केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने हरिद्वार कुंभ-2027 के दौरान गंगा की स्वच्छता, निर्मलता और अविरलता बनाए रखने के लिए राज्य सरकार को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है। यह जानकारी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भेजे गए केंद्रीय मंत्री के पत्र में दी गई है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कुंभ मेले के दौरान गंगा को स्वच्छ बनाए रखने के लिए राज्य सरकार द्वारा भेजे गए प्रस्तावों पर नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इन प्रस्तावों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, मल-कीचड़ उपचार संयंत्र, नदी की सतह और घाटों की सफाई, साथ ही सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण से जुड़े कार्य शामिल हैं। इन योजनाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावों को तृतीय पक्ष मूल्यांकन के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स को भेजा गया है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के निर्देशों के तहत की गई है। मूल्यांकन रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की स्वीकृति और वित्तीय प्रक्रिया पूरी की जाएगी। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि हरिद्वार कुंभ मेला-2027 के सफल और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मंत्रालय ने आश्वस्त किया है कि गंगा नदी की स्वच्छता और अविरलता बनाए रखने के लिए नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत हरसंभव प्रयास किए जाएंगे और राज्य सरकार को आवश्यक सहयोग दिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष फरवरी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से मुलाकात कर हरिद्वार महाकुंभ-2027 की तैयारियों और नमामि गंगे से जुड़ी परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की थी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के अंतर्गत 408.82 करोड़ की परियोजनाओं को शीघ्र मंजूरी देने का अनुरोध किया था। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया था कि जनवरी से अप्रैल 2027 तक आयोजित होने वाले इस महाआयोजन में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में गंगा की निर्मलता, स्वच्छता और अविरल प्रवाह बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। केंद्र और राज्य सरकार अब इसी दिशा में समन्वय के साथ आगे बढ़ रहे हैं।










