उत्तराखंड के विकास के लिहाज से 14 अप्रैल का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दिन दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (एक्सप्रेसवे) का शुभारंभ करेंगे। राज्य सरकार इस आयोजन को भव्य और जनसहभागिता से परिपूर्ण बनाने में जुटी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में उच्चस्तरीय बैठक कर कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोजन को आकर्षक और सुव्यवस्थित बनाया जाए तथा इसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल औपचारिक न रहकर जन-उत्सव का रूप ले।

बैठक में मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों को विशेष महत्व देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति गढ़वाली, कुमाऊनी और जौनसारी परंपराओं की झलक कार्यक्रम में भव्य रूप से दिखाई देनी चाहिए। इसके लिए स्थानीय कलाकारों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी और आयोजन स्थल को पारंपरिक व आधुनिक साज-सज्जा से सजाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस ऐतिहासिक अवसर में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। प्रधानमंत्री के प्रस्तावित रोड शो के दौरान लोगों से राष्ट्रीय ध्वज के साथ शामिल होने का आह्वान किया गया है। साथ ही, कार्यक्रम से पहले पूरे राज्य में स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि उत्तराखंड की स्वच्छ छवि देशभर में प्रस्तुत की जा सके।

दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को राज्य के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय में कमी आने से आम लोगों को सुविधा मिलेगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को उत्तराखंड के विकास इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताते हुए कहा कि इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और उत्तराखंड राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में और अधिक सशक्त रूप से जुड़ सकेगा।
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