उत्तराखंड के अल्मोड़ा के रहने वाले शटलर लक्ष्य सेन ने रविवार को ऑस्ट्रेलियन ओपन सुपर 500 का खिताब जीत लिया। फाइनल में उन्होंने जापान के युशी तनाका को 21-15, 21-11 से हराया। सिडनी के स्पोर्ट्स सेंटर में लक्ष्य ने यह मुकाबला सिर्फ 38 मिनट में अपने नाम कर लिया और जीत के बाद कानों पर उंगलियां रखकर जश्न मनाया। उनकी जीत के बाद उत्तराखंड में जश्न का माहौल है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें फोन कर बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लक्ष्य सेन की यह शानदार उपलब्धि उत्तराखंड ही नहीं, पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य की मेहनत, समर्पण और निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन हमारे सभी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह साबित करता है कि लगन, अनुशासन और कड़ी मेहनत के साथ हर कठिन लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने लक्ष्य सेन के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आशा व्यक्त की कि वे आगे भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और देवभूमि उत्तराखंड का नाम इसी प्रकार रोशन करते रहेंगे।
24 साल के लक्ष्य पेरिस ओलिंपिक में चौथा स्थान हासिल करने के बाद वे खराब फॉर्म से जूझ रहे थे, लेकिन इस टूर्नामेंट में उन्होंने शानदार वापसी की। सेमीफाइनल में उन्होंने चीनी ताइपे के चोउ तिएन चेन को मात दी थी। विश्व चैंपियनशिप 2021 के कांस्य पदक विजेता लक्ष्य ने इससे पहले आखिरी बार 2024 में लखनऊ में सैयद मोदी इंटरनेशनल में सुपर 300 खिताब जीता था। वह इस साल सितंबर में हांगकांग सुपर 500 में उपविजेता रहे थे। इस वर्ष ऑर्लियंस मास्टर्स सुपर 300 खिताब जीतने वाले विश्व के 26वें नंबर के खिलाड़ी तनाका का सामना करते हुए लक्ष्य ने शानदार नियंत्रण और तेज तर्रार खेल का नमूना पेश किया तथा एक भी गेम गंवाए बिना मुकाबला अपने नाम कर लिया। भारत के स्टार शटलर लक्ष्य सेन ने चीनी-ताइपे के चाउ टिएन चेन को 17-21, 24-22, 21-16 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। उनका यह सेमीफाइनल मुकाबला तकरीबन देढ़ घंटा (1 घंटा 26 मिनट) चला था। 2024 में हुए पेरिस ओलंपिक में मेंस सिंगल के बैडमिंटन इवेंट में लक्ष्य सेन चौथे स्थान पर रहे थे। ब्रॉन्ज मेडल मैच में उनको काफी करीबी हार मिली थी।

बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर खिताब जीतने वाले केवल दूसरे भारतीय बने
इस जीत के साथ मौजूदा राष्ट्रमंडल खेल चैंपियन लक्ष्य इस सत्र में बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर खिताब जीतने वाले दूसरे भारतीय बन गए। इससे पहले आयुष शेट्टी ने अमेरिकी ओपन सुपर 300 टूर्नामेंट जीता था। भारत के अन्य खिलाड़ियों में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी हांगकांग और चीन मास्टर्स के फाइनल में पहुंचे थे, जबकि किदाम्बी श्रीकांत भी साल की शुरुआत में मलेशिया मास्टर्स में उपविजेता रहे थे।

अपने प्रदर्शन से खुश हैं लक्ष्य
जीत के बाद मीडिया से बातचीत में लक्ष्य ने कहा कि इस सत्र में मैंने काफी उतार-चढ़ाव देखे। सत्र की शुरुआत में कुछ चोटें भी लगीं। लेकिन मैंने पूरे सत्र में कड़ी मेहनत की और अब जीत के साथ सत्र का अंत करके मैं बहुत खुश हूं। मैं बहुत उत्साहित हूं और अगले सत्र का इंतजार कर रहा हूं। इस टूर्नामेंट में मैंने जिस तरह का प्रदर्शन किया उससे वास्तव में मैं बहुत खुश हूं। लक्ष्य ने कहा कि मैच की अच्छी शुरुआत करना महत्वपूर्ण था। उन्होंने कहा, अच्छी शुरुआत करना और आखिर तक लय बनाए रखना महत्वपूर्ण था। पहले गेम में मुकाबला बराबरी का था। दूसरे गेम में मैंने अच्छी शुरुआत की और आखिर तक बढ़त बनाए रखी। मैं ज्यादा नहीं सोच रहा था और मैंने अपना पूरा ध्यान प्रत्येक अंक जीतने पर लगाया।








