केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा (जेपी नड्डा) ने मंगलवार को एम्स ऋषिकेश के पांचवें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा, दीक्षांत समारोह एक विशेष अवसर है जो छात्रों की उपलब्धियों को मान्यता देता है। उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक गरीब व्यक्ति को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है। देश भर के एम्स संस्थानों की चिकित्सा शिक्षा और सेवाओं में उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि ‘इस सदी की शुरुआत तक भारत में केवल एक एम्स था, वहीं आज देश में 22 एम्स संचालित हो रहे हैं। उन्होंने…
Author: teerandaj
Chardham Yatra में इस बार तीर्थयात्रियों को बाबा के दर्शन के लिए दो-तीन किलोमीटर लंबी लाइन से छुटकारा मिलेगा। इसके लिए टोकन सिस्टम लागू किया गया है। हालांकि, पिछले साल भी यह सिस्टम लागू करने का प्रयास किया गया था। लेकिन, लागू नहीं किया जा सका। इस बार टोकन सिस्टम लागू करने की पुख्ता व्यवस्था की गई है। कहा जा रहा है कि चारधाम यात्रा में इस बार दर्शन के लिए टोकन सिस्टम को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। इस व्यवस्था से केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम में दर्शन के लिए तीर्थयात्रियों को घंटों लाइन में खड़ा नहीं…
Uttarakhand : बैशाखी के शुभ अवसर पर उखीमठ स्थित श्री ओंकारेश्वर मंदिर एवं मक्कूमठ के श्री मर्करेटेश्वर मंदिर से पंचाग गणना के उपरांत द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर एवं तृतीय केदार श्री तुंगनाथ मंदिरों के कपाट खुलने की तिथियां घोषित की गईं। श्री मद्महेश्वर मंदिर के कपाट इस यात्रा वर्ष बुधवार 21 मई को कर्क लग्न में पूर्वाह्न 11:30 बजे वैदिक मंत्रोच्चार व विधि-विधान के साथ खोले जाएंगे। उखीमठ के श्री ओंकारेश्वर मंदिर में आचार्य वेदपाठियों द्वारा पंचांग गणना के बाद तिथि की घोषणा की गई। श्री तुंगनाथ जी के कपाट शुक्रवार 2 मई को पूर्वाह्न 10:15 बजे मिथुन लग्न में…
धार्मिक एवं आध्यात्मिक चेतना से ओत-प्रोत धर्मनगरी हरिद्वार में प्रेम प्रकाश मंडल द्वारा नवनिर्मित माता कृष्णा उद्यान भी मानव सेवा का एक सुंदर उदाहरण है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में विभिन्न विकास कार्यों के साथ ही चारधाम यात्रा को सुगम एवं सुविधापूर्ण बनाने, गंगा की स्वच्छता तथा कुंभ 2027 के भव्य एवं सफल आयोजन के लिए सराहनीय कार्य किया जा रहा है। यह बातें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हरिद्वार में नवनिर्मित माता कृष्णा उद्यान के शुभारंभ समारोह में कहीं। ओम बिरला ने कहा कि प्रेम प्रकाश मंडल देशभर में विभिन्न स्थानों पर मानव सेवा का…
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैजनाथ भकुनखोला मैदान में आयोजित तीन दिवसीय कत्यूर महोत्सव का रविवार को वर्चुअल रूप से शुभारंभ किया। इस अवसर पर CM DHAMI ने गरुड़ में नगरीय पेयजल योजना को स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंटर कॉलेज गागरीगोल में विज्ञान वर्ग की मान्यता दी जाएगी और चक्रवर्तेश्वर मंदिर में घाट, सभाकक्ष निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। के.डी. पांडेय रामलीला मैदान में टिनशेड का निर्माण किया जाएगा एवं कत्यूर महोत्सव के आयोजन हेतु 2 लाख रुपये की धनराशि प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने वर्चुअल संबोधन में कहा कि बैजनाथ की यह ऐतिहासिक भूमि 7वीं सदी…
हमनें प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू करने जैसा ऐतिहासिक कार्य किया है। इसके माध्यम से जाति, धर्म और लिंग आदि के आधार पर कानूनी मामलों में होने वाले भेदभाव को पूर्ण रूप से खत्म कर प्रदेश के सभी नागरिकों को समान अधिकार देने का प्रयास किया गया है। इसके साथ ही, हमारी सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। आज एक ओर जहां, केदारनाथ धाम एवं बद्रीनाथ धाम में वृहद स्तर पर पुनर्निमार्ण के कार्य किए जा हैं वहीं, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरीडोर के निर्माण…
नैनीताल हाईकोर्ट ने देहरादून के विकासनगर में झुग्गीवालों को बड़ी राहत दी है। बुलडोजर एक्शन पर रोक लगाते हुए कहा कि झुग्गीवालों को पर्याप्त सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया। नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार से 15 अप्रैल तक स्थिति स्पष्ट करने का आदेश दिया है। साथ ही कोर्ट ने कहा कि रसूखदारों पर क्यों नहीं कार्रवाई की जा रही है। अतिक्रमण पर बुलडोजर एक्शन के मामले में सुनवाई करते हुए नैनीताल हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की है। मामले में चयनात्मक कार्रवाई का आरोप लगाया गया है। शनिवार को अवकाश के बाद भी मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी नरेंद्र व न्यायमूर्ति…
Uttarakhand … अब इसे क्या कहा जाए। लापरवाही और अनदेखी जैसे शब्द छोटे जान पड़ रहे हैं। जागेश्वर धाम के निकट चार गांवों की बात हो रही है। इनके नाम हैं भागरतौला, चमूवा, कपूकोली, पापगड़ और कदौरी। इनके संपर्क मार्ग को पक्का करने का काम 2016 से चल रहा है। 2025 अप्रैल तक जारी है। नौ सालों बाद भी ग्रामीणों में उम्मीद नजर नहीं आ रही है। क्योंकि काम ठप है। नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (NABARD) के तहत स्वीकृत चार करोड़ 71 लाख की इस योजना उद्देश्य था कि इन दुर्गम गांवों को मुख्य बाजार और अल्मोड़ा…
27 मार्च को लैंसेट एचआईवी जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में कहा गया है कि दुनिया के बड़े देशों जैसे-अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और नीदरलैंड की ओर से HIV वायरस की फंडिंग में कटौती करने के कारण अगले पांच सालों में यानी 2030 तक एक करोड़ से ज्यादा लोग इस संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं। साथ ही 30 लाख लोगों की मौत भी हो सकती है। ये पांच देश इस मद में 90 फीसदी से ज्यादा योगदान देते हैं। इस फंड की मदद से जागरूकता कार्यक्रम के साथ उपचार भी किया जाता है। बतादें कि दुनिया के प्रमुख देश…
जायका पहाड़ का … भारतीय खाद्य परंपरा में मंडुआ यानी रागी या फिंगर मिलेट एक प्राचीन अनाज के रूप में जाना जाता है, जिसे उत्तराखंड और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में ‘सर्दियों का राजा’ कहा जाता है। इसके आटे से तैयार बिस्कुट न केवल स्वादिष्ट हैं, बल्कि पोषण से भरपूर और स्वास्थ्यवर्धक भी है। मंडुआ मोटे अनाज की श्रेणी में आता है। यूं तो मंडुआ ग्रामीण आंचलों में काफी जाना-पहचाना अनाज है लेकिन जब से सरकार ने साल 2023 को मिलिट वर्ष घोषित किया है तब से मंडुआ का नाम हर किसी की जुबान पर है। मंडुआ के बिस्कुट के पोषण…
Chardham Yatra-2025 को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित बनाने के लिए पशुपालन महकमा घोड़े खच्चरों के स्वास्थ्य की जांच में जुट गया है। पशुपालन विभाग की रोग अनुसंधान प्रयोगशाला द्वारा श्रीनगर यात्रा में आने वाले घोड़े-खच्चरों के रक्त सीरम की जांच की जा रही है। प्रयोगशाला में ग्लैंडर्स और इक्वाइन इन्फ्लूएंजा (ईआई) या हॉर्स फ्लू संक्रमण की जांच हो रही है। अब तक यहां पांच हजार से ऊपर सैंपल जांच के लिए पहुंच चुके हैं। यमुनोत्री, केदारनाथ और हेमकुंट साहिब की यात्रा में तीर्थयात्रियों के आवागमन और सामान ले जाने के मुख्य साधन घोड़े-खच्चर हैं। भारी संख्या में विभिन्न स्थानों से…
Chardham Yatra-2025 : दो मई की सुबह सात बजे से बाबा केदारनाथ भक्तों को दर्शन देंगे। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने बताया कि केदारनाथ धाम की यात्रा मई माह से प्रारंभ हो रही है। उन्होंने बताया कि आगामी 02 मई को प्रातः 7 बजे परंपरानुसार बाबा केदार के कपाट आम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोले जाएंगे। इससे पहले केदारनाथ की चल-विग्रह डोली ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से केदारनाथ धाम के लिए 28 अप्रैल को प्रस्थान करेगी। उन्होंने बताया कि बाबा केदारनाथ की चल-विग्रह डोली के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार श्री ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से श्री केदारनाथ…
गोल्डन टेंपल यानी स्वर्ण मंदिर तक पहुंचने की डगर आसान होने वाली है। उत्तराखंड परिवहन निगम 14 अप्रैल से देहरादून से अमृतसर के लिए सीधे बस सेवा शुरू करने जा रही है। यह बस सहारनपुर, लुधियाना, जालंधर होते हुए अमृतसर पहुंचेगी। अमृतसर तक का किराया को 1224 रुपये निर्धारित किया गया है। बस सुबह 10 बजे रवाना होगी। बस सेवा शुरू होने से श्रद्धालुओं को काफी सहूलियत होगी। लंबे समय से सिख समुदाय के लोग राज्य सरकार से अमृतसर के लिए वॉल्वो बस सेवा संचालित करने की मांग कर रहे थे। परिवहन निगम के सहायक महाप्रबंधक (ग्रामीण डिपो) राजीव गुप्ता…
गैरसैंण को किताब कौथिग भा गया। चार से छह अप्रैल को हुए आयोजन में हजारों की भीड़ ने इस बात पर मुहर लगा दी। गैरसैंण में किताब कौथिग का यह 13वां आयोजन था। लेकिन, जिस तरह इस बार आयोजन को लेकर उत्साह देखा गया वैसे पहले नहीं देखा गया था। नगर पंचायत अध्यक्ष मोहन भंडारी इसमें बड़ा योगदान रहा। यहां हजारों लोगों ने किताबों के साथ साथ विज्ञान, पर्यटन, हस्तशिल्प और आधुनिक तकनीक के बारे में जानकारी प्राप्त की। 31 मार्च से 4 अप्रैल तक पूर्व प्रधानाचार्य बीएस बुटोला के संयोजन में हुई 5 दिवसीय बाल लेखन कार्यशाला से किताब कौथिग…
दिसंबर 2019 की बात है। अपने देश में भी कहीं-कहीं कोरोना वायरस पर बातें होने लगी थीं। लेकिन, उसमें गंभीरता कम, गॉसिप ज्यादा थी। माह के आखिर तक अखबारों में यह आने लगा। जनवरी 2020 की शुरुआत होते ही यह प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक्स चैनलों की सुर्खियों में था। तीसरे हफ्ते में भारत में भी एक मरीज पाया गया। इसके बाद जो कुछ हुआ वह सबके जेहन में मौजूद होगा। मार्च में देश ने लॉकडाउन देखा। यह अजीब बात थी। जिस शब्द के बारे में देश के अधिकांश लोगों को पता ही नहीं था, अब उनकी जुबां पर बैठ गया।…
प्रतिमा मिश्रा – जो हाल दिल्ली-नोएडा का गर्मी के करीब 8-9 महीनों में होता है वो किसी से छिपा नहीं है। हमारे महानगर आबादी से ‘ओवरफ्लो’ हो चुके हैं। लोअर मीडियम क्लास शहर से थोड़ी दूरी पर ठिकाना खोज रहा है और जो खर्च कर सकते हैं वे पास के पहाड़ों की तरफ भाग रहे हैं। उत्तराखंड में भीड़ बढ़ने से दून घाटी की प्रकृति बदल रही है। यह केवल एक शहर की बात नहीं है, उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी इलाकों की प्रकृति भी बदल रही है। एक उदाहरण से समझिए… अगर आप देहरादून में रहते हैं तो अपने…






















