उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर अपने कार्य करने के अंदाज से प्रशासनिक अमले को चौंका दिया है। सीएम हेल्पलाइन (1905) पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण की जमीनी सच्चाई परखने के लिए मुख्यमंत्री शनिवार को बिना किसी पूर्व सूचना के सीधे देहरादून के जाखन क्षेत्र में पहुंच गए। यहां उन्होंने न केवल शिकायतकर्ता के साथ पैदल चलकर बदहाल फुटपाथ का मुआयना किया बल्कि मौके से ही अधिकारियों को वीडियो कॉल कर उनकी लापरवाही पर जमकर नाराजगी भी जताई।
जाखन निवासी विवेक मदान ने सीएम हेल्पलाइन पर एक शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी शिकायत राजपुर रोड पर बिजली की लाइनों को अंडरग्राउंड किए जाने के बाद पैदा हुई अव्यवस्था को लेकर थी। शिकायत के अनुसार, बिजली विभाग ने अंडरग्राउंड लाइन बिछाने के लिए बने बनाए फुटपाथ को खोद डाला लेकिन कार्य पूरा होने के बाद मिट्टी का भरान ठीक से नहीं किया गया। इस कारण फुटपाथ की टाइल्स धंस गईं, जिससे पैदल चलने वालों, विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए खतरा पैदा हो गया था।

मुख्यमंत्री को शुक्रवार को सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा बैठक लेनी थी। लेकिन कागजी आंकड़ों पर भरोसा करने के बजाय उन्होंने खुद धरातल पर उतरने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री अचानक जाखन पहुंचे और शिकायतकर्ता विवेक मदान को अपने साथ लिया। सीएम ने देखा कि फुटपाथ की हालत वाकई दयनीय थी और अंडरग्राउंड होने के बावजूद कई जगहों पर बिजली के तार बाहर निकले हुए थे, जो किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे थे। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री का सख्त तेवर देखने को मिला। उन्होंने मौके से ही संबंधित विभाग के अधिकारियों को वीडियो कॉल की और उन्हें मोबाइल कैमरे के जरिए फुटपाथ की बदहाली दिखाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बेहद गंभीर लापरवाही है। एक तरफ विभाग फुटपाथ बनाता है दूसरी तरफ दूसरा विभाग उसे खोद देता है। विभागों के बीच समन्वय की भारी कमी है। प्लानिंग के अभाव में न केवल जनता को परेशानी हो रही है, बल्कि सरकारी धन की भी बर्बादी हो रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अधिकारी केवल ऑफिस में बैठकर शिकायतों का निस्तारण न करें बल्कि फील्ड में जाकर गुणवत्ता की जांच करें। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति होने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पूरे प्रदेश में चलेगा विशेष अभियान
मुख्यमंत्री ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को तत्काल निर्देश दिए कि पूरे उत्तराखंड में इस तरह की शिकायतों की सूची बनाई जाए। उन्होंने आदेश दिया कि जिन भी क्षेत्रों में सड़क या फुटपाथ काटकर छोड़ दिए गए हैं, उन्हें ठीक करने के लिए प्रदेशव्यापी अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का उद्देश्य जनता को सुविधा देना है न कि उनके लिए मुसीबत खड़ी करना।

स्थानीय निवासियों से संवाद
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय दुकानदारों और निवासियों से भी मुलाकात की। लोगों ने मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर अपनी अन्य समस्याएं भी साझा कीं। मुख्यमंत्री ने लोगों को आश्वस्त किया कि उनकी सरकार सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि के मंत्र पर काम कर रही है और सीएम हेल्पलाइन को इसी उद्देश्य के लिए और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।
अब नियमित होंगे औचक निरीक्षण
जाखन से लौटते समय मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि यह केवल एक बार की कार्रवाई नहीं है। उन्होंने कहा, मैं आगामी दिनों में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के दौरों पर इसी तरह बिना बताए शिकायतों का सत्यापन करने पहुंचूंगा। मुख्यमंत्री के इस कदम से सचिवालय से लेकर जिला स्तर के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।










