राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के बाद Uttarakhand सरकार अब जमीनी स्तर पर खेल सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में प्रदेश के हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम बनाने का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बजट सत्र के तीसरे दिन विधानसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने और युवाओं को बेहतर अवसर देने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 में उत्तराखंड ने 38वें राष्ट्रीय खेल की सफल मेजबानी की थी। इस दौरान राज्य के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए राज्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेल ढांचा विकसित किया गया है।

सरकार ने लेगेसी पॉलिसी के तहत इन खेल परिसरों को खेल अकादमियों के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है, ताकि उभरती प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं मिल सकें। सरकार के अनुसार पर्वतीय क्षेत्रों में एक मिनी स्टेडियम के लिए लगभग 1.18 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। इसके निर्माण के लिए प्रति स्टेडियम लगभग 1 करोड़ 70 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है। माना जा रहा है कि इस योजना से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को भी खेल सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।








