Author: teerandaj

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सिलक्यारा टनल के ब्रेकथ्रू कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। ब्रेकथ्रू का मतलब सुरंग के आरपार हो जाना है। यानी, अब काम काम और तेजी से होगा। गौरतलब है कि वर्ष 2023 में सिलक्यारा सुरंग निर्माण के दौरान 41 श्रमिक 17 दिनों तक भीतर फंस गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के अंतर्गत सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। सिलक्यारा सुरंग चारधाम यात्रा की दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना है। लगभग 1384 करोड़ लागत की डबल लेन की इस सुरंग…

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काफी समय से अटकी पड़ी बीआरपी-सीआरपी के 955 पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिलेवार मेरिट के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। भर्ती के लिए आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों के लिए रोजगार प्रयाग पोर्टल को फिर से एक सप्ताह के लिए खोल दिया गया है। जिससे अभ्यर्थी मांगी गई समस्त शैक्षणिक जानकारी व कार्य अनुभव को पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड कर सके। यह जानकारी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दी है। उन्होंने कहा कि भर्ती पिछले काफी समय से लटकी थी, इस भर्ती को शुरू करने के लिए कौशल विकास एवं सेवा योजन…

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Uttarakhand सरकार राज्य में मोटे अनाज, सेब, कीवी और ड्रैगन की खेती पर 80 फीसदी तक सब्सिडी देगी। यह फैसला मंगलवार को धामी कैबिनेट ने लिया। बैठक में 25 प्रस्तावों पर चर्चा की गई। कीवी नीति के तहत सरकार ने राज्य में 2030-32 तक 3300 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 33 हजार मीट्रिक टन कीवी का उत्पादन करने का लक्ष्य बनाया है। वर्तमान में 682 हेक्टेयर में 381 मीट्रिक टन कीवी का उत्पादन हो रहा है। नीति के तहत 50 से 70 फीसदी की सब्सिडी दी जाएगी। अगर यह योजना सफल होती है तो उत्तराखंड देश में कीवी के बड़े उत्पादकों में…

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सर्वाइकल कैंसर के मरीजों के लिए एक अच्छी खबर है। दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) के डॉक्टरों ने एक ऐसा ब्लड टेस्ट तैयार किया है जिससे यह पता चल जाएगा कि इलाज का असर हो रहा है या नहीं। खास बात यह है कि यह टेस्ट टिश्यू बायोपसी की जगह ले सकता है। फिलहाल, बायोप्सी के सहारे ही इलाज की प्रगति की मॉनिटरिंग की जा रही है। रिसर्च के मुताबिक, इस टेस्ट में ब्लड सैंपल के जरिये ट्यूमर की कोशिकाओं का विश्लेषण किया जाता है। इस प्रक्रिया से शुरुआत में ही बीमारी पकड़ में आ जाएगी।…

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वर्षों से उत्तराखंड के लिए इस समस्या से जूझ रहे हैं। बातें बहुत हुईं लेकिन समाधान नहीं मिला। अब एक बार फिर उम्मीद जगी है। बात हो रही है कैंची धाम, रानीबाग और क्वारब में लगने वाले जाम की। हजारों लोग इसमें फंसते हैं। यह खबर एक दिन अखबारों की सूर्खियां बन जाती हैं। इसके अलावा कुछ नहीं होता। इस समस्या का समाधान हो सकता है, ऐसी उम्मीद जगाई है IIM काशीपुर । दरअसल, आईआईएम काशीपुर और कुमाऊं पुलिस ने एक साझा पहल की है। ट्रैफिक और पार्किंग की समस्याओं को समझने और सुलझाने के लिए एक फील्ड स्टडी शुरू…

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Uttarakhand के सभी कर्मचारियों और अधिकारियों की हाजिरी 1 मई से बायोमैट्रिक से लगेगी। इस बाबत मंगलवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि यदि विभाग में बायोमैट्रिक मशीनें स्थापित नहीं हैं अथवा पर्याप्त संख्या में नहीं हैं तो आवश्यक तैयारियां समय से पूरी की जाएं। पहले से स्थापित बायोमैट्रिक मशीनों में यदि कोई कमी है तो उसे ठीक किया जाए। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि विभागों द्वारा जनहित एवं राज्यहित में आवश्यक, महत्त्वपूर्ण एवं प्राथमिकता वाली योजनाओं की सूची तैयार की जाए, ताकि व्यापक जनहित में इन योजनाओं हेतु धनराशि…

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केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा (जेपी नड्डा) ने मंगलवार को एम्स ऋषिकेश के पांचवें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा, दीक्षांत समारोह एक विशेष अवसर है जो छात्रों की उपलब्धियों को मान्यता देता है। उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक गरीब व्यक्ति को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है। देश भर के एम्स संस्थानों की चिकित्सा शिक्षा और सेवाओं में उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि ‘इस सदी की शुरुआत तक भारत में केवल एक एम्स था, वहीं आज देश में 22 एम्स संचालित हो रहे हैं। उन्होंने…

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Chardham Yatra में इस बार तीर्थयात्रियों को बाबा के दर्शन के लिए दो-तीन किलोमीटर लंबी लाइन से छुटकारा मिलेगा। इसके लिए टोकन सिस्टम लागू किया गया है। हालांकि, पिछले साल भी यह सिस्टम लागू करने का प्रयास किया गया था। लेकिन, लागू नहीं किया जा सका। इस बार टोकन सिस्टम लागू करने की पुख्ता व्यवस्था की गई है। कहा जा रहा है कि चारधाम यात्रा में इस बार दर्शन के लिए टोकन सिस्टम को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। इस व्यवस्था से केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम में दर्शन के लिए तीर्थयात्रियों को घंटों लाइन में खड़ा नहीं…

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Uttarakhand : बैशाखी के शुभ अवसर पर उखीमठ स्थित श्री ओंकारेश्वर मंदिर एवं मक्कूमठ के श्री मर्करेटेश्वर मंदिर से पंचाग गणना के उपरांत द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर एवं तृतीय केदार श्री तुंगनाथ मंदिरों के कपाट खुलने की तिथियां घोषित की गईं। श्री मद्महेश्वर मंदिर के कपाट इस यात्रा वर्ष बुधवार 21 मई को कर्क लग्न में पूर्वाह्न 11:30 बजे वैदिक मंत्रोच्चार व विधि-विधान के साथ खोले जाएंगे। उखीमठ के श्री ओंकारेश्वर मंदिर में आचार्य वेदपाठियों द्वारा पंचांग गणना के बाद तिथि की घोषणा की गई। श्री तुंगनाथ जी के कपाट शुक्रवार 2 मई को पूर्वाह्न 10:15 बजे मिथुन लग्न में…

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धार्मिक एवं आध्यात्मिक चेतना से ओत-प्रोत धर्मनगरी हरिद्वार में प्रेम प्रकाश मंडल द्वारा नवनिर्मित माता कृष्णा उद्यान भी मानव सेवा का एक सुंदर उदाहरण है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में विभिन्न विकास कार्यों के साथ ही चारधाम यात्रा को सुगम एवं सुविधापूर्ण बनाने, गंगा की स्वच्छता तथा कुंभ 2027 के भव्य एवं सफल आयोजन के लिए सराहनीय कार्य किया जा रहा है। यह बातें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हरिद्वार में नवनिर्मित माता कृष्णा उद्यान के शुभारंभ समारोह में कहीं। ओम बिरला ने कहा कि प्रेम प्रकाश मंडल देशभर में विभिन्न स्थानों पर मानव सेवा का…

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैजनाथ भकुनखोला मैदान में आयोजित तीन दिवसीय कत्यूर महोत्सव का रविवार को वर्चुअल रूप से शुभारंभ किया। इस अवसर पर CM DHAMI ने गरुड़ में नगरीय पेयजल योजना को स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंटर कॉलेज गागरीगोल में विज्ञान वर्ग की मान्यता दी जाएगी और चक्रवर्तेश्वर मंदिर में घाट, सभाकक्ष निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। के.डी. पांडेय रामलीला मैदान में टिनशेड का निर्माण किया जाएगा एवं कत्यूर महोत्सव के आयोजन हेतु 2 लाख रुपये की धनराशि प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने वर्चुअल संबोधन में कहा कि बैजनाथ की यह ऐतिहासिक भूमि 7वीं सदी…

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हमनें प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू करने जैसा ऐतिहासिक कार्य किया है। इसके माध्यम से जाति, धर्म और लिंग आदि के आधार पर कानूनी मामलों में होने वाले भेदभाव को पूर्ण रूप से खत्म कर प्रदेश के सभी नागरिकों को समान अधिकार देने का प्रयास किया गया है। इसके साथ ही, हमारी सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। आज एक ओर जहां, केदारनाथ धाम एवं बद्रीनाथ धाम में वृहद स्तर पर पुनर्निमार्ण के कार्य किए जा हैं वहीं, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरीडोर के निर्माण…

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Uttarakhand High Court news

नैनीताल हाईकोर्ट ने देहरादून के विकासनगर में झुग्गीवालों को बड़ी राहत दी है। बुलडोजर एक्शन पर रोक लगाते हुए कहा कि झुग्गीवालों को पर्याप्त सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया। नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार से 15 अप्रैल तक स्थिति स्पष्ट करने का आदेश दिया है। साथ ही कोर्ट ने कहा कि रसूखदारों पर क्यों नहीं कार्रवाई की जा रही है। अतिक्रमण पर बुलडोजर एक्शन के मामले में सुनवाई करते हुए नैनीताल हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की है। मामले में चयनात्मक कार्रवाई का आरोप लगाया गया है। शनिवार को अवकाश के बाद भी मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी नरेंद्र व न्यायमूर्ति…

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Uttarakhand … अब इसे क्या कहा जाए। लापरवाही और अनदेखी जैसे शब्द छोटे जान पड़ रहे हैं। जागेश्वर धाम के निकट चार गांवों की बात हो रही है। इनके नाम हैं भागरतौला, चमूवा, कपूकोली, पापगड़ और कदौरी। इनके संपर्क मार्ग को पक्का करने का काम 2016 से चल रहा है। 2025 अप्रैल तक जारी है। नौ सालों बाद भी ग्रामीणों में उम्मीद नजर नहीं आ रही है। क्योंकि काम ठप है। नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (NABARD) के तहत स्वीकृत चार करोड़ 71 लाख की इस योजना उद्देश्य था कि इन दुर्गम गांवों को मुख्य बाजार और अल्मोड़ा…

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27 मार्च को लैंसेट एचआईवी जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में कहा गया है कि दुनिया के बड़े देशों जैसे-अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और नीदरलैंड की ओर से HIV वायरस की फंडिंग में कटौती करने के कारण अगले पांच सालों में यानी 2030 तक एक करोड़ से ज्यादा लोग इस संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं। साथ ही 30 लाख लोगों की मौत भी हो सकती है। ये पांच देश इस मद में 90 फीसदी से ज्यादा योगदान देते हैं। इस फंड की मदद से जागरूकता कार्यक्रम के साथ उपचार भी किया जाता है। बतादें कि दुनिया के प्रमुख देश…

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जायका पहाड़ का … भारतीय खाद्य परंपरा में मंडुआ यानी रागी या फिंगर मिलेट एक प्राचीन अनाज के रूप में जाना जाता है, जिसे उत्तराखंड और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में ‘सर्दियों का राजा’ कहा जाता है। इसके आटे से तैयार बिस्कुट न केवल स्वादिष्ट हैं, बल्कि पोषण से भरपूर और स्वास्थ्यवर्धक भी है। मंडुआ मोटे अनाज की श्रेणी में आता है। यूं तो मंडुआ ग्रामीण आंचलों में काफी जाना-पहचाना अनाज है लेकिन जब से सरकार ने साल 2023 को मिलिट वर्ष घोषित किया है तब से मंडुआ का नाम हर किसी की जुबान पर है। मंडुआ के बिस्कुट के पोषण…

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