दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस वे का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया। इसी के साथ दिल्ली दूर नहीं का सपना साकार हो गया। यह एक्सप्रेसवे का लाभ तीन राज्यों को मिलेगा। 11,963 करोड़ की लागत से बने 213 किमी लंबे दून-दिल्ली ऐलिवेटेड एक्सप्रेस-वे की सौगात दी। इसके अलावा एक हजार मेगावाट क्षमता के देश के पहले वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज संयंत्र का भी लोकार्पण किया। इससे पहले पीएम ने 12 किलोमीटर का लंबा रोड शो भी किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य रोड शो इस समय शहर के मुख्य मार्गों से गुजर रहा है। एलिवेटेड रोड से लेकर जसवंत मैदान तक, हर…
Author: teerandaj
विकास और पारिस्थितिकी के बीच संतुलन का एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश करते हुए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर निर्मित 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर अब वन्यजीवों के लिए एक अभेद्य सुरक्षा कवच के रूप में तैयार है। एशिया के इस सबसे लंबे वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर को लेकर सोमवार को उत्तराखंड के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने वन मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह परियोजना न केवल यात्रा के समय को कम करेगी, बल्कि हिमालयी क्षेत्र और शिवालिक की पहाड़ियों में मानव-वन्यजीव संघर्ष को न्यूनतम करने में भी मील का पत्थर साबित…
14 अप्रैल को बैसाखी और संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस परियोजना को उत्तराखंड की रफ्तार और विस्तार का नया आधार स्तंभ बताया है। प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए त्रिवेंद सिंह रावत ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश के कोने-कोने में उच्च गुणवत्ता वाली सड़कों का जो जाल बिछाया गया है। उसने भारत की आधारभूत संरचना को अभूतपूर्व मजबूती प्रदान की है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे इसी आधुनिक संकल्प का सबसे सशक्त…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल मंगलवार को उत्तराखंड के अपने 28वें दौरे पर देवभूमि पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साढ़े चार साल के सफल कार्यकाल में यह प्रधानमंत्री का 18वां दौरा होगा जो न केवल केंद्र और राज्य के बीच के प्रगाढ़ संबंधों को दर्शाता है बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि उत्तराखंड प्रधानमंत्री की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री राज्य की बुनियादी संरचना और ऊर्जा क्षेत्र को बदलने वाली दो अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। इनमें सबसे प्रमुख दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे और टिहरी में स्थापित देश का पहला वेरिएबल स्पीड…
सीएम धामी ने सोमवार को राजधानी देहरादून के बल्लूपुर चौक में नगर निगम द्वारा आयोजित स्वेच्छा से स्वच्छता” कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने न केवल प्रदेशवासियों को स्वच्छता का संदेश दिया बल्कि स्वयं झाड़ू थामकर सफाई अभियान में हिस्सा लेते हुए एक जन-प्रेरक उदाहरण भी प्रस्तुत किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि देवभूमि को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं बल्कि हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता को एक सरकारी कार्यक्रम के बजाय एक जन-आंदोलन बनना चाहिए। उन्होंने कहा, स्वच्छता केवल सरकारी…
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे : आधुनिक भारत की बदलती तस्वीर और बुनियादी ढांचे के विकास में 14 अप्रैल 2026 की तारीख स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होने जा रही है। दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून तक जाने वाला नया इकोनॉमिक कॉरिडोर अब पूरी तरह तैयार है। यह सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग का वह करिश्मा है जिसने विकास की भूख और प्रकृति की रक्षा के बीच वर्षों से चले आ रहे द्वंद्व को समाप्त कर दिया है। कल होने वाले औपचारिक उद्घाटन के बाद दिल्ली से देहरादून का वह सफर जो कभी किसी बुरे सपने जैसा लगता…
आपके अनुभव में जंगलों में आग लगने की सबसे बड़ी वजह क्या है… प्राकृतिक कारण या मानवीय लापरवाही? देखिए, यह सवाल बहुत सीधा लगता है लेकिन इसका जवाब इतना सरल भी नहीं है। आमतौर पर हम यह मान लेते हैं कि जंगलों की आग ज्यादातर मानवीय लापरवाही से लगती है लेकिन मेरे अनुभव में यह पूरी सच्चाई नहीं है। प्राकृतिक कारण अब पहले से ज्यादा प्रभावी होते जा रहे हैं। खासकर जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम का व्यवहार काफी अनिश्चित और आक्रामक हो गया है। आजकल आप देख रहे होंगे कि बिजली कड़कने की घटनाएं बढ़ी हैं। अचानक तेज गर्मी…
इस वर्ष चारधाम यात्रा को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने नई रणनीति तैयार की है। अमरनाथ यात्रा की तर्ज पर अब चारधाम यात्रियों की निगरानी की जाएगी। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने यात्रियों को आरएफआईडी (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) कार्ड जारी करने का सुझाव दिया है, जिससे हर यात्री की लोकेशन और मूवमेंट पर नजर रखी जा सकेगी। प्रशासन का मानना है कि आरएफआईडी कार्ड से आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराना आसान होगा। इसके जरिए यह भी पता लगाया जा सकेगा कि कौन यात्री किस स्थान पर है, जिससे भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था…
अतुल्य उत्तराखंड के लिए विकास जोशी नेपाल में साल 2024 में उभरा युवा आंदोलन पारंपरिक राजनीति के खिलाफ असंतोष को खुलकर सामने लाया। भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और राजनीतिक अस्थिरता से परेशान युवाओं ने एक वैकल्पिक नेतृत्व की तलाश शुरू की और इसी खाली जगह को बालेन शाह ने भरा। नेपाल में उनका उभार सिर्फ एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि राजनीतिक माइंडसेट का बदलाव है, जहां विचारधारा से ज्यादा परिणामों की अपेक्षा है। शाह की राजनीति का मूल-मंत्र साफ है, तेज फैसले, सीधा असर। प्रधानमंत्री पद संभालते ही बालेन शाह ने साफ कर दिया है कि उनका कार्यकाल पारंपरिक राजनीति की तरह…
अतुल्य उत्तराखंड के लिए जेपी मैठाणी मोनाल टॉप आज उत्तराखंड के उभरते ट्रेकिंग डेस्टीनेशनों में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। चमोली जिले के देवाल ब्लॉक में स्थित यह ट्रेक रूट खासतौर पर हिमालयी पक्षी मोनाल की मौजूदगी के कारण अलग आकर्षण रखता है। यहां बड़ी संख्या में मोनाल का दिखाई देना इस क्षेत्र को बाकी ट्रेकिंग रूट्स से अलग बनाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस इलाके में मानवीय हस्तक्षेप अपेक्षाकृत कम होने के कारण यहां का प्राकृतिक संतुलन अब भी काफी हद तक सुरक्षित है, जो वन्यजीवों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करता है। मोनाल टॉप…
भारतीय सेना ने एक ऐतिहासिक प्रशासनिक निर्णय लेते हुए लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित को ब्रिगेडियर पद पर पदोन्नत करने की आधिकारिक स्वीकृति दे दी है। यह फैसला उनके करियर से जुड़े लगभग दो दशक पुराने कानूनी विवाद और हाल ही में मिली अदालती राहत के बाद आया है। आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल के हस्तक्षेप और जुलाई 2025 में विशेष एनआईए अदालत द्वारा मालेगांव विस्फोट मामले में उन्हें पूरी तरह बरी किए जाने के बाद, सेना ने उनकी पदोन्नति की बाधाओं को दूर कर दिया है। कर्नल पुरोहित का सैन्य करियर साल 2008 में उस समय रुक गया था जब उन्हें मालेगांव…
अतुल्य उत्तराखंड ब्यूरो हाल ही में उत्तराखंड के पुरोला में सर बडियार क्षेत्र के बिगाड़ी गांव में कुछ पुराने कुठारों के अवशेष देखने को मिले, जो इस बात की याद दिलाते हैं कि पहाड़ी समाज में अनाज भंडारण कितनी बुद्धिमानी और पर्यावरण-अनुकूल तरीके से किया जाता था। ये कुठार मुख्य रूप से देवदार, चीड़ या अन्य स्थानीय लकड़ियों से बने विशाल बक्सानुमा ढांचे होते हैं। कभी-कभी बांस की पट्टियों और लकड़ी के संयोजन से भी तैयार किए जाते थे। इनमें अलग-अलग अनाजों के लिए अलग-अलग कम्पार्टमेंट या ‘गांजे’ बनाए जाते थे, जहां धान, गेहूं, जौ, मक्का, मड़ुआ, कोदो, झंगोरा, चौलाई…
अतुल्य उत्तराखंड ब्यूरो ‘धुरंधर धामी’ …कुछ समय पहले आई यह टिप्पणी किसी केंद्रीय मंत्री के भाषण का हिस्सा भर नहीं थी, यह चार साल के राजनीतिक प्रदर्शन का सार था। राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में धुरंधर वह नेता होता है जो समय की नब्ज को समझे, बदलती परिस्थितियों में संतुलन बनाए रखे और अपनी पकड़ लगातार मजबूत करता चले। अगर इसी कसौटी पर पुष्कर सिंह धामी का मूल्यांकन किया जाए, तो वे इस पर खरे उतरते नजर आते हैं। उत्तराखंड में लंबे समय तक यह धारणा बनी रही कि मुख्यमंत्री का कार्यकाल पूरा होना अपवाद है। इसी अनिश्चितता के बीच जुलाई 2021…
त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पुस्तकों से जुड़ना, विचारों और संस्कारों से जुड़ना है। वह परेड ग्राउंड में आयोजित दून बुक फेस्टिवल के दौरान विभिन्न विभागों और प्रतिष्ठित प्रकाशकों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के अवलोकन के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। सांसद हरिद्वार एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि इस प्रकार के पुस्तक उत्सव समाज में ज्ञान, साहित्य और विचारों के आदान-प्रदान का सशक्त माध्यम बनते हैं। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले लोगों को पुस्तकों के माध्यम से नए दृष्टिकोण, विचार और ज्ञान से परिचित होने का अवसर मिलता है, जो एक…
उत्तराखंड के विकास के लिहाज से 14 अप्रैल का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दिन दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (एक्सप्रेसवे) का शुभारंभ करेंगे। राज्य सरकार इस आयोजन को भव्य और जनसहभागिता से परिपूर्ण बनाने में जुटी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में उच्चस्तरीय बैठक कर कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोजन को आकर्षक और सुव्यवस्थित बनाया जाए तथा इसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल औपचारिक न रहकर जन-उत्सव का रूप ले। बैठक में…
पंतनगर विश्वविद्यालय में मंगलवार को 37वां दीक्षांत समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में कुल 1395 विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों में डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें 731 छात्र और 664 छात्राएं शामिल रहीं। साथ ही 36 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदकों से सम्मानित किया गया। सर्वोत्तम स्नातक के रूप में जयश्री रॉय को कुलाधिपति स्वर्ण पदक प्रदान किया गया, जबकि कई अन्य विद्यार्थियों को कुलपति स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक से नवाजा गया। समारोह में राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर राज्य के…





















