इस आयोजन से स्थानीय स्तर पर होम स्टे का कारोबार बढ़ेगा। चमोली जिले के औली में शीतकाल में स्कीइंग कराने की तैयारी है।
इस पर रहेगा जीएमवीएन का फोकस
गंगोत्री के बाद आज यमुनोत्री और केदारनाथ धाम के कपाट अगले छह महीने के लिए बंद होने के साथ ही शीतकालीन यात्रा भी शुरू हो जाएगी। आखिर में 25 नवंबर को बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होंगे। ऐसे में शीतकालीन यात्रा के दौरान गढ़वाल मंडल विकास निगम के होटल व गेस्ट हाउस तक पर्यटक कैसे पहुंचे विभाग का इस पर विशेष फोकस होगा। शीतकालीन यात्रा के दौरान तीर्थयात्री यमुनोत्री धाम के प्रवास स्थल खरसाली (खुशीमठ), गंगोत्री धाम के प्रवास स्थल मुखवा (मुखीमठ), केदारनाथ धाम के प्रवास स्थल ओंकारेश्वर मंदिर (ऊखीमठ) और बदरीनाथ धाम के प्रवास स्थल (पांडुकेश्वर) में तीर्थयात्री भगवान के दर्शन कर सकेंगे। ऐसे में इन स्थानों पर तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को रहने की बेहतर और किफायती सुविधा मिले इसके लिए जीएमवीएन की शीतकालीन चारधाम यात्रा के दौरान जीएमवीएन के होटलों में 50 फीसदी की छूट ओर से अपने दामों में 50 फीसदी की छूट की है। इन गेस्ट हाउस और होटल में पर्यटक आसानी से पहुंचे इसके लिए प्रचार-प्रसार के साथ विभाग टैक्सी की सुविधा भी उपलब्ध कराएगा।

उत्तराखंड होटल एसोसिएशन भी देगी 50% छूट
शीतकालीन चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों, पर्यटकों को जीएमवीएन की तर्ज पर उत्तराखंड होटल एसोसिएशन ने भी होटलों के किराये में 50 फीसदी छूट देने का एलान किया है। पत्रकारों से बातचीत में एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप साहनी ने कहा कि शीतकालीन यात्रा अच्छी चले इसके लिए एसोसिएशन के सदस्य अपने होटलों में यात्रियों को 50 फीसदी की छूट देंगे। अन्य होटल, होम स्टे संचालकों से भी आग्रह किया जाएगा कि वह भी छूट दें। साहनी ने कहा कि जीएमवीएन ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली में होटलों में 50 फीसदी छूट का एलान किया है। तीनों जिलों में एसोसिएशन के सदस्य भी होटलों में यात्रियों को छूट देंगे। वहीं, मसूरी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कहा कि वह भी मसूरी में शीतकालीन यात्रियों को 50 फीसदी छूट देने के लिए होटलियर से आग्रह करेंगे। इस दौरान अजय भार्गव, दीपक गुप्ता मौजूद रहे।








