Haridwar kumbh 2027 का आगाज 13 जनवरी को होगा। 97 दिनों तक चलने वाले इस महाआयोजन का समापन 20 अप्रैल में होगा। कुंभ मेला 2027 का पहला अमृत स्नान मकर संक्रांति 14 जनवरी 2027 को होगा। दूसरा अमृत स्नान मौनी अमावस्या 6 फरवरी, बसंत पंचमी 11 फरवरी, माघ पूर्णिमा 20 फरवरी और महाशिवरात्रि का अमृत स्नान 6 मार्च 2027 को होगा। फाल्गुन की अमावस्या का अमृत स्नान 8 मार्च 2027 को होगा। नव संवत्सर (नव वर्ष) अमृत स्नान 07 अप्रैल 2027, मेष संक्रांति अमृत स्नान 14 अप्रैल 2027, श्री रामनवमी अमृत स्नान 15 अप्रैल और चैत्र पूर्णिमा का अमृत स्नान 20 अप्रैल 2027 को होगा।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार पहुंचकर सभी 13 अखाड़ों के संतों से मुलाकात की। सीएम ने अखाड़ों के प्रतिनिधियों व हितधारकों संग कुंभ की व्यवस्थाओं और सुविधाओं पर रायशुमारी की। इसमें अमृत स्नान से लेकर हर समस्याओं के समाधान तथा भव्य-दिव्य कुंभ की रूपरेखा तैयार की गई। सीएम की बैठक से पूर्व बृहस्पतिवार को अधिकारी बैरागी से लेकर निर्मोही, निरंजनी से जूना समेत सभी 13 अखाड़ों में पहुंचकर समन्वय बनाने में जुटे रहे। पहले बैरागी संतों ने अखिल भारतीय श्रीपंच निर्मोही अनी अखाड़े में मेलाधिकारी सोनिका सिंह का स्वागत किया। संतों से चर्चा के दौरान मेलाधितकारी ने कहा कि सरकार और संतों के समन्वय से कुंभ मेले को दिव्य और भव्य रूप से संपन्न कराया जाएगा।

संतों ने कुंभ मेले के लिए सहयोग का किया वादा
इस दौरान सीएम धामी ने कहा कि आज सभी पूज्य संतों ने कुंभ मेले के लिए अपना पूरा आशीर्वाद और सहयोग देने का वादा किया, क्योंकि कुंभ मेला होता है, इसलिए हमारे पूज्य संत समाज का इसमें बड़ा रोल होता है। हमारे सभी अखाड़ों के सभी पूज्य संत आज यहां मौजूद थे। सभी पार्टियों के प्रतिनिधि मौजूद थे, और यह पक्का करने के लिए कि 2027 में होने वाला यह मेला सच में दिव्य और शानदार हो, सभी ज़रूरी इंतज़ामों पर बात हो गई है। हमारे प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और प्रेरणा से यह एक शानदार मेला होगा। सभी सकारात्मक अनुभव के साथ जाए। तैयारियां चल रही हैं, और सभी के सुझावों से हम कुंभ को बेहतर बनाएंगे।

हरिद्वार कुंभ 2027 में शाही स्नान की तिथियों की घोषणा करते मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी।#Haridwarkumbh2027#Haridwar#Uttarakhand pic.twitter.com/W4MKWJNod4
— Uttarakhand DIPR (@DIPR_UK) November 28, 2025
बैठक के बाद सीएम ने कहा कि हमारी सरकार कुंभ को भव्य एवं दिव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। श्रद्धालु यहां से सुखद और अविस्मरणीय अनुभव लेकर लौटें, यही हमारा संकल्प है।











