पार्थसारथि थपलियाल भगवान शिव कैलास (हिमालय) में विराजते है, हिमालय की पुत्री, जो शिव जी की पत्नी देवी पार्वती हिमालय की अधिष्ठात्री देवी हैं। इसीदेवी के अनेक रूपों/ नामों से उत्तराखंड में गांव गांव में पूजा अर्चना होती है। कुछ देवियों के नाम हैं- नंदादेवी, भुवनेश्वरी, ज्वालपा देवी, सुरकंडा, चंद्रबदनी, धारी देवी, राजराजेश्वरी, बाल कुंवारी, कुंजापुरी, नैनादेवी, पूर्णागिरी, चंडीदेवी, मनसा देवी, कसार देवी, वाराही देवी, कालिका देवी, मैठाणादेवी आदि। भगवान विष्णु, बदरीनाथ रूप में हैं। भगवान शिव, केदारनाथ रूप में हैं। इनके पांच पांच रूप पंच बदरी और पंच केदार इसी देवभूमि में विराजमान हैं। हिमालय की कंदराओं में अनेक…
Author: teerandaj
Cloudburst In Uttarkashi : धराली हादसा अपने पीछे कई मार्मिक कहानियां छोड़ गया है। एक ऐसी ही कहानी 24 दोस्तों की है। 35 साल के बाद सबने एक दूसरे के साथ मिलकर बाहर जाने की योजना बनाई। तय हुआ कि चारधाम यात्रा पर चला जाए। वहीं सब एक साथ हो जाएंगे। आपदा वाले दिन यह ग्रुप धराली में ही था। तब से सभी लोग लापता है। परिजनों को उम्मीद है कि सभी 24 दोस्त सलामत होंगे। सभी लोग पुणे के अवसारी खुर्द गांव के थे। यह गांव पुणे शहर से लगभग 60 किलोमीटर दूर है। सभी दोस्त 1990 में 10वीं…
धराली आपदा से निपटने के लिए पूरा राज्य एकजुट है। सीएम धामी ने अपना एक माह का वेतन बचाव कार्यों के लिए चलाए जा रहे अभियान के लिए देने की घोषणा की। इसके अलावा उत्तराखंड आईएएस एसोसिएशन ने भी घोषणा की है कि राज्य के सभी भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अपना एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावित लोगों के साथ हर कदम पर खड़ी है और इस कठिन परिस्थिति में सभी को एकजुट होकर पीड़ितों की सहायता करनी चाहिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्वयंसेवी संगठनों एवं आम नागरिकों से…
Uttarakhand में निर्वाचन आयोग ने जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख के चुनाव का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। 11 अगस्त को नामांकन होंगे। इसके साथ ही 14 अगस्त को मतदान व मतगणना होगी। बतादें कि प्रदेश के 12 जिलों में हुए त्रिस्तरीय पंचायतों के लिए जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्राम प्रधान के कुल 10831 पदों के लिए चुनाव हुए। इनमें जिला पंचायत के 358 पद, क्षेत्र पंचायत के 2974 पद और ग्राम प्रधानों के 7499 पद शामिल हैं। प्रदेश में इस बार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव दो चरणों में कराए गए थे। इनमें कुल 69.16 प्रतिशत मतदान…
Cloudburst : सीएम पुष्कर सिंह धामी बृहस्पतिवार को धराली के साथ ही पौड़ी जिले में भुस्खलन और बादल फटने से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने पहुंचे। समाचार लिखे जाने तक सीएम क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत के साथ हेलीकाप्टर से थलीसैंण तहसील के बांकुड़ा सहित अन्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। वह सैंजी गांव भी पहुंचे। बतादेंकि पौड़ी जिले के थलीसैण विकास खंड के ग्राम सारसों चौथान में बुधवार को बादल फटने की घटना हुई थी। सड़क किनारे नेपाली मजदूरों के टेंट पर…
Cloudburst In Uttarkashi : धराली में युद्धस्तर पर बचाव अभियान जारी है। बचाव अभियान में सेना के 125 अधिकारी और जवान, आईटीबीपी के 83 अधिकारी और जवान भी लगे हुए हैं। बीआरओ के 6 अधिकारी, 100 से अधिक मजदूरों के साथ बाधित सड़कों को खोलने में जुटे हुए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी और नेतृत्व कर रहे हैं। खीर गंगा के साथ आया मलबा 10 से 20 फीट तक जमा है। ऐसे में राहत और बचाव कार्य, मलबे में दबे लोगों को निकालना भी बड़ा चुनौतीपूर्ण है। इसके अलावा रास्ते भी टूटे हुए…
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को धराली क्षेत्र का दौरा किया और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया और राहत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने मौके पर तैनात राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे कर्मियों से भी भेंट की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत सामग्री और सहायता समयबद्ध तरीके से सभी प्रभावितों तक पहुंचे। राहत कार्यों को गति देने के उद्देश्य से दो हेलीकॉप्टरों के माध्यम से आवश्यक खाद्य सामग्री और राहत सामग्री धराली क्षेत्र में पहुंचाई गई है।…
Uttarakhand में आपदा की दोहरी मार पड़ी है। उत्तरकाशी के बाद अब पौड़ी जिले के थलीसैण विकास खंड के ग्राम सारसों चौथान में बादल फटने की घटना हुई है। सड़क किनारे नेपाली मजदूरों के टेंट पर बादल फटने से दस नेपाली मजदूर लापता हैं। हालांकि, ग्रामीणों ने कुछ मजदूरों को बचा लिया है। जानकारी के मुताबिक, इस क्षेत्र में सड़क किनारे कुछ नेपाली मजदूरों ने टेंट लगाकर अस्थाई रूप से डेरा डाल रखा था। अचानक आए भारी बारिश और बादल फटने से मलबा सीधे टेंटों पर गिरा। करीब 10 नेपाली मजदूर लापता बताए जा रहे हैं। आशंका जताई जा रही…
Cloudburst In Uttrakhand : मंगलवार दोपहर में धराली में आई तबाही का पैटर्न 2013 में केदारनाथ में आए जलप्रलय की तरह ही था। ढाई घंटे में तीन बादल फटे थे। बुधवार सुबह भी सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस-प्रशासन की टीमें बचाव कार्य में लगी हैं। 130 से ज्यादा लोगों को अब सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। जबकि, जिला प्रशासन के मुताबिक चार लोगों की मौत हो चुकी है। अब भी 100 से अधिक लोग लापता हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मलबा इतना अधिक है कि बचाव कार्य में समय लग सकता है। भारी बारिश और लगातार हो…
Uttarakhand : जनपद रुद्रप्रयाग में लगातार हो रही बारिश के कारण श्री केदारनाथ धाम जाने वाला मोटर मार्ग सोनप्रयाग व गौरीकुंड के मध्य मलबा पत्थर आने से बाधित है, वहीं केदारघाटी से आने वाली मंदाकिनी नदी भी उफान पर है। इस संबंध में एसपी रुद्रप्रयाग अक्षय प्रल्हाद कोंडे ने बताया है कि आम जनमानस व श्रद्धालुओं की सुरक्षा के दृष्टिगत अग्रिम आदेशों तक केदारनाथ धाम यात्रा स्थगित की गई है। केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग में आए हुए श्रद्धालु जो जहां पर हैं, वहीं पर सुरक्षित रुकवाया गया है। उन्होंने बताया कि गौरीकुण्ड से केदारनाथ के मध्य कुछेक स्थानों पर पैदल…
Cloudburst : गंगोत्री धाम के प्रमुख पड़ाव धराली में खीरगंगा नदी में आई बाढ़ से क्षेत्र में तबाही मच गई है। उत्तरकाशी के हर्षिल क्षेत्र अंतर्गत गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित गंगोत्री धाम के प्रमुख पड़ाव कस्बा धराली में खीरगंगा में बादल फटने के कारण भारी नुकसान की सूचना है। वीडियो दिल दहलाने वाले हैं। डीएम प्रशांत आर्य ने बताया की धराली आपदा में अब तक चार लोगों की मौत हुई है। जबकि 50 से ज्यादा लोग लापता हैं। दो दर्जन से ज्यादा होटल होमस्टे तबाह हो चुके हैं। धरावी गांव देहरादून से 218 किमी दूर है। गंगोत्री धाम से…
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को श्री ब्रह्म निवास आश्रम, सप्तसरोवर रोड़, भूपतवाला में 50वें निर्वाण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर सीएम धामी ने कहा कि पूज्य सतगुरू लाल दास महाराज ने अपने जीवन में आध्यात्मिकता को प्राथमिकता देते हुए समाज को सेवा, सत्य और भक्ति के मार्ग पर चलने के लिए लोगों को प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूज्य सतगुरू लाल दास महाराज ने भक्ति को जन जन तक पहुंचाया है। उनकी वाणी में अद्भुत शक्ति थी और दृष्टि में भगवान बुद्ध के समान असीम करुणा थी। पूज्य सतगुरु ने…
सोमवार को सीएम पुष्कर सिंह धामी ने Uttarakhand के सचिवालय परिसर में मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के तहत राज्य स्तरीय कार्यक्रम का समस्त 95 विकासखंडों में शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा रक्षाबन्धन पर्व के लिए लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी बहनों ने राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने उपस्थित महिला स्वयं सहायता समूहों को रक्षाबंधन की अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा स्वरोजगार, महिला स्वालम्बन, स्थानीय उत्पादों व हस्तशिल्प में किए जा रहे कार्यों की…
उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चमोली जिले के अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शाह हसन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनपर शराब पीकर गाड़ी से बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मारने का आरोप है। स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया। विभाग का मानना है कि डॉ. के कृत्य से विभाग की छवि धूमिल हुई। जिससे स्वास्थ्य सेवा की गरिमा और जनता का विश्वास प्रभावित हुआ। दरअसल, रुद्रप्रयाग के तिलणी क्षेत्र में स्कॉर्पियो वाहन से दो बाइक सवार व्यक्तियों को टक्कर मार दी गई थी। जिसके चलते उन्हें…
उत्तराखंड में अगले 24 घंटे में भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग, देहरादून ने जारी की है। जनपद – बागेश्वर, देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, पौडी और टिहरी में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। खासकर मसूरी, डोईवाला, चकराता, रुड़की, लक्सर, देवप्रयाग, श्रीनगर, कपकोट, राम नगर, मुक्तेश्वर, कोटद्वार व इनके आस पास के क्षेत्रों मे भारी से बहुत भारी बारिश के साथ-साथ बिजली गिरने की आशंका है। इस वजह से पौड़ी जिले के समस्त विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में मंगलवार को अवकाश घोषित किया गया है। उधर, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने सोमवार…
Heavy Rains In Uttarakhand : राज्य में भारी बारिश के कारण सभी अफसरों को ग्राउंड जीरो यानी प्रभावित इलाकों में उतरने का आदेश धामी सरकार ने दिया है। अफसरों को निर्देश है कि अतिवृष्टि के कारण सड़कों के बाधित होने की स्थिति में उन्हें शीघ्र सुचारु किया जाए। पेयजल और विद्युत की लाइनें क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में यथाशीघ्र सुचारु की जाएं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि ग्रामीण संपर्क मार्ग बाधित होने की स्थिति में लोगों के आवागमन की वैकल्पिक व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित की जाए। जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूर्व से की…





















