केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उत्तराखंड के बुनियादी ढांचे को लेकर कई बड़ी घोषणाएं की हैं। जनसभा को संबोधित करते हुए गडकरी ने बताया कि राज्य में 640 किलोमीटर ऑल वेदर रोड का काम पूरा हो चुका है और आने वाले समय में कनेक्टिविटी को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने केदारनाथ मार्ग पर 1300 करोड़ रुपये की लागत से रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग को दिसंबर 2026 तक और यमुनोत्री क्षेत्र में धरासू से यमुनोत्री तक के 2500 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। सरकार का विशेष जोर पहाड़ों में भूस्खलन रोकने पर है, जिसके लिए 4300 करोड़ रुपये के 296 कार्यों को मंजूरी दी गई है और 5800 करोड़ रुपये के अन्य कार्यों की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
परिवहन मंत्री ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रोपवे परियोजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि सोनप्रयाग से केदारनाथ (12 किमी) और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब (12.4 किमी) तक रोपवे बनाने का काम शुरू हो चुका है। इसके साथ ही सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण टनकपुर-पिथौरागढ़-लिपुलेख मार्ग को 5200 करोड़ रुपये की लागत से एक साल के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। शहरों में जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए हरिद्वार में 2300 करोड़ और देहरादून में 1700 करोड़ रुपये के बाईपास को मंजूरी दी गई है, जबकि देहरादून-मसूरी टू-लेन मार्ग की डीपीआर तैयार हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार अब तक उत्तराखंड को 1.30 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट दे चुकी है और 80 हजार करोड़ रुपये की योजनाएं अभी पाइपलाइन में हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को उत्तराखंड की नई लाइफलाइन बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से देश और प्रदेश के विकास की गति तेज हुई है। बाबा साहेब आंबेडकर की जयंती के अवसर पर बधाई देते हुए सीएम धामी ने विश्वास जताया कि इन विकास कार्यों के दम पर 2027 के चुनाव में भी जनता का आशीर्वाद भारतीय पार्टी को मिलेगा। गडकरी ने अंत में भरोसा दिलाया कि बेहतर सड़कों और टनल निर्माण से न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, जिससे उत्तराखंड का भविष्य पूरी तरह बदल जाएगा।










