प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल मंगलवार को उत्तराखंड के अपने 28वें दौरे पर देवभूमि पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साढ़े चार साल के सफल कार्यकाल में यह प्रधानमंत्री का 18वां दौरा होगा जो न केवल केंद्र और राज्य के बीच के प्रगाढ़ संबंधों को दर्शाता है बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि उत्तराखंड प्रधानमंत्री की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री राज्य की बुनियादी संरचना और ऊर्जा क्षेत्र को बदलने वाली दो अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। इनमें सबसे प्रमुख दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे और टिहरी में स्थापित देश का पहला वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज संयंत्र है। इन परियोजनाओं के शुरू होने से उत्तराखंड में कनेक्टिविटी और आर्थिक समृद्धि के एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है।
प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर पूरे प्रदेश में भारी उत्साह का माहौल है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दौरे को राज्य के विकास पथ पर एक मील का पत्थर बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से रिश्ता केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि कर्म और मर्म का है। यही कारण है कि आज प्रदेश के दुर्गम इलाकों तक विकास की किरण पहुंच रही है। मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में अब तक दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है, जो राज्य के इतिहास में एक कीर्तिमान है। मंगलवार को होने जा रहे इस लोकार्पण समारोह को भव्य बनाने के लिए शासन-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
इस दौरे का सबसे बड़ा आकर्षण दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे है, जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच की दूरी को न्यूनतम कर देगा। लगभग 11963 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार यह 213 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर आधुनिक इंजीनियरिंग का एक उत्कृष्ट नमूना है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर है जिसे एशिया का सबसे लंबा गलियारा माना जा रहा है। यह एक्सप्रेस-वे न केवल पर्यटन को गति देगा बल्कि राजाजी नेशनल पार्क के वन्यजीवों को सुरक्षित वातावरण भी प्रदान करेगा। इस मार्ग के चालू होने के बाद दिल्ली से देहरादून का सफर जो पहले पांच से छह घंटे में पूरा होता था वह अब मात्र ढाई घंटे में सिमट जाएगा। इससे पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को ट्रैफिक जाम और समय की बर्बादी से बड़ी राहत मिलेगी। 6 लेन के इस एक्सेस कंट्रोल्ड कॉरिडोर में 200 मीटर लंबे एलिफेंट अंडरपास और कई एनिमल पास बनाए गए हैं ताकि प्रकृति और विकास के बीच संतुलन बना रहे।

ऊर्जा के क्षेत्र में भी उत्तराखंड कल एक बड़ी छलांग लगाएगा। प्रधानमंत्री टिहरी में 1000 मेगावाट क्षमता वाले देश के पहले वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज संयंत्र का लोकार्पण करेंगे। टीएचडीसी द्वारा विकसित यह संयंत्र भारत की ऊर्जा सुरक्षा में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। यह अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट है जो ग्रिड की मांग के अनुसार बिजली उत्पादन और भंडारण की क्षमता रखता है। टिहरी हाइड्रो पावर कॉम्प्लेक्स के ऊपरी और निचले जलाशयों के बीच स्थापित यह तकनीक न केवल अतिरिक्त विद्युत उत्पादन करेगी, बल्कि भारत की हरित ऊर्जा यात्रा में भी निर्णायक भूमिका निभाएगी। विशेषज्ञ इसे भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए एक बड़ा समाधान मान रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से जुड़ाव 2014 के बाद से और अधिक गहरा हुआ है। 11 सितंबर 2015 को जब वे पहली बार प्रधानमंत्री के रूप में ऋषिकेश पहुंचे थे तब से लेकर अब तक उन्होंने राज्य के हर क्षेत्र के विकास पर निजी तौर पर ध्यान दिया है। चाहे केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण हो, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना हो या मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत कुमाऊं के मंदिरों का विकास, हर जगह प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि साफ नजर आती है। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री के विजन को धरातल पर उतारने का काम किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य ने कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। चारधाम ऑलवेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना और देहरादून-दिल्ली एलिवेटेड रोड जैसी बड़ी परियोजनाओं ने राज्य की तस्वीर बदल दी है। ग्रामीण इलाकों में सड़कों का विस्तार हुआ है और रोप-वे परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। प्रधानमंत्री की इस यात्रा से उत्तराखंड के पर्यटन, व्यापार और रोजगार के अवसरों में भारी वृद्धि होने की उम्मीद है। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के बाद अब आदि कैलाश और जागेश्वर धाम की ओर भी दुनिया का ध्यान गया है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में पलायन रुकने और आर्थिक समृद्धि की नई उम्मीद जगी है। कल का दिन उत्तराखंड के लिए केवल परियोजनाओं के लोकार्पण का दिन नहीं है, बल्कि यह केंद्र की डबल इंजन सरकार के अटूट संकल्प का भी परिचायक है। प्रधानमंत्री के आगमन से कार्यकर्ताओं और आम जनता में जो ऊर्जा संचारित हो रही है। वह आने वाले समय में राज्य को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में खड़ा करने में सहायक सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया है कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे और टिहरी की ऊर्जा परियोजना के साथ उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा और यह दशक निश्चित रूप से उत्तराखंड का दशक साबित होगा।










