प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi)ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम से संबंधित संविधान के 131वें संशोधन के लोकसभा से पारित नहीं हो पाने को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है। शनिवार को राष्ट्र के नाम संबोधन के दौरान PM Modi ने कहा कि आज भारत का हर नागरिक देख रहा है कि कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया। उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया।
पीएम ने अपने संबोधन में कहा, ‘नारी के दुख में मैं भी दुखी हूं। वो ये भूल रहे हैं कि 21वीं सदी की नारी देश की हर घटना पर नजर रख रही है। वो उनकी मंशा भाप रही हैं और सच्चाई भी भलीभांति जान चुकी है।’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल के बारे में कहा, ‘महिलाओं को अधिकार देने वाला यह संशोधन, जो 40 वर्षों से लंबित था, उन्हें 2029 के लोकसभा चुनावों से ही यह अधिकार प्रदान करने के बारे में था।’ पीएम ने आगे कहा, ‘नारी शक्ति वंदन संशोधन 21वीं सदी के भारत की महिलाओं को नए अवसर प्रदान करने, उन्हें नई उड़ान देने और उनके मार्ग में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए किया गया एक भव्य यज्ञ था।’
पीएम ने कहा, ‘कांग्रेस, DMK, TMC और समाजवादी पार्टी जैसी पार्टियों की स्वार्थी राजनीति का खामियाजा देश की महिलाओं को भुगतना पड़ा है। कल, पूरे देश में करोड़ों महिलाओं की नजरें संसद पर टिकी थीं।’ प्रधानमंत्री ने आगे कहा, ‘यह देखकर बेहद दुख हुआ कि जब महिलाओं के हित में लाया गया यह प्रस्ताव गिर गया, तो कांग्रेस, DMK, SP और TMC जैसी पार्टियां तालियां बजा रही थीं। महिलाओं के अधिकार छीनकर, वे अपनी मेजें थपथपा रही थीं।’
संसद में कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने जो व्यवहार किया है, उसकी कसक हर नारी के मन में हमेशा बनी रहेगी. अब जब भी ये नेता अपने क्षेत्रों में जाएंगे, महिलाएं याद रखेंगी कि इन्हीं लोगों ने उनके हक को रोका था, जो दल नारी शक्ति को ‘फॉर ग्रांटेड’ ले रहे हैं, वे बड़ी भूल कर रहे हैं। 21वीं सदी की नारी देश की हर राजनीतिक घटना पर पैनी नजर रख रही है. वह इन दलों की मंशा को भांप चुकी है और सच्चाई भी जानती है। महिला आरक्षण का विरोध करके विपक्ष ने जो पाप किया है, उसकी सजा उन्हें जनता जरूर देगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कड़े शब्दों में कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने सदन में पूरे देश के सामने इस बिल की ‘भ्रूण हत्या’ कर दी है। ये पार्टियां इस कृत्य के लिए देश के संविधान और नारी शक्ति की गुनहगार हैं। कांग्रेस शुरू से ही महिला आरक्षण के विषय से नफरत करती रही है। उन्होंने इसे रोकने के लिए पहले भी कई बार रोड़े अटकाए हैं। इस बार भी कांग्रेस ने संख्या बल और तकनीकी पेचों को लेकर नए-नए झूठ फैलाए और देश को गुमराह करने की नाकाम कोशिश की है।
विपक्ष ने विरोध करके अपना असली मुखौटा उतार दिया है। मुझे आशा थी कि शायद कांग्रेस अपनी दशकों पुरानी गलती सुधारेगी, लेकिन उसने इतिहास रचने का सुनहरा अवसर खो दिया। कांग्रेस खुद देश के अधिकांश हिस्सों में अपना वजूद खो चुकी है और परजीवी की तरह क्षेत्रीय दलों के सहारे जिंदा है। इन परिवारवादी पार्टियों को डर है कि अगर महिलाएं सशक्त हो गईं, तो उनका राजनीतिक नेतृत्व खतरे में पड़ जाएगा. वे कभी नहीं चाहते कि उनके परिवार की महिलाओं के अलावा कोई और आगे बढ़े।
कांग्रेस आज भी अंग्रेजों की ‘बांटो और राज करो’ की नीति पर चल रही है। उन्होंने देश में हमेशा दरार पैदा करने वाली भावनाओं को हवा दी है, यह झूठ फैलाया गया कि परिसीमन से कुछ राज्यों को नुकसान होगा, जबकि सरकार ने स्पष्ट किया था कि किसी भी राज्य की भागीदारी का अनुपात नहीं बदलेगा. डीएमके और टीएमसी जैसे दलों के पास मौका था कि वे अपने राज्यों से ज्यादा महिलाओं को सांसद बना सकें, लेकिन स्वार्थ में उन्होंने यह मौका गंवा दिया. सपा ने तो लोहिया के सपनों को ही अपने पैरों तले रौंद दिया है।
पीएम मोदी ने कहा, इतिहास साक्षी है कि कांग्रेस हमेशा से एक एंटी-रिफॉर्म पार्टी रही है। विकसित भारत के लिए जो भी निर्णय जरूरी होते हैं, कांग्रेस उन सबका विरोध करती है। इन्होंने जनधन योजना, आधार, मोबाइल क्रांति और डिजिटल पेमेंट तक का विरोध किया था। कांग्रेस ने ही ट्रिपल तलाक कानून, सामान्य वर्ग के गरीबों को आरक्षण और यूसीसी का विरोध किया है। रिफॉर्म का नाम सुनते ही कांग्रेस विरोध की तख्ती लेकर दौड़ पड़ती है।
कांग्रेस की नीति हमेशा से ‘लटकाना, अटकाना और भटकाना’ रही है। इसी वर्क कल्चर की वजह से भारत उस ऊंचाई पर नहीं पहुंच पाया, जिसका वह हकदार था। इन्होंने पड़ोसी देशों के साथ सीमा विवादों को लटकाया और पाक के साथ पानी बंटवारे जैसे मुद्दों को उलझाए रखा। आज जब देश वन नेशन वन इलेक्शन और सीएए जैसे कड़े फैसलों के साथ आगे बढ़ रहा है, तो कांग्रेस अफवाह फैलाकर बवंडर खड़ा करने की कोशिश कर रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा, महिला सब भूल जाती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती। इसलिए संसद में कांग्रेस और उसके सहयोगियों के व्यवहार की कसक हर नारी के मन में हमेशा रहेगी।










