उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 वर्तमान में अपने पूरे वैभव के साथ संचालित हो रही है लेकिन इस पावन यात्रा की आड़ में सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं फैलाकर प्रदेश की छवि धूमिल करने वालों के विरुद्ध राज्य सरकार ने अब निर्णायक अभियान छेड़ दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कड़े निर्देशों के बाद प्रशासन ने सोशल मीडिया पर डिजिटल स्ट्राइक शुरू कर दी है। इसी कड़ी में केदारनाथ धाम और यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर झूठी अफवाहें फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ जनपद रुद्रप्रयाग में दो नई प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। प्रशासन द्वारा अब तक इस मामले में कुल तीन एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जिससे साफ संदेश गया है कि आस्था के इस महापर्व के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स, विशेषकर इंस्टाग्राम और फेसबुक पर कुछ ऐसी रील्स और वीडियो वायरल किए जा रहे थे, जिनमें यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर बेहद नकारात्मक और निराधार दावे किए जा रहे थे। इन वीडियो में यह दुष्प्रचार किया गया कि श्रद्धालुओं को भारी भीड़ के कारण बिना दर्शन किए ही वापस भेजा जा रहा है और यात्रियों को पंद्रह-पंद्रह घंटे तक कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, कुछ वीडियो में पुलिस प्रशासन की मौजूदगी पर सवाल उठाते हुए धक्का-मुक्की और पूर्ण अव्यवस्था होने की झूठी बातें कही गईं। इन भ्रामक सूचनाओं का उद्देश्य न केवल आम जनता को डराना था बल्कि चारधाम यात्रा की अंतरराष्ट्रीय छवि को भी नुकसान पहुंचाना था।

प्रशासन ने इन दावों की वास्तविकता स्पष्ट करते हुए कहा है कि धरातल पर स्थिति इन सोशल मीडिया पोस्ट्स के बिल्कुल विपरीत है। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और सुविधा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और श्रद्धालुओं को टोकन सिस्टम के जरिए बेहद सुव्यवस्थित और चरणबद्ध तरीके से दर्शन कराए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि भीड़ का प्रबंधन वैज्ञानिक तरीके से किया जा रहा है ताकि प्रत्येक श्रद्धालु सुरक्षित महसूस करे। इन भ्रामक वीडियो के माध्यम से जो अविश्वास का वातावरण बनाने का प्रयास किया गया, उसे सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में स्पष्ट किया कि चारधाम यात्रा न केवल करोड़ों लोगों की श्रद्धा का केंद्र है बल्कि यह उत्तराखंड की अस्मिता और आर्थिकी से भी जुड़ी है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि सोशल मीडिया की 24 घंटे निगरानी की जाए और जो भी व्यक्ति तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहा है, उसकी पहचान कर तुरंत कानून के दायरे में लाया जाए। मुख्यमंत्री की इस सख्ती के बाद पुलिस की आईटी सेल और सोशल मीडिया मॉनीटरिंग टीमें सक्रिय हो गई हैं। संबंधित सोशल मीडिया आईडी संचालकों के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है और कई अन्य संदिग्ध डिजिटल खातों को भी रडार पर लिया गया है जिन पर आने वाले समय में कठोर कार्रवाई की जा सकती है।
राज्य सरकार ने एक बार फिर दोहराया है कि देवभूमि की मर्यादा और तीर्थयात्रियों की भावनाओं का सम्मान सर्वोपरि है। किसी भी व्यक्ति को सोशल मीडिया की आजादी का दुरुपयोग कर अफवाह फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सरकार ने श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि वे किसी भी असत्यापित वीडियो या संदेश पर भरोसा न करें और यात्रा से जुड़ी सटीक जानकारी के लिए केवल आधिकारिक सरकारी बुलेटिन और सूचना विभाग के पोर्टल्स का ही उपयोग करें। सख्त कार्रवाई की यह संगठित प्रक्रिया आने वाले दिनों में और तेज की जाएगी ताकि चारधाम यात्रा की पवित्रता और व्यवस्था अक्षुण्ण बनी रहे।










