PM Modi In Uttarkashi: पीएम मोदी 27 फरवरी को दुनिया के दूसरे सबसे ऊंचे ट्रैक जनकताल का शिलान्यास करेंगे। पूरी उम्मीद है कि इससे क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी। पर्यटन को पंख लगेगा साथ ही बड़े स्तर पर स्थानीय रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसे लद्दाख की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। बतादें कि 1962 के युद्ध के बाद नेलांग और जादूंग सहित सोनम घाटी छावनी में तब्दील हो गई थी। वहां पर स्थानीय लोगों और पर्यटकों की आवाजाही बंद कर दी गई थी। लेकिन अब भौगोलिक परिस्थिति के आधार पर लद्दाख की तर्ज पर विकसित करने की योजना शुरू…
Author: teerandaj
38वें राष्ट्रीय खेल में लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र में रहा शुभंकर मौली राष्ट्रीय खेलों के समापन के बाद सीएम आवास पहुंचा। मुख्यमंत्री ने सीएम आवास में मौली का स्वागत किया। राष्ट्रीय खेलों का शुभंकर प्रतीक ’मौली’ (मोनाल पक्षी) देशभर में चर्चा का केंद्र रहा है। उत्तराखंड में आयोजित राष्ट्रीय खेलों का शुभंकर मौली राज्य के हर जनपद में भव्य स्वागत हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेल के दौरान मौली की सक्रियता ने सबका दिल जीतने का कार्य किया। उत्तराखण्ड का राज्य पक्षी मोनाल की विशिष्टता से देशभर के लोग परिचित हुए। 38वें राष्ट्रीय खेल ने उत्तराखंड को…
पहली बार National Games की मेजबानी कर रहा उत्तराखंड ने कई मोर्चों पर वाहवाही बटोरी है। शानदार मेजबानी की तारीफ तो हर जगह हो ही रही है साथ में खेल में उत्तराखंडी खिलाड़ियों के जज्बे की सराहना भी की जा रही है। उत्तराखंड ने आखिरी दिन पदकों का शतक लगा सबको चौंका दिया। पदकों के लिहाज से देखा जाए तो वह तालिका में चौथे स्थान पर है। उत्तराखंड से आगे सिर्फ सर्विस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड (एसएससीबी), महाराष्ट्र और हरियाणा ही रहा। एसएससीबी को कुल 121 पदक मिले। महाराष्ट्र ने 198 पदक पाए। वहीं, हरियाणा ने 153 पदक झटके। उत्तराखंड ने…
लोकसभा में भारी हंगामे के बीच 13 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने New Income Tax Bill पेश कर दिया है। केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट एक चुनौतीपूर्ण समय के दौरान तैयार किया गया था, जिसमें अनुमान या पूर्वानुमान से परे गंभीर बाहरी चुनौतियां थीं। इसके बावजूद, हमने भारत के हितों को सर्वोपरि रखते हुए आकलन को यथासंभव सटीक रखने का प्रयास किया है। नए आयकर कानून में प्रीवियस ईयर और असेसमेंट ईयर को खत्म कर दिया गया है। अब केवल टैक्स ईयर होगा। नए आयकर कानून को 1 अप्रैल 2026 से लागू करने का प्रस्ताव…
धामी सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उत्तराखंड में सड़क हादसा होने की दशा में 19 विभागों की जिम्मेदारी तय कर दी है। कैबिनेट ने प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। जल्द ही यह कानून का शक्ल ले लगा। बतादें कि राज्य में नौ साल बाद सड़क सुरक्षा नीति में बदलाव किया गया है। पूर्व की नीति में विभागों के काम निर्धारित नहीं थे। नई नीति में परिवहन, पुलिस, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन विभाग समेत कई विभागों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं। अब परिवहन विभाग सड़क सुरक्षा संबंधी एक्ट भी बनाएगा, जिसके तहत लापरवाही पर संबंधित…
उत्तराखंड में यूसीसी को 27 जनवरी से ही लागू हो चुका है। लेकिन, इसे लेकर लोगों के मन में तमाम तरह के सवाल उठ रहे हैं। इसी में एक है कि अगर वह पंजीकरण कराता है तो उसकी सूचना सार्वजनिक हो सकती है। लेकिन, यहां हम आपको बता दे कि यूसीसी में पंजीकरण में दी गई सूचना सार्वजनिक नहीं की जाएगी। अपर सचिव गृह निवेदिता कुकरेती के मुताबिक, यूसीसी में गोपनियता का पूरा ख्याल रखा गया है। दरअसल, में इस तरह के सवाल उठने के बाद उन्हें अपर सचिव गृह को बयान जारी करना पड़ा। अपर सचिव गृह के मुताबिक,…
Mary Kom In Mahakumbh : क्रीड़ा भारती और टीवाईसी द्वारा आयोजित ‘खेल महाकुंभ में शामिल होने आई अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर मैरी कॉम ने कहा कि बॉक्सिंग को क्रिकेट की तरह लोकप्रिय बनाना लक्ष्य है। खेल संवाद संगम के संवाद सत्र में चर्चा करते हुये पूर्व राज्यसभा सांसद और कई बार विश्व विजेता रहीं महिला बॉक्सर मैरी कॉम ने कहा कि योगी जी नें उत्तर प्रदेश में खिलाड़ियों को बहुत सपोर्ट किया है, अब मेंडल लाने की जिम्मेदारी युवा खिलाड़ियों की है। यह भी पढ़ें : सामान्य श्रद्धालु की तरह पहुंचे अनिल कुंबले, लगाई पुण्य की डुबकी मैरीकॉम ने कहा, मैं बचपन…
Kumble In Mahahakumbh : पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कोच अनिल कुंबले ने महाकुंभ में माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई। उनकी पत्नी चेतना रामतीर्था भी इस आध्यात्मिक यात्रा में उनके साथ रहीं। कुंबले ने संगम स्नान के बाद अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा कीं। उन्होंने अपनी तस्वीरों के साथ सिर्फ एक शब्द लिखा और वो था ब्लेस्ड (आशीर्वाद)। इससे उनका तात्पर्य यही था कि त्रिवेणी संगम में स्नान कर उन्हें भी पुण्य की प्राप्ति हुई और तीर्थराज प्रयागराज का आशीष मिला। Blessed 🙏🏽#MahaKumbh #Prayagraj pic.twitter.com/OFY6T3yF5F — Anil Kumble (@anilkumble1074)…
मां गंगा, मां यमुना और अदृश्य मां सरस्वती के पवित्र संगम में श्रद्धा और आस्था से ओत-प्रोत साधु-संतों, श्रद्धालुओं, कल्पवासियों, स्नानार्थियों और गृहस्थों का स्नान अब उस शिखर पर पहुंच गया है, जिसकी महाकुंभ से पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उम्मीद जताई थी। सीएम योगी ने पहले ही अनुमान जताया था कि इस बार जो भव्य और दिव्य महाकुंभ का आयोजन हो रहा है वह स्नानार्थियों की संख्या का नया रिकॉर्ड स्थापित करेगा। उन्होंने शुरुआत में ही 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई थी। उनका यह आकलन महाकुंभ के समापन से 15 दिन पहले ही सच साबित…
महाकुंभ में धामी ने सोमवार को परिवार संग त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान कर मां गंगा, यमुना और सरस्वती को नमन किया। सीएम ने इसे धार्मिक महापर्व बताते हुए कहा कि संगम में डुबकी लगाना अपने आप में बहुत बड़े धर्म का काम है। धामी ने हरिद्वार में 2027 में होने वाले कुंभ की तैयारियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार अभी से इसकी तैयारी में जुट गई है। जिससे हरिद्वार कुंभ भी प्रयागराज की तरह ऐतिहासिक और सुविधाजनक बनाया जा सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उत्तराखंड सरकार महाआयोजन के दौरान श्रद्धालुओं के लिए हर संभव सुविधा उपलब्ध…
सनातन संस्कृति के सबसे बड़े मानव समागम महाकुंभ में उमड़ रहे आस्था और श्रद्धा के महासागर में सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का भी आगमन हुआ। भारत की दूसरी महिला और पहली आदिवासी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रयागराज महाकुंभ में मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती की त्रिवेणी के पावन संगम में पुण्य की डुबकी लगाकर पूरी दुनिया को एकता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच महामहिम द्रौपदी मुर्मू ने पूरी आस्था के साथ त्रिवेणी संगम में स्नान किया। पावन डुबकी लगाने से पहले राष्ट्रपति ने त्रिवेणी संगम में पुष्प और नारियल अर्पित किया और…
रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी परिवार और कैबिनेट मंत्रियों संग महाकुंभ पहुंचे। इस अवसर पर सभी संतों ने उत्तराखंड राज्य में सर्वप्रथम समान नागरिक संहिता लागू करने पर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। सेक्टर-09 के आचार्य शिविर में आयोजित ‘समानता के साथ समरसता’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सभी संतों को धन्यवाद अर्पित करते हुए कहा कि त्रिवेणी की पवित्र भूमि और महाकुंभ के शुभ अवसर पर पूज्य संतों का आशीर्वाद मिलना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत की कल्पना में पूज्य संतों का आशीर्वाद सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा समान नागरिक संहिता लागू करना,…
विश्व के सबसे बड़े धार्मिक सांस्कृतिक समागम महाकुंभ ने दुनिया को अचंभित कर रखा है। दुनियाभर के बड़े धार्मिक आयोजनों में यह अपनी विशेष पहचान बना चुका है। प्रयागराज में मां गंगा, मां यमुना और अदृश्य सरस्वती नदियों के पावन संगम में बीते 30 दिनों में आस्था का अटूट रेला उमड़ रहा है। प्रतिदिन महाकुंभ में श्रद्धाभाव से पहुंच रहे श्रद्धालुओं की संख्या का आंकलन करें तो औसतन 1.44 करोड़ लोग हर रोज त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित कर रहे हैं। महाकुंभ के जरिए सनातनियों की आस्था और श्रद्धा की बेमिसाल लहर देखने को मिल रही है। यह…
Mahakumbh में जिस कदर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है उससे अनुमान लगाया जा रहा है कि 26 फरवरी तक 50 करोड़ का आंकड़ा पार कर जाएगा। महाकुंभ के 27वें दिन यानी, शनिवार आठ फरवरी को एक करोड़ 22 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई। महाकुंभ में स्नान करने वालों की संख्या 42 करोड़ के पार हो गई है। रविवार को भी संगम में काफी भीड़ है। यह भी पढ़ें : वंचित वर्ग की बेटियां ड्रोन पायलट बन भर रही हैं ऊंची उड़ान दरअसल, भारी भीड़ के कारण बहुत से लोग तीनों अमृत स्नान बीत जाने का इंतजार किया।…
Crime In Uttarakhand : ये आंकड़े चिंतानजक हैं। देवभूमि में साल 2022 व 2023 की तुलना में मर्डर-किडनैपिंग के मामलों में वृद्धि हुई है। हालांकि, अन्य गंभीर अपराधों में कमी दर्ज की गई है। दुष्कर्म, डकैती, दहेज हत्या, छिनैती में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई हैं। लेकिन, हत्या और अपहरण के मामलों में तेजी ने पुलिस की नींद उड़ा दी है। यह खुलासा एक आरटीआई (सूचना का अधिकार) के माध्यम से पुलिस मुख्यालय से मिले आंकड़ों से हुआ है। काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन एडवोकेट ने उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय के लोक सूचना अधिकारी से उत्तराखंड में वर्ष 2024…
पहाड़ के वो इलाके जहां बेटियों के जीवन में चूल्हा-चौका, घर परिवार की जिम्मेदारी के अलावा और कोई उम्मीद नहीं की जाती है वहीं पर ये बेटियां ड्रोन दीदी बनकर ड्रोन उड़ा रही हैं। पिथौरागढ़ की तनुजा वर्मा, गैरसैंण की रोशनी और उत्तरकाशी की जशोदा। ग्रामीण पृष्ठभूमि और सामाजिक तौर पर कमजोर तबके से आने वाली इन तीनों युवतियों ने कुछ समय पहले तक लैपटॉप तक नहीं देखा था। चलाने तो दूर की बात। लेकिन आज ये ड्रोन उड़ा रही हैं। ड्रोन असेम्बलिंग, रिपेयरिंग से लेकर फ्लाइंग तक का काम आसानी से कर रही हैं। यह भी पढ़ें : 38th…






















