त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पुस्तकों से जुड़ना, विचारों और संस्कारों से जुड़ना है। वह परेड ग्राउंड में आयोजित दून बुक फेस्टिवल के दौरान विभिन्न विभागों और प्रतिष्ठित प्रकाशकों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के अवलोकन के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। सांसद हरिद्वार एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि इस प्रकार के पुस्तक उत्सव समाज में ज्ञान, साहित्य और विचारों के आदान-प्रदान का सशक्त माध्यम बनते हैं। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले लोगों को पुस्तकों के माध्यम से नए दृष्टिकोण, विचार और ज्ञान से परिचित होने का अवसर मिलता है, जो एक जागरूक और समृद्ध समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न प्रकाशकों के स्टॉलों का अवलोकन करते हुए पुस्तकों की विविधता और विषयों की व्यापकता की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में भी पुस्तकों का महत्व कम नहीं हुआ है बल्कि उनकी उपयोगिता और अधिक बढ़ गई है। पुस्तकें न केवल ज्ञान का स्रोत हैं बल्कि यह व्यक्ति के चिंतन, दृष्टिकोण और व्यक्तित्व को भी समृद्ध बनाती हैं। कार्यक्रम के दौरान भारत के गौरव और अशोक चक्र से सम्मानित ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का विशेष सम्मान किया गया। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उन्हें पुस्तक भेंट कर एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का साहस, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने युवाओं से ऐसे वीरों के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आगे कहा कि इस प्रकार के आयोजन विशेष रूप से युवाओं को साहित्य, इतिहास, विज्ञान और समसामयिक विषयों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को पुस्तकों के माध्यम से ज्ञान अर्जित कर अपने भविष्य को सशक्त बनाना चाहिए। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक लोग ऐसे आयोजनों में भाग लें और ज्ञान के प्रसार के इस अभियान से जुड़ें। उन्होंने यह भी कहा कि पुस्तकें हमें न केवल जानकारी देती हैं, बल्कि सही और गलत में अंतर समझने की क्षमता भी विकसित करती हैं। दून बुक फेस्टिवल में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, साहित्य प्रेमियों और आम नागरिकों की उपस्थिति देखने को मिली। विभिन्न स्टॉलों पर लोगों ने रुचि के अनुसार पुस्तकें खरीदीं और साहित्यिक गतिविधियों में भाग लिया। यह आयोजन शहर में एक सकारात्मक और ज्ञानवर्धक वातावरण बनाने में सफल रहा।










