नौ नवंबर को उत्तराखंड रजत जयंती का मुख्य समारोह होगा। पीएम नरेंद्र मोदी समारोह में शामिल होंगे। इस समारोह में 75 हजार से अधिक लोग शामिल होंगे। एफआरआई प्रांगण में होने वाले समारोह की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। प्रांगण में चार पंडाल लगाए गए हैं। समारोह में गढ़वाल और कुमाऊं के लोक कलाकार भी प्रस्तुतियां देंगे। इसके अलावा हर जिले के विभिन्न क्षेत्र के लोगों को सम्मानित भी समारोह में किया जाएगा। समारोह में शामिल होने के लिए कई स्कूलों के हजारों छात्र भी बुलाए जा रहे हैं।
राज्य निर्माण के आंदोलन में भाग लेने वाले आंदोलनकारियों और शहीदों के परिवार वालों को भी सम्मानित किया जाएगा। रजत जयंती समारोह का यह कार्यक्रम राजधानी में हुए अब तक के सबसे बड़े कार्यक्रमों में से एक है। इस कार्यक्रम के चलते हर साल नौ नवंबर को होने वाली पुलिस रैतिक परेड को भी दो दिन पहले सात नवंबर यानी शुक्रवार को किया गया। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी सभी जिलों की फोर्स और पीएसी की ड्यूटी लगाई जाएगी। रजत जयंती समारोह बीते एक नवंबर से चल रहा है। इसके तहत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। मुख्य कार्यक्रम नौ नवंबर को एफआरआई परिसर में किया जाना है। इसी तैयारियों ने अंतिम रूप में पहुंच चुकी हैं। जिला प्रशासन के अनुसार यहां पंडालों में 75 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। चारों ओर एलईडी पैनल लगाकर मुख्य कार्यक्रम को दिखाया जाएगा। कार्यक्रम में सभी जिलों के लोग शामिल होंगे। इनमें विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया जाएगा।

देहरादून के डीएम सविन बंसल ने बताया कि रजत जयंती कार्यक्रम के लिए एफआरआई में अधिकतर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसके लिए सभी विभागों के अधिकारियों को लगातार निर्देशित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए प्रशासन तैयारियों में जुटा हुआ है। उधर, राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान में तीन अलग-अलग स्थानों पर आठ नवंबर को आयोजन किए जाएंगे। पुलिस लाइन रेसकोर्स में तहसील सदर और मसूरी के अंतर्गत आने वाले राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानित किया जाएगा। तहसील ऋषिकेश व डोईवाला के अंतर्गत आने वाले राज्य आंदोलनकारियों को पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर ऋषिकेश में और परगना विकासनगर व चकराता के अंतर्गत आने वाले आंदोलनकारियों को तहसील विकासनगर में सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों की तैयारियों के लिए बृहस्पतिवार को मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने अधिकारियों के साथ बैठक की थी। उन्होंने कहा कि रजत जयंती समारोह उत्तराखंड आंदोलन की ऐतिहासिक यात्रा को स्मरण करने और नई पीढ़ी को राज्य निर्माण के संघर्ष से प्रेरणा देने का एक प्रयास है।
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