दिल्ली और देवभूमि उत्तराखंड के बीच की दूरियां अब इतिहास बन गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को 11963 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 213 किलोमीटर लंबे बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का विधिवत लोकार्पण कर राष्ट्र को समर्पित किया। इस आधुनिक कॉरिडोर के शुरू होने से न केवल दिल्ली से देहरादून का सफर सुगम होगा बल्कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा समेत तीन राज्यों के करोड़ों लोगों के लिए तरक्की की नई राह खुलेगी। बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के पावन अवसर पर आयोजित इस समारोह में प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के विकास को देश की नई भाग्य रेखा करार दिया। उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ दोहराया कि 21वीं सदी का यह तीसरा दशक निश्चित रूप से उत्तराखंड का दशक होगा और यह राज्य आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के दम पर विश्व पटल पर अपनी नई पहचान बनाएगा।
सामाजिक न्याय और आधुनिकता का संगम
आंबेडकर जयंती पर पीएम ने दिया बड़ा संदेश जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने मां डाट काली और संतला माता के चरणों में शीश नवाया। उन्होंने कहा कि आज का दिन विशेष है क्योंकि आज बाबा साहेब की जयंती है। पीएम ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार के निर्णय संविधान की मूल भावना को जमीन पर उतारने वाले हैं। अनुच्छेद 370 के खात्मे के बाद आज पूरे देश में बाबा साहेब का संविधान पूर्णतः लागू है। उन्होंने आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को सामाजिक न्याय का सबसे बड़ा औजार बताते हुए कहा कि जब सड़कें और एक्सप्रेस-वे बनते हैं, तो गरीब और वंचित को सबसे पहले मुख्यधारा से जुड़ने का मौका मिलता है। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले जहां पूरे देश में बुनियादी ढांचे पर दो लाख करोड़ रुपये भी खर्च नहीं होते थे, वहीं आज यह आंकड़ा 12 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है, जिसका बड़ा हिस्सा उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों को मिल रहा है।
देहरादून में आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने जिस अपनत्व के साथ प्रदेशवासियों का अभिवादन किया, वह उनके उत्तराखंड के प्रति गहरे लगाव को दर्शाता है।#DelhiDehradunExpressway pic.twitter.com/wY5l2f5jqD
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) April 14, 2026
नारी शक्ति और सांस्कृतिक गौरव
वेड इन इंडिया और विंटर टूरिज्म से संवरेगा भविष्य संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का जिक्र कर महिलाओं के लिए बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि 2029 के चुनावों से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलना सुनिश्चित होना चाहिए ताकि लोकतंत्र में उनकी भागीदारी और मजबूत हो। प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड को प्रकृति, प्रगति और संस्कृति की त्रिवेणी बताया। उन्होंने आदि कैलाश और शीतकालीन चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या पर खुशी जाहिर की और कहा कि उत्तराखंड अब केवल तीर्थाटन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विंटर स्पोर्ट्स और वेड इन इंडिया (डेस्टिनेशन वेडिंग) का ग्लोबल हब बन रहा है। उन्होंने देश के पहले एक हजार मेगावाट क्षमता वाले वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज संयंत्र का लोकार्पण करते हुए ऊर्जा क्षेत्र में भी उत्तराखंड की धमक का एहसास कराया।

कुंभ 2026 का संकल्प
देवभूमि की पवित्रता और स्वच्छता के लिए पीएम की भावुक अपील प्रधानमंत्री ने अपने भाषण के अंत में आगामी हरिद्वार कुंभ को लेकर सरकार के संकल्प को साझा किया। उन्होंने कहा कि अगले साल होने वाले कुंभ को दिव्य, भव्य और सबसे महत्वपूर्ण स्वच्छ बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने पर्यटकों और तीर्थयात्रियों से एक भावुक अपील करते हुए कहा कि देवभूमि की पवित्रता बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। इस एक्सप्रेस-वे के एलिवेटेड कॉरिडोर के नीचे से गुजरने वाले वन्यजीवों के संरक्षण का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे यह प्रोजेक्ट विकास और पर्यावरण के संतुलन का बेजोड़ नमूना है। प्रधानमंत्री के इस दौरे ने साफ कर दिया है कि मोदी की गारंटी के साथ उत्तराखंड अब वीरान गांवों के पुनर्जीवन और आधुनिक कनेक्टिविटी के एक नए युग में प्रवेश कर चुका है।
पुष्प वर्षा और जनसैलाब
इससे पहले 12 किमी लंबे रोड शो में उमड़ा श्रद्धा और उत्साह का ज्वार लोकार्पण से पूर्व देहरादून की सड़कों ने एक ऐतिहासिक दृश्य देखा जब प्रधानमंत्री मोदी ने 12 किलोमीटर लंबा भव्य रोड शो किया। हजारों की भीड़ ने फूलों की वर्षा कर उनका स्वागत किया। कड़कड़ाती धूप के बावजूद स्कूली बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक का उत्साह चरम पर था। पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी जैसे सुदूर जनपदों से आए पारंपरिक लोक कलाकारों ने ढोल-दमोह और रणसिंघे की गूंज से पूरी घाटी को गुंजायमान कर दिया। प्रधानमंत्री ने भी अपने खुले वाहन से हाथ हिलाकर जनता का अभिवादन स्वीकार किया। छतों और डिवाइडरों पर खड़े लोग अपने प्रधानसेवक की एक झलक पाने को बेताब दिखे जो इस बात का प्रतीक था कि यह एक्सप्रेस-वे केवल कंक्रीट का ढांचा नहीं बल्कि लोगों की भावनाओं से जुड़ा प्रोजेक्ट है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को उत्तराखंड की नई लाइफलाइन बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से देश और प्रदेश के विकास की गति तेज हुई है। बाबा साहेब आंबेडकर की जयंती के अवसर पर बधाई देते हुए सीएम धामी ने विश्वास जताया कि इन विकास कार्यों के दम पर 2027 के चुनाव में भी जनता का आशीर्वाद भारतीय पार्टी को मिलेगा। गडकरी ने अंत में भरोसा दिलाया कि बेहतर सड़कों और टनल निर्माण से न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, जिससे उत्तराखंड का भविष्य पूरी तरह बदल जाएगा।










